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अपहरण, कत्ल केस में पूर्व डीजीपी समेत चार पूर्व पुलिस अफसर बरी

Sun, 04 Dec 2016 03:36 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला रोपड़
ब्यूरो, अमर उजाला रोपड़ Updated Sun, 04 Dec 2016 03:36 PM IST
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Kidnapping, murder case, former DGP,  the victim's family announced to the High Court, Ropar
रोपड़ में अदालत का फैसला आने के बाद प्रतिक्रिया व्यक्त करते वादी पक्ष के लोग। - फोटो : अमर उजाला
जिला अदालत ने 26 साल पुराने अपहरण और कत्ल के मामले में पंजाब के पूर्व डीजीपी एसके शर्मा समेत चार पूर्व पुलिस अधिकारियों को बरी कर दिया। वहीं पूर्व पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अदालत में केस दायर करने वाले परिवार ने इस मामले को लेकर हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की बात कही है। अदालत का फैसला पूर्व पुलिस अधिकारियों के पक्ष में आते ही मृतक की बहन ने जसवीर कौर और भाई सतविंदरपाल सिंह ने अदालत कांप्लेक्स में अलगाववादी नारे लगाए। 
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 जिला के ब्लाक मोरिंडा के गांव अमराली वासी कुलदीप सिंह पुत्र अजैब सिंह के कथित तौर पर अपहरण और कत्ल के मामले में जिला सेशन जज बीएस संधु की अदालत ने पंजाब पुलिस के पूर्व डीजीपी सतीश कुमार शर्मा, पूर्व डीआईजी एसपीएस बसरा, पूर्व डीएसपी बलकार सिंह और पूर्व एएसआई गुरचरन सिंह को संदेह का लाभ देते हुए बरी किया। 
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अदालत का आदेश आने के बाद मोरिंडा के गांव अमराली वासी अजैब सिंह ने बताया कि 24 अक्तूबर 1990 के उसका बेटा कुलदीप सिंह अपनी बहन जसवीर कौर के साथ मोरिंडा में दवाई लेने के लिए गया था। कृष्णा मंडी से पुलिस कुलदीप सिंह को जबरन उठा कर ले गई।
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इसके बाद उन्हें कुलदीप सिंह के बारे में कुछ पता नहीं लगा। जसवीर कौर ने कुलदीप सिंह को उठाने वाले पुलिस अधिकारियों को पहचान लिया था। उन्होंने बताया कि वर्ष 1991 में एक अंग्रेजी अखबार में छपी खबर के अनुसार पुलिस ने कुलदीप सिंह को एक एनकाउंटर में मार दिया। 

इसके बाद उन्होंने इस मामले की पैरवी की। इस पर पुलिस ने वर्ष 1998 में अज्ञात पुलिस अधिकारियों पर मामला दर्ज किया था। इसके बाद मामले का कोर्ट में ट्रायल शुरू हुआ। ट्रायल के दौरान कुलदीप सिंह के ताया की लड़की (बहन) जसवीर कौर पत्नी सुरिंदर सिंह ने कोर्ट में उक्त चारो पुलिस अधिकारियों के नाम लिए। इस पर जिला अदालत ने वर्ष 2014 में उक्त पुलिस अधिकारियों पर अपहरण और कत्ल की धाराओं के तरह चार्ज फेम कर दिए। 

अजैब सिंह ने कहा कि वह मामले की वह जुडीशियल जांच की मांग करेंगे और हाईकोर्ट व सुप्रीमकोर्ट तक भी लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि उनके साथ बेइंसाफी हुई है। कुलदीप सिंह के ताये की लड़की (बहन) जसवीर कौर पत्नी सुरिंदर सिंह ने कहा कि पुलिस ने उसके सामने ही उसके भाई कुलदीप सिंह को उठाया था। उसने उन सभी पुलिस अधिकारियों को पहचाना था। 26 साल त् इंतजार करने के बाद भी उसके परिवार को इंसाफ नहीं मिला। कुलदीप सिंह के ताया के लड़के (भाई) सतविंदरपाल सिंह ने कहा कि वह मामले को लेकर हाईकोर्ट जाएंगे। 


‘घर, जमीन बिकने के बाद भी नहीं मिला इंसाफ’
मृतक कुलदीप सिंह के पिता अजैब सिंह और माता गुरमीत कौर अपने छोटे भाई अनूप सिंह के पुत्र सतविंदरपाल सिंह के पास रहते है। बलविंदर कौर पत्नी सतविंदरपाल सिंह ने बताया कि इस मामले की पैरवी में अजैब सिंह की तीन एकड़ जमीन और गांव का घर तक बिक गया। इसके बाद वह दोनो उनके पास ही रह रहे है और उन पर ही निर्भर है। उन्होंने बताया कि उनकी चार एकड़ जमीन भी इस मामले के कारण गिरवी पड़ी है। अनूप सिंह की बेटी जसवीर कौर पत्नी सुरिंदर सिंह ने कहा कि पुलिस केस को लेकर उसके पति को भी परेशान कर रही थी, जिसके कारण वह छह महीने से अपना ससुराल परिवार छोड़ कर अपने भाई के पास आ गई। पिछले कुछ समय में कुछ अज्ञात लोगों ने उसके पति का  एक्सीडेंट कर चोटें पहुंचाई हैं। इसमें भी उसे पुलिस पर ही शक है।

 
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