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पंजाब: राजपुरा में मुस्लिम कारीगर 50 साल से दशहरे पर बना रहे रावण का पुतला, अब महंगाई से बेहाल
Thu, 14 Oct 2021 10:23 PM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, राजपुरा (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, राजपुरा (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 14 Oct 2021 10:23 PM IST
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राजपुरा में रावण का पुतला तैयार करते मोहम्मद हनीफ।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पंजाब के राजपुरा में रहने वाले कलाकार मोहम्मद हनीफ 50 वर्ष से दशहरे पर रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतले तैयार कर रहे हैं। मोहम्मद हनीफ ने बताया कि उनके दादा और पिता के बाद वे इस काम को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने बताया कि जो बड़ा पुतला पहले दो हजार रुपये तक तैयार हो जाता था वह अब 15 से 20 हजार रुपये में तैयार होता है। इसके लिए उनका परिवार इसी कार्य में लगता है।
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उन्होंने बताया कि पुतले में लगाई जाने वाली आतिशबाजी का खर्च उनका नहीं होता है। हनीफ ने कहा कि वह राजपुरा में सिर्फ दो रामलीला के पुतले बना रहे हैं। इस बार दशहरे पर राजपुरा में रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के 40 फुट ऊंचे पुतलों के साथ महंगाई, भ्रष्टाचार, नशा और भ्रूण हत्या के खिलाफ भी छोटे पुतले तैयार किए गए हैं।
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वहीं महिन्द्रगंज निवासी बल्ला पांच पुतले तैयार कर रहे हैं। इसमें कृष्णा ड्रामाटिक क्लब के तीन और सरस्वती रामलीला और जय शंकर रामलीला क्लब के दो पुतले हैं। उन्होंने कहा कि दो माह पहले पुतले बनाना शुरू कर दिया था। उन्होंने कहा कि हमारे बाद शायद ही अब परिवार के सदस्य पुतले बनाने का कार्य कर सकें। अब न तो हमें कारीगर मिलते हैं और न ही सही कीमत। इससे कला विलुप्त होने के कगार पर आ गई है। इसे सहेजने के लिए न तो सरकार मदद करती है और न ही समाज सेवी संस्थाएं। इसकी वजह से घरों में रोटी के लाले पड़े हैं। दशहरे के बाद वह धार्मिक स्टेजों पर फूलों को सजाने का कार्य कर अपना व परिवार का पेट पाल रहे हैं।
छोटे पुतले तैयार करने वाले नफीस का कहना है कि वह बच्चों के लिए रावण, मेघनाद व कुंभकर्ण के पुतले तो तैयार करते हैं। इसके साथ समाजिक कुरीतियों को जड़ से खत्म करने के संदेश देने वाले महंगाई, भ्रष्टाचार, नशा, भ्रूण हत्या, दहेज प्रथा पर आधारित पुतले भी तैयार कर उन्हें अग्नि को भेंट करवाया जाता है। नफीस ने कहा कि वह पांच से लेकर सात फुट के पुतले तैयार करते हैं जिनकी कीमत 1000 रुपये से लेकर 1500 रुपये तक है।