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नशा छुड़ाओ केंद्र में नौजवान ने लगाया फंदा
फतेहगढ़ साहिब
Updated Tue, 14 Mar 2017 03:09 PM IST
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suicide
- फोटो : डेमो फोटो
सिविल अस्पताल में चल रहे नशा छुड़ाओ केंद्र में एक नौजवान ने पंखे से फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। मृतक की पहचान फतेहगढ़ साहिब के गांव करीमपुरा के वरिंदरपाल सिंह के तौर पर हुई है।
वरिंदरपाल 10 मार्च को नशा छुड़ाओ केंद्र में इलाज के लिए भर्ती किया गया था। मृतक के भाई धरमिंदर सिंह ने बताया कि उसका भाई शराब पीने का आदी था। लत छुड़ाने के लिए उसे अस्पताल में दाखिल करवाया था। कैंटीन में खाना खाने के बाद वरिंदरपाल ने आत्महत्या कर ली। उन्होंने नशा केंद्र के अधिकारियों पर लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं और इस मामले की जांच की मांग की है।
सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में उपस्थित सीनियर डॉ. नवदीप सिंह बराड़ ने बताया कि जब इमरजेंसी में वरिंदरपाल सिंह को लाया गया था, तब उसकी मौत हो चुकी थी।
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नशा छुड़ाओ केंद्र के नर्सिंग स्टाफ सदस्य रमनप्रीत सिंह ने बताया कि वरिंदरपाल को दवा दी गई थी। उसके साथ रहते व्यक्ति बाहर टीवी देखने चले गए और इसी दौरान वरिंदरपाल सिंह ने खुदखुशी कर ली।
सुबह ही वरिंदरपाल सिंह के टेस्ट किए गए थे जो सभी नार्मल थे और कोई भी ऐसी बात नहीं थी जिस से पता चलता हो कि वह डिप्रेशन में थे। मृतक के परिवार के दोनों सदस्य भी साथ में ही रहते थे।
थाना मुखी सुखविंदर सिंह ने बताया कि मामले के लिए परिजनों से जानकारी ली जा रही है। उसके बाद ही कोई कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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वरिंदरपाल 10 मार्च को नशा छुड़ाओ केंद्र में इलाज के लिए भर्ती किया गया था। मृतक के भाई धरमिंदर सिंह ने बताया कि उसका भाई शराब पीने का आदी था। लत छुड़ाने के लिए उसे अस्पताल में दाखिल करवाया था। कैंटीन में खाना खाने के बाद वरिंदरपाल ने आत्महत्या कर ली। उन्होंने नशा केंद्र के अधिकारियों पर लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं और इस मामले की जांच की मांग की है।
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सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में उपस्थित सीनियर डॉ. नवदीप सिंह बराड़ ने बताया कि जब इमरजेंसी में वरिंदरपाल सिंह को लाया गया था, तब उसकी मौत हो चुकी थी।
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नशा छुड़ाओ केंद्र के नर्सिंग स्टाफ सदस्य रमनप्रीत सिंह ने बताया कि वरिंदरपाल को दवा दी गई थी। उसके साथ रहते व्यक्ति बाहर टीवी देखने चले गए और इसी दौरान वरिंदरपाल सिंह ने खुदखुशी कर ली।
सुबह ही वरिंदरपाल सिंह के टेस्ट किए गए थे जो सभी नार्मल थे और कोई भी ऐसी बात नहीं थी जिस से पता चलता हो कि वह डिप्रेशन में थे। मृतक के परिवार के दोनों सदस्य भी साथ में ही रहते थे।
थाना मुखी सुखविंदर सिंह ने बताया कि मामले के लिए परिजनों से जानकारी ली जा रही है। उसके बाद ही कोई कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।