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पीएम का चपरासी बताकर लाखों की ठगी
ब्यूरो, अमर उजाला, पटियाला
Updated Sat, 25 Jun 2016 02:34 PM IST
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धोखाधड़ी
- फोटो : डेमो फोटो
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खुद को पीएम का चपरासी बताकर लाखों की ठगी करने का मामला सामने आया है। आरोपी ने दो लोगों से उन्हें नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये लिए। बाद में न तो उन्हें नौकरी पर लगवाया और न ही पैसे वापस किए। आरोपी के खिलाफ त्रिपड़ी थाना पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। फिलहाल आरोपी फरार हैं। पुलिस के मुताबिक आरोपी पहले भी कई लोगों को ठग चुका है।
मामले के जांच अधिकारी थाना त्रिपड़ी के एएसआई जगरूप सिंह ने बताया कि कुलदीप सिंह निवासी गांव नजदीक पेट्रोल पंप चौरा रोज गांव सन्नौर पटियाला ने खुद को पीएम नरेंद्र मोदी का चपरासी बताकर शिकायतकर्ता कमल कुमार निवासी दशमेश नगर-ए त्रिपड़ी को झांसा दिया। उसने कहा कि वह उसकी राजीव गांधी नेशनल ला यूनिवर्सिटी में बतौर हेड क्लर्क नौकरी लगवा देगा। इसके लिए उसे आठ लाख रुपये देने पड़ेंगे। बाद में सौदा साढ़े छह लाख रुपये में तय हो गया। यह रकम शिकायतकर्ता ने आरोपी कुलदीप सिंह को दे भी दी।
इसी तरह से आरोपी ने शिकायतकर्ता के एक दोस्त गुरप्रीत सिंह निवासी एकता विहार कालोनी को झांसा दिया कि वह उसकी विजिलेंस विभाग में कंप्यूटर सेक्शन में नौकरी लगवा देगा। उसने उससे नौकरी लगवाने के लिए आठ लाख रुपये ले लिए। पुलिस के मुताबिक शिकायतकर्ता के सामने आरोेपी ने खुद को सच में मोदी का चपरासी दिखाने के लिए दिल्ली कई बार फोन किए। इससे पहले सन्नौर में भी आरोपी ने किसी व्यक्ति को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगा था। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस तरह के धोखाधड़ी के कई मामले सामने आ सकते हैं।
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मामले के जांच अधिकारी थाना त्रिपड़ी के एएसआई जगरूप सिंह ने बताया कि कुलदीप सिंह निवासी गांव नजदीक पेट्रोल पंप चौरा रोज गांव सन्नौर पटियाला ने खुद को पीएम नरेंद्र मोदी का चपरासी बताकर शिकायतकर्ता कमल कुमार निवासी दशमेश नगर-ए त्रिपड़ी को झांसा दिया। उसने कहा कि वह उसकी राजीव गांधी नेशनल ला यूनिवर्सिटी में बतौर हेड क्लर्क नौकरी लगवा देगा। इसके लिए उसे आठ लाख रुपये देने पड़ेंगे। बाद में सौदा साढ़े छह लाख रुपये में तय हो गया। यह रकम शिकायतकर्ता ने आरोपी कुलदीप सिंह को दे भी दी।
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इसी तरह से आरोपी ने शिकायतकर्ता के एक दोस्त गुरप्रीत सिंह निवासी एकता विहार कालोनी को झांसा दिया कि वह उसकी विजिलेंस विभाग में कंप्यूटर सेक्शन में नौकरी लगवा देगा। उसने उससे नौकरी लगवाने के लिए आठ लाख रुपये ले लिए। पुलिस के मुताबिक शिकायतकर्ता के सामने आरोेपी ने खुद को सच में मोदी का चपरासी दिखाने के लिए दिल्ली कई बार फोन किए। इससे पहले सन्नौर में भी आरोपी ने किसी व्यक्ति को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगा था। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस तरह के धोखाधड़ी के कई मामले सामने आ सकते हैं।
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