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ब्यास दरिया में नाव पलटने से नौ श्रद्धालु डूबे
अमर उजाला, सुल्तानपुर लोधी/तरनतारन
Updated Fri, 04 Oct 2013 01:29 AM IST
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ब्यास दरिया में 17 श्रद्धालुओं को लेकर जा रही नाव पलटने से नौ श्रद्धालुओं की मौत हो गई जबकि आठ लोगों ने तैरकर जान बचाई।
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तरनतारन के मुडा पिंड के ये श्रद्धालु सुल्तानपुर लोधी के गांव डल्ला में हो रहे धार्मिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने जा रहे थे। नाव के पलटने की वजह नाव की खस्ता हालत बताई जा रही है।
लोगों की तलाश के लिए गोताखोरों की मदद ली जा रही है।
बाबा बंता सिंह संप्रदाय से संबंधित ये श्रद्धालु सुल्तानपुर लोधी के गुरुद्वारा डल साहिब में अमावस्या पर सेवा के लिए जा रहे थे। गांव रामपुर गौरा के पास पानी भरने के कारण नाव पलट गई।
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इससे हरप्रीत सिंह पुत्र सुखदेव सिंह, बचन सिंह पुत्र गंगा सिंह, वस्सन सिंह पुत्र जरनैल सिंह, जगरूप सिंह पुत्र गुरदियाल सिंह, हरदेव सिंह पुत्र सकत्तर सिंह, जसबीर सिंह पुत्र मेजर सिंह, हरदेव सिंह पुत्र प्यारा सिंह, सोनू पुत्र मंगल सिंह और हरप्रीत सिंह पुत्र सविंदर सिंह सभी वासी मुंडा पिंड दरिया में डूब गए।
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नाविक सहित आठ लोगों ने तैरकर जान बचाई। डूबे लोगों की तलाश और अन्य राहत कार्य जिला तरनतारन और कपूरथला का प्रशासन संयुक्त रूप से कार्य कर रहा है।
कपूरथला के एडीसी गुरप्रीत सिंह खैहरा ने बताया कि नाव डूबने के कारणों की जांच की जा रही है।
समय की बचत ने छीनी जिंदगी
मुडा पिंड वासी अजैब सिंह, मक्खन सिंह, अजीत सिंह और रंजीत सिंह के अनुसार, श्रद्धालुओं ने जल्दी पहुंचने के लिए ब्यास का रास्ता चुना। यदि वे सड़क के रास्ते सुल्तानपुर तक जाते तो उन्हें डेढ़ घंटा लगना था। समय की बचत करते हुए नदी के रास्ते 5 मिनट में गुरुद्वारा साहिब पहुंचने की जल्दी ने उनकी जिंदगी छीन ली।
बीस साल पुरानी थी डूबी नाव
गांव बाऊपुर के लोगों का कहना है कि करीब बीस साल से चल रही पुरानी नाव को बदलने की मांग दो साल से कर रहे थे। यहां दो बेड़ों और नई नावों की मांग की जा रही थी। दो वर्ष बीतने के बावजूद कुछ हासिल नहीं हो सका।