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Patiala: जमीन पर कब्जे को लेकर किसान और पुलिस आमने-सामने, पुलिस ने कई किसानों को हिरासत में लिया
Wed, 23 Jul 2025 12:21 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Wed, 23 Jul 2025 12:21 PM IST
सार
किसान नेता सुखविंदर सिंह बारन ने कहा कि गांव जाहलां में प्रशासन ने किसानों पर अत्याचार किया है। बाईपास बनाने के लिए जमीन पर कब्जा किया जा रहा है।
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पटियाला में पुलिस और किसान आमने सामने
- फोटो : वीडियो ग्रैब
विस्तार
पटियाला के गांव जाहलां में जमीन पर कब्जे को लेकर पुलिस और किसानों के बीच टकराव हुआ है। इस दौरान पुलिस ने बड़ी संख्या में किसानों को हिरासत में लिया।
किसान नेता सुखविंदर सिंह बारन ने कहा कि गांव जाहलां में प्रशासन ने किसानों पर अत्याचार किया है। बाईपास बनाने के लिए जमीन पर कब्जा किया जा रहा है। बाईपास के लिए 18 एकड़ जमीन मांगी जा रही है और जब किसान मुआवजे की मांग करते हैं तो उन्हें कहा जाता है कि आपका मुआवजा जल्दी दे दिया जाएगा। एक तरफ किसान कहते हैं कि यह उनकी जगह है और दूसरी तरफ सरकार कहती है कि यह उनकी जगह है।
सरकार ने कोर्ट में कहा कि हमने 1952 में डेरावाद खत्म कर दिया था। पहले इस जमीन को लेकर डेरा के महंत आत्मा राम और किसानों के बीच अक्सर विवाद होता रहता था और अब प्रशासन बिना कोई नोटिस दिए इस जमीन पर कब्जा कर रहा है। कई किसानों को पुलिस ने गिरफ्तार किया और चार बसों में सामान भरकर ले गई।
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किसान नेता सुखविंदर सिंह बारन ने कहा कि गांव जाहलां में प्रशासन ने किसानों पर अत्याचार किया है। बाईपास बनाने के लिए जमीन पर कब्जा किया जा रहा है। बाईपास के लिए 18 एकड़ जमीन मांगी जा रही है और जब किसान मुआवजे की मांग करते हैं तो उन्हें कहा जाता है कि आपका मुआवजा जल्दी दे दिया जाएगा। एक तरफ किसान कहते हैं कि यह उनकी जगह है और दूसरी तरफ सरकार कहती है कि यह उनकी जगह है।
सरकार ने कोर्ट में कहा कि हमने 1952 में डेरावाद खत्म कर दिया था। पहले इस जमीन को लेकर डेरा के महंत आत्मा राम और किसानों के बीच अक्सर विवाद होता रहता था और अब प्रशासन बिना कोई नोटिस दिए इस जमीन पर कब्जा कर रहा है। कई किसानों को पुलिस ने गिरफ्तार किया और चार बसों में सामान भरकर ले गई।
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