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BSF Jawan: चार दिन बाद भी बीएसएफ जवान को पाकिस्तान ने नहीं किया रिहा, चिंता बढ़ी... अफसरों से संपर्क की कोशिश
Mon, 28 Apr 2025 08:55 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, फिरोजपुर/ममदोट
अमर उजाला नेटवर्क, फिरोजपुर/ममदोट
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 28 Apr 2025 08:55 AM IST
सार
चार दिन बाद भी बीएसएफ जवान को पाकिस्तान ने रिहा नहीं किया है। अफसरों से संपर्क करने की कोशिश की जा रही है ताकि रिहाई हो सके।
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बीएसएफ जवान पीके सिंह।
- फोटो : संवाद
विस्तार
पाकिस्तानी रेंजर्स ने चार दिन बीतने के बाद भी बीएसएफ जवान पीके शाह को रिहा नहीं किया है। वहीं, उसके परिजन बीएसएफ अधिकारियों से संपर्क साध उसकी रिहाई संबंधी पूछ रहे हैं।
खुफिया सूत्रों के मुताबिक बीएसएफ पीके शाह की रिहाई के लिए पाक रेंजर्स से फ्लैग मीटिंग करने के प्रयास में लगी है, लेकिन कोई सफलता हाथ लगती नजर नहीं आ रही है। शाह की पत्नी ने कहा कि रिहाई न होने से चिंता बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि अफसरों से संपर्क करने की कोशिश की जा रही है ताकि रिहाई हो सके।
संबंधों की खटास से रिहाई में हो रही देरी
बीएसएफ के कुछ जवानों का कहना है कि इस प्रकार की घटनाएं दोनों देशों के बीच होती रहती थीं, क्योंकि पंजाब से सटी भारत-पाकिस्तान की सीमा लगभग 553 किलोमीटर लंबी है।
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बीएसएफ व पाक रेंजर्स फ्लैग मीटिंग कर एक-दूसरे के नागरिक छोड़ देते थे। उक्त जवान पहलगाम में हुए आतंकी हमले से दोनों देशों में खराब हुए संबंधों के दौरान पकड़ा गया है, इसलिए उसकी रिहाई में दिक्कत आ रही है।
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खुफिया सूत्रों के मुताबिक बीएसएफ पीके शाह की रिहाई के लिए पाक रेंजर्स से फ्लैग मीटिंग करने के प्रयास में लगी है, लेकिन कोई सफलता हाथ लगती नजर नहीं आ रही है। शाह की पत्नी ने कहा कि रिहाई न होने से चिंता बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि अफसरों से संपर्क करने की कोशिश की जा रही है ताकि रिहाई हो सके।
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संबंधों की खटास से रिहाई में हो रही देरी
बीएसएफ के कुछ जवानों का कहना है कि इस प्रकार की घटनाएं दोनों देशों के बीच होती रहती थीं, क्योंकि पंजाब से सटी भारत-पाकिस्तान की सीमा लगभग 553 किलोमीटर लंबी है।
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बीएसएफ व पाक रेंजर्स फ्लैग मीटिंग कर एक-दूसरे के नागरिक छोड़ देते थे। उक्त जवान पहलगाम में हुए आतंकी हमले से दोनों देशों में खराब हुए संबंधों के दौरान पकड़ा गया है, इसलिए उसकी रिहाई में दिक्कत आ रही है।
बीएसएफ ने कई बार दिखाई दरियादिली
बीएसएफ ने कई बार दरियादिली दिखाई है कि जब कभी पाकिस्तानी नागरिक सीमा लांघ कर भारतीय इलाके में घुस आता था तो बीएसएफ उसे पकड़ने के बाद फ्लैग मीटिंग कर उसे पाकिस्तानी रेंजर्सों के हवाले कर देती थी। यह एक ऐसा मामला सामने आया है कि 48 घंटे से अधिक समय बीतने के बाद भी पाकिस्तान ने बीएसएफ के जवान को फ्लैग मीटिंग करने के बाद भी रिहा नहीं किया है।
बीएसएफ ने कई बार दरियादिली दिखाई है कि जब कभी पाकिस्तानी नागरिक सीमा लांघ कर भारतीय इलाके में घुस आता था तो बीएसएफ उसे पकड़ने के बाद फ्लैग मीटिंग कर उसे पाकिस्तानी रेंजर्सों के हवाले कर देती थी। यह एक ऐसा मामला सामने आया है कि 48 घंटे से अधिक समय बीतने के बाद भी पाकिस्तान ने बीएसएफ के जवान को फ्लैग मीटिंग करने के बाद भी रिहा नहीं किया है।
पाकिस्तान की तरफ से नहीं है फेंसिंग
आपको बता दें कि कई बार पाकिस्तानी गांव से बच्चे और लोग गलती से भारत की सीमा में घुस जाते हैं क्योंकि पाकिस्तान की तरफ कोई फेंसिंग नहीं लगी है सिर्फ एक सफेद पिल्लर है वह भी काफी दूरी पर लगे हैं। जबकि इंडिया की तरफ जो फेंसिंग की गई है उस तरफ भी भारत की काफी जमीन है। ऐसे में कई बार पाकिस्तानी ग्रामीण भारत के इलाके में आ जाते थे तो बीएसएफ उन्हें पाकिस्तानी रेंजर्सों को सौंप देती थी।
आपको बता दें कि कई बार पाकिस्तानी गांव से बच्चे और लोग गलती से भारत की सीमा में घुस जाते हैं क्योंकि पाकिस्तान की तरफ कोई फेंसिंग नहीं लगी है सिर्फ एक सफेद पिल्लर है वह भी काफी दूरी पर लगे हैं। जबकि इंडिया की तरफ जो फेंसिंग की गई है उस तरफ भी भारत की काफी जमीन है। ऐसे में कई बार पाकिस्तानी ग्रामीण भारत के इलाके में आ जाते थे तो बीएसएफ उन्हें पाकिस्तानी रेंजर्सों को सौंप देती थी।