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Patiala News: फिरोजपुर-पट्टी रेल लिंक परियोजना मंजूर<bha>;</bha> अमृतसर की दूरी 91, खेमकरण की 204 किमी घटेगी

Wed, 12 Nov 2025 07:17 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 12 Nov 2025 07:17 PM IST
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Firozpur-Patti rail link project approved; distance to Amritsar reduced by 91 km, to Khemkaran by 204 km
-बाॅर्डर एरिया में सैनिकों, उपकरणों व अन्य सामान की आपूर्ति की जल्द आवाजाही होगी सुनिश्चित
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-राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र के पोर्ट तक पहुंच और आसान होगी, व्यापार भी बढ़ेगा
-25.72 किमी लंबी लाइन, अनुमानित लागत 764.19 करोड़, भूमि अधिग्रहण के 166 करोड़ भी रेलवे वहन करेगा
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अमर उजाला ब्यूरो/संवाद चंडीगढ़/फिरोजपुर। पंजाब में फिरोजपुर-पट्टी रेल लिंक परियोजना को मंजूरी मिल गई है। इस परियोजना के सिरे चढ़ने से जहां पंजाब के बॉर्डर एरिया में सैनिकों, उपकरणों व अन्य सामान की आपूर्ति की जल्द आवाजाही सुनिश्चित होगी, वहीं फिरोजपुर से अमृतसर की दूरी 91 और खेमकरण की दूरी 204 किलोमीटर तक घट जाएगी। इसके अलावा राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र के पोर्ट तक पहुंच और आसान होगी। इससे पंजाब के उद्यमियों व कारोबारियों को बड़ा फायदा होगा और व्यापार बढ़ेगा। इस परियोजना के अंतर्गत ब्यास नदी पर करीब 400 करोड़ रुपये का पुल भी तैयार होगा।
यह नई रेल लाइन 25.72 किलोमीटर लंबी होगी जिसकी अनुमानित लागत 764.19 करोड़ रुपये रहेगी। खास बात यह कि इसके लिए पंजाब सरकार केंद्र को निशुल्क जमीन देगी और किसानों को दिए जाने वाले अधिग्रहण मुआवजे का पूरा खर्च रेलवे वहन करेगा जो अभी तक अनुमानित 166 करोड़ बनता है। रेलवे ने पंजाब के मुख्य सचिव को भूमि के शीघ्र अधिग्रहण के लिए पत्र भेज दिया है।
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चंडीगढ़ में इस नई रेल लाइन की घोषणा करते हुए केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने दावा किया कि इस परियोजना से लगभग 10 लाख लोगों को लाभ होगा और करीब 2.5 लाख रोजगार के अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि यह परियोजना रणनीतिक और आर्थिक दोनों दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे फिरोजपुर और अमृतसर के बीच की दूरी 196 किलोमीटर से घटकर लगभग 107 किलोमीटर रह जाएगी जबकि जम्मू-फिरोजपुर-फाजिल्का-मुंबई कॉरिडोर की दूरी 236 किलोमीटर कम हो जाएगी। इसी तरह फिरोजपुर-खेमकरण की दूरी 273 से घटकर 69 किलोमीटर हो जाएगी। मंत्री ने कहा, यह परियोजना मालवा और माझा क्षेत्रों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी सिद्ध होगी जिससे क्षेत्रीय संपर्क और लॉजिस्टिक दक्षता में सुधार होगा। नई रेल लाइन जालंधर-फिरोजपुर और पट्टी-खेमकरण मार्गों को जोड़ेगी जिससे अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट एक सीधा और वैकल्पिक संपर्क स्थापित होगा। यह मार्ग रणनीतिक रक्षा महत्व वाले क्षेत्रों से होकर गुजरेगा।
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रोज 3,500 यात्रियों का सुविधा
इस परियोजना से बड़े पैमाने पर सामाजिक और आर्थिक फायदे होंगे। यह रेल लाइन प्रतिदिन 2,500 से 3,500 यात्रियों के लिए सुविधा प्रदान करेगी जिससे विशेष रूप से छात्रों, कर्मचारियों और ग्रामीण मरीजों को लाभ पहुंचेगा। रेल मंत्री ने कहा कि यह नया मार्ग विभाजन के समय खोए हुए खेमकरण तक ऐतिहासिक रूट को पुनर्जीवित करेगा। मौके पर अंबाला के डीआरएम विनोद भाटिया, सीपीएम/निर्माण अजय वार्ष्णेय, सीपीएम/आरएलडीए बलबीर सिंह, फिरोजपुर के एडीआरएम नितिन गर्ग व ईडीपीज धनंजय सिंह भी मौजूद रहे।
साल 2008 से अटका था प्रोजेक्ट
यह महत्वाकांक्षी परियोजना साल 2008 से फाइलों में ही उलझी हुई थी। इसके लिए पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल व कैप्टन अमरिंदर सिंह तत्कालीन रेल मंत्रियों लालू प्रसाद यादव व सुरेश प्रभु को पत्र लिख चुके हैं। मंत्री बिट्टू ने बताया कि पेच इस बात पर फंसा था कि पंजाब सरकार इस परियोजना के लिए निशुल्क जमीन नहीं देना चाहती थी। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया था कि पंजाब की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है लिहाजा वह अधिग्रहण की जाने वाली जमीन का मुआवजा नहीं दे पाएगा मगर पंजाबियों के लिए यह परियोजना बहुत महत्वपूर्ण है। इस पर केंद्र सरकार ने तुरंत मुआवजा राशि वहन करने की स्वीकृति दे दी। अब जल्द से जल्द पंजाब सरकार भूमि उपलब्ध करवा दे।

12 गांवों की 165.69 हेक्टेयर जमीन का होगा अधिग्रहण
परियोजना के अंतर्गत 12 गांवों की 165.69 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण होगा। इनमें फिरोजपुर के चार गांव दुल्ला सिंह वाला, कुतुबदीन वाला, काले के हेथर व मल्लनवाला खास की 70.01 हेक्टेयर व तरनतारन जिले के आठ गांव कोट बुड्डा, सफा सिंह वाला, कालेके उतर, तलवंडी सोबा सिंह, तलवंडी मस्तदा सिंह, मानेके जंड, मान और बंगला राय की 95.68 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जाएगी। इसका सर्वे गुरुनानक यूनिवर्सिटी की ओर से करवाया जा चुका है।
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