खरड़: फर्जी पास पर प्रवासी मजदूरों को ले जा रहे थे बिहार, एसडीएम ने जब्त की
कोरोना महामारी के बीच मोहाली जिले में फंसे बाहरी राज्यों के लोगों को उनके गृह राज्यों में भेजने के नाम पर ठगी का खेल रुक नहीं रहा है। शातिर ठग लोगों की मजबूरी का पूरा फायदा उठा रहे हैं। ऐसा ही एक केस अब खरड़ एरिया में सामने आया है। एसडीएम हिमांशु जैन की अगुवाई में ऐसी ही दो बसों को काबू किया गया है। जिनके पास लोगों को ले जाने के लिए किसी भी तरह की कोई अनुमति नहीं थी। हालांकि लोगों की स्क्रीनिंग जरूर हुई थी।
इसके बाद एसडीएम ने एक बस को जब्त कर लिया है और लोगों उनके गृह राज्यों में घर भेजने की नई योजना पर काम शुरू कर दिया है। मिली जानकारी के मुताबिक एसडीएम दफ्तर में शनिवार रात 8 बजे सूचना मिली थी कि एक बस बिना दस्तावेजों के लोगों को बिहार लेकर जा रही है। सूचना मिलते ही एसडीएम स्टाफ सहित मौके पर पहुंच गए और बसों की चेकिंग की तो मामला का संदिग्ध लगा। इस पर तुरंत पुलिस को मौके पर बुलाया गया और थाना खरड़ के एसएचओ बस और कंडक्टर को थाने ले गए।
यहां पर बस के दस्तावेज चेक किए तो पता चला कि बस मालिक के पास परमिशन तो है, लेकिन वह रविवार सुबह तक ही मान्य है। थाने के एसएचओ भगवंत सिंह ने इस बारे में एसडीएम से बातचीत कर उन्हें सारी बात बताई। एसडीएम ने एसएचओ को बस उनके दफ्तर में लाने के आदेश दिए। यहां बस के दस्तावेज चेक किए तो पता चला की परमिशन अवैध है। इसके बाद एसडीएम ने बस को जब्त करने के आदेश दिए है।
वहीं, सभी सवारियों को उनके घर वापिस भेज दिया गया है। सभी सवारियों को कहा है कि उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। उन्हें जल्दी ही कुछ दिनों में रेल या बस से उनके घर भेजा जाएगा। एसडीएम ने कहा कि बस मालिक के खिलाफ के केस दर्ज किया जाएगा।बता दें कि इससे पहले भी मोहाली में इस तरह ठगी के चार केस थानों में दर्ज हो चुके हैं। इसमें लोगों को यूपी और बिहार भेजनेे के नाम पर ठगा गया था।
ऐसे किया था परमिशन पास का फर्जीनामा
एसडीएम ने बताया कि एक नामी प्राइवेट बस सर्विस वाले लोगों को लेकर बिहार ले जा रहे थे। जो दस्तावेज बस चालक ने पेश किए उनमें 12 से 17 मई तक की ही परमिशन थी। जिनके आधार पर बस खरड़ से बिहार तक जा सकती थी। नियमानुसार वह 22 सौ रुपये किराया प्रति व्यक्ति ले सकता था और बस में सिर्फ 26 लोगों की अनुमति थी। जांच में पता चला कि बस चालक 12 मई को बस लेकर बिहार गया था और 15 मई की रात वापस खरड़ पहुंच गया। इसके बाद पहले जारी परमिशन पास पर ही उसने दोबारा सवारियां भर ली थी। हालांकि जांच में वह परमिशन पास भी फर्जी निकला।
मौके पर दस्तावेज पूरे करवाकर बिहार भेजी बस
इसी तरह खरड के एसडीएम की ओर से गत शुक्रवार रात लांडरां रोड पर बिहार जाने वाली बस को रोका गया था। उसमें 30 से ज्यादा सवारियां बैठी थीं और बस चालक के पास इस संबंधी दस्तावेज पूरे नहीं थे। जबकि सवारियों का मेडिकल और अन्य दस्तावेज पूरे थे। लोगों के दर्द को देेखकर और अन्य दस्तावेज पूरे होने पर एसडीएम ने बस को भेज दिया था।