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पंजाब में धान खरीद की रिपोर्ट: मंडियों में लगे धान के अंबार, नमी का हवाला देकर नहीं हो रही खरीद
Wed, 06 Oct 2021 01:49 AM IST
ajay kumar
अमर उजाला/संवाद न्यूज एजेंसी, पंजाब
अमर उजाला/संवाद न्यूज एजेंसी, पंजाब
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 06 Oct 2021 01:49 AM IST
सार
जगरांव मंडी में मंगलवार को बोली हुई। मंडी में अब तक 500 क्विंटल धान पहुंचा है। इसमें महज 40 क्विंटल धान की बोली हो सकी है। लुधियाना में मंगलवार तक कुल 11886 टन धान आमद हो चुकी है। किसानों को अब तक तक 4.20 करोड़ की पेमेंट की गई है।
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धान सुखवाते मजदूर।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
पंजाब की अनाज मंडियों में धान और कपास की फसल लेकर आ रहे किसानों के सामने नई मुसीबत खड़ी हो गई है। सरकारी एजेंसियां धान में नमी का हवाला देकर अपना पल्ला झाड़ रही है। किसानों का सारा धान मंडियों में पड़ा है। इससे किसान चिंतित हैं। दरअसल बारिश का डर बना हुआ है। धान को बरसात से बचाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से कोई उम्दा इंतजाम नहीं किए गए हैं। राज्य में जालंधर, पटियाला, खन्ना, लुधियाना, बठिंडा के साथ ही कपूरथला और सुनाम ऊधम सिंह वाला (संगरूर) के हालात एक जैसे हैं।
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ग्रामीण खरीद केंद्रों के हालात शहर की मुख्य मंडियों से भी बदतर हैं। किसानों का आरोप है कि वे फसल लेकर रविवार को ही पहुंच गए थे लेकिन अब तक खरीदार नहीं मिले हैं। एजेंसियां कह रही हैं कि फसल में नमी ज्यादा है। जब तक नमी खत्म नहीं होती, तब तक फसल को खरीदा नहीं जाएगा।
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अमृतसर में धान की खरीद के लिए 57 मंडियों में व्यवस्था की गई। तीन अक्तूबर से इनमें से 9 मंडियों में धान की खरीद शुरू हो चुकी है। जिला आपूर्ति खाद्य कंट्रोलर रिषी राज मेहरा ने बताया कि दो दिनों के दौरान हुई धान की खरीद में से 57 फीसदी धान लिफ्ट हो चुका है, जबकि 13 फीसदी का भुगतान किसानों के खाते में ऑनलाइन किया जा चुका है।
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जगरांव मंडी में मंगलवार को बोली हुई। मंडी में अब तक 500 क्विंटल धान पहुंचा है। इसमें महज 40 क्विंटल धान की बोली हो सकी है। लुधियाना में मंगलवार तक कुल 11886 टन धान आमद हो चुकी है। किसानों को अब तक तक 4.20 करोड़ की पेमेंट की गई है।
खन्ना में धान रखने की जगह नहीं बची
एशिया की सबसे बड़ी मंडी खन्ना में धान के अंबार लगने शुरू हो गए। हालात यह है कि मंडी में अब धान रखने की जगह नहीं है। मंगलवार तक यहां पर कुल 80725 क्विंटल धान पहुंच चुका है, इसमें से 46300 क्विंटल धान की खरीद हो सकी है। करीब 34425 क्विंटल धान की बोली अभी नहीं लग पाई है। एएफएसओ मनीष भजनी का कहना है कि मंडी में अभी शेल्टर अलॉट नहीं हो पाए, इसलिए बोली लग चुके धान को वहां ट्रांसफर नहीं किया जा सका है।
शेल्टर अलॉट होते ही अनाज मंडी के हालात में सुधार हो जाएगा। गांव बगली कला के किसान चरणजीत सिंह व सलोनी के गांव के किसान अमरजीत सिंह ने कहा कि एजेंसियों की लापरवाही के कारण किसानों पूरी कमाई दांव पर लगी है। यदि मौसम ने करवट बदली तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। किसान की मेहनत पर तो पानी फिर जाएगा।