फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Mohali News ›   The pond was not built in Mullanpur for eight years, neither the swinging stars were fixed, sir

मुल्लांपुर में आठ साल बीते नहीं बना तालाब, न झूलतीं तारें ही ठीक कीं जनाब

Fri, 03 Sep 2021 02:32 AM IST
Mohali Bureau मोहाली ब्‍यूरो
Updated Fri, 03 Sep 2021 02:32 AM IST
विज्ञापन
The pond was not built in Mullanpur for eight years, neither the swinging stars were fixed, sir
मुल्लांपुर (नयागांव)। वर्षों पहले बसे गांव मुल्लांपुर में भले ही देश का सबसे आधुनिक शहर न्यू चंडीगढ़ बसने जा रहा है, लेकिन अभी तक भी इस गांव के लोग मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। घरों के बाहर गलियों में जहां झूलती हुई तारें हादसों को न्योता दे रही हैं। वहीं, 2013 में अकाली सरकार की ओर से यहां एक तालाब बनाने के लिए नींव पत्थर रखा गया था। लेकिन 8 साल में भी इस तालाब का काम आगे नहीं बढ़ पाया है। यहीं हाल यहां पर अन्य सुविधाओं का भी है। लोगों का कहना है कि सरकार का फोकस सिर्फ नए शहर को बसाने में है, जबकि पुराने शहर के लोगों की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
विज्ञापन

जानकारी के मुुताबिक दिसंबर, 2013 को भूमि एवं जल संसाधन विभाग की ओर से गांव मुल्लांपुर में एक सुंदर तालाब बनाने के लिए उद्घाटन कर इसका नींव पत्थर रखा गया था। लेकिन 8 साल बाद भी इस तालाब की दीवार बनाने के अलावा कोई काम नहीं किया गया है। वर्तमान स्थिति यह है कि यह तालाब कम और जंगल ज्यादा लगता है। इसके अंदर झाड़ियां पैदा हो चुकी हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि स्थानीय नेता लोगों को चुनावी वादे करने के लिए नींव पत्थर रखवा देते हैं। उसके बाद उसको विकसित करने पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता। एक तरफ जहां यह विकसित होकर इलाके के लोगों के लिए फायदेमंद होता है। इसमें इलाके का बरसात का पानी इकट्ठा किया जा सकता था। जो कि पशुओं के इस्तेमाल में आता है। वही आज इस तालाब की जगह ही लोगों के लिए जी का जंजाल बनी हुई है। क्योंकि सफाई नहीं होने से इसमें फैली गंदगी से इलाके में मक्खी-मच्छर पैदा हो रहे हैं। साथ ही यहां हादसों का डर बना रहता है।
विज्ञापन

गलियों लटके हैं बिजली की तारों के जाल
गांव की गलियां पहले ही बड़ी तंग हैं, जिनसे आवाजाही में काफी परेशानी होती है। ऊपर से इन गलियों में बिजली विभाग की ओर से तारों के जाल बनाकर गलियों में लटका दिए गए हैं। इनसे कभी भी हादसा हो सकता है। तारों के जाल इतने ज्यादा हैं कि अगर किसी एक घर की बिजली खराब हो जाए तो यह भी नहीं पता चल पाता कि कौन से तार में खराबी आई है। वहीं इस इलाके में बिजली की वोल्टेज भी बहुत कम सप्लाई होती है, जिससे बच्चों को सही रोशनी नहीं मिलने से पढ़ाई में दिक्कत के साथ लोगों को भी बहुत ज्यादा परेशानी होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जल्द ही हो जाएगा समस्या का समाधान
यह गांव काफी पुराना बसा हुआ है। अंदर की गलियां काफी तंग हैं। इस कारण हर जगह बिजली के खंभे लगाना मुमकिन नहीं है। जहां पर खुली जगह है, वहीं पर बिजली के खंभे लगाए गए हैं। वहां से घरों के कनेक्शन अलग-अलग तार से ही दिए जाते हैं। जिस कारण गली में ज्यादा तार हो जाते हैं। विभाग की ओर से गलियों में प्लास्टिक कोटिंग वाली बिजली की तारें ही डाली जा रही हैं। जिससे किसी को करंट लगने से कोई हादसा न हो। जल्द ही इस समस्या का समाधान हो जाएगा।
- संदीप नागपाल, एसडीओ बिजली बोर्ड मुल्लांपुर।
सिर्फ नींव पत्थर रखा, इसके बाद ध्यान नहीं रखा
गांव मुल्लांपुर में 2013 में विभाग ने तालाब के लिए सिर्फ नींव पत्थर रखा था। इसके बाद इस पर ध्यान ही नहीं दिया और अब तक इसकी सिर्फ दीवार ही बन सकी है। इससे आगे इस पर कोई काम नहीं किया गया। गांव में स्थानीय नेता सिर्फ चुनाव के समय वोट मांगने आते हैं, और कामों के नींव पत्थर रख कर चले जाते हैं।
- शेर सिंह, स्थानीय निवासी।
तालाब से बदलेगी गांव की किस्मत
अगर इस तालाब को सही तरीके से विकसित किया जाता है तो गांव के लोगों को इसका काफी फायदा मिलना था। इसके अंदर बरसात का पानी इकट्ठा करके ग्रामीणों के पालतू पशुओं के इस्तेमाल में लिया जा सकता था। - राजकुमार, स्थानीय निवासी।
अच्छा हो तालाब को समतल कर मैदान बना दें
अगर तालाब को विकसित नहीं करना है तो अच्छा हो कि इसमें मिट्टी डलवाकर के इसको समतल करके यहां मैदान बना देना चाहिए। जिससे इसकी गंदगी साफ हो सकती है। इलाके के बच्चों को खेलने के लिए जगह भी मिल जाएगी। इसकी गंदगी के कारण इलाके में मक्खी-मच्छर पैदा होते हैं और बीमारी फैलने का खतरा रहता है। - शकुंतला देवी, स्थानीय निवासी।

झूलती तारें दे रहीं हादसों को न्योता
गांव की गलियों में जगह-जगह तारों के झुंड बने हुए हैं, जो कि हादसों को न्योता दे रहे हैं। इन तारों के झुंडों के कारण कभी भी इलाके में बड़ा हादसा हो सकता है। विभाग को जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करना चाहिए। जिससे लोग गलियों से बिना किसी डर के गुजर सकें।
- अशोक कुमार पुरी, स्थानीय निवासी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed