पाकिस्तान में हिंदू मंदिर गिराया: विश्व हिंदू परिषद नाराज, कहा-मदरसा बनाने के लिए ढहाया 100 साल पुराना मंदिर
विश्व हिंदू परिषद के प्रवक्ता सुरेंद्र जैन ने पाकिस्तान में सौ साल पुराने हिंदू मंदिर को गिराए जाने की घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में आज एक सौ साल पुराना मंदिर गिरा दिया गया। जैन ने बताया कि जिहादियों ने मदरसा बनाने के उद्देश्य से इसे तोड़ा है।
विस्तार
#WATCH | Patiala, Punjab | On demolition of a 100-year-old Hindu temple in Pakistan, Vishwa Hindu Parishad (VHP) spokesperson Surendra Jain says, "Today, a 100-year-old temple was demolished in Pakistan. Jihadis tore it down to build a madrasa... Just two months ago, a… pic.twitter.com/syMiOUXSN4
— ANI (@ANI) September 2, 2026विज्ञापन
विश्व हिंदू परिषद के प्रवक्ता सुरेंद्र जैन ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में आज एक सौ साल पुराना मंदिर गिरा दिया गया। जैन ने बताया कि जिहादियों ने मदरसा बनाने के उद्देश्य से इसे तोड़ा है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि सिर्फ दो महीने पहले एक सौ पचास साल पुराना गुरुद्वारा भी गिराया गया था। उस गुरुद्वारे की जगह पर भी मदरसा बनाया जाना है। जैन ने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान में हिंदुओं और सिखों दोनों के लिए जीवन बेहद मुश्किल हो गया है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वे पाकिस्तान सरकार पर दबाव डालें। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वहां हिंदुओं और सिखों को सम्मान के साथ जीने का अवसर मिल सके।
पाकिस्तान में 200 साल पुराने गुरुद्वारे को गिराने का आरोप
पाकिस्तान के बलूचिस्तान में करीब 200 साल पुराने गुरुद्वारा साहिब को कथित तौर पर गिराए जाने का मामला सामने आया है। पूर्व सांसद अविनाश राय खन्ना ने इस पर कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने केंद्रीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखकर मामले को पाकिस्तान सरकार के समक्ष उठाने की मांग की है।
खन्ना ने गुरुद्वारे के पुनर्निर्माण और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की। एक रिपोर्ट के अनुसार गुरुद्वारे को गिराकर वहां बाजार परिसर बनाया जा रहा है। रिपोर्ट में पाकिस्तान में सिखों के ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों की स्थिति पर चिंता जताई गई है। दावा है कि कभी वहां 12 गुरुद्वारे थे, जिनकी संख्या अब घटकर केवल दो रह गई है। धार्मिक संपत्ति की जमीन एक निजी बिल्डर को दिए जाने पर सवाल उठे हैं। भारत में सिख समुदाय में इस खबर से रोष है।
खन्ना ने कहा कि गुरुद्वारे केवल धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि सिख इतिहास और विरासत से जुड़ी अमूल्य धरोहर हैं। व्यावसायिक गतिविधियों के लिए इन्हें नुकसान पहुंचाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने विदेश मंत्रालय से पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की जान-माल और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा का मुद्दा उठाने को कहा। खन्ना ने मामले की निष्पक्ष जांच और गुरुद्वारे के पुनर्निर्माण के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की। केंद्र सरकार से राजनयिक एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आवाज उठाने का आग्रह किया गया है।