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अवैध कॉलोनियों में एनओसी बिना नहीं होगी रजिस्टरी, आवेदन में लगाने होंगे पूरे दस्तावेज
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मोहाली/खरड़/जीरकपुर। जिले में अधिकारियों की मिलीभगत से बनाई अवैध कॉलोनियों में जमीन की खरीद फरोख्त करने वाले सावधान हो जाएं। क्योंकि अवैध कॉलोनियों में जमीनों की खरीद-फरोख्त पर पंजाब सरकार की ओर से पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। अभी तक यहां पर जमीन की खरीद-फरोख्त के लिए किसी तरह की एनओसी की जरूरत नहीं होती थी, लेकिन अब इन कॉलोनियों में खरीद-फरोख्त के लिए संबंधित हाउसिंग अथॉरिटी की तरफ से एनओसी लेना जरूरी है। इस मामले को लेकर डीसी मोहाली की ओर से नोटिफिकेशन जारी करके अवैध कॉलोनियों में खरीद-फरोख्त पर तुरंत रोक लगाने के आदेश पारित किए हैं।
जानकारी के मुताबिक राजधानी चंडीगढ़ के पास जिला मोहाली के अंदर रियल एस्टेट से जुड़ी कंपनियों ने प्रॉपर्टी के कारोबार में भारी निवेश किया है। आज की तारीख में अगर कोई व्यक्ति घर या दुकान खरीदने की योजना बनाता है तो व्यक्ति की पहली पसंद मोहाली, खरड़ और जीरकपुर शहर हैं, जिनमें निवेश करके अपने रहने के लिए आशियाना बनाता है। दूसरी ओर, लोगों की ओर से किए जाने वाले निवेश को देखते हुए भू-माफिया की ओर से बीते कुछ सालोें के दौरान हजारों की संख्या में नियमों को ताक पर रखकर अवैध कॉलोनियों का विस्तार कर दिया। जबकि कॉलोनाइजरों की ओर से कॉलोनियों का निर्माण करते समय सड़क की चौड़ाई, पीने वाले पानी और सीवरेज आदि सुविधाओं को लेकर कोई ध्यान नहीं दिया, जिसका असर यह हुआ है कि आठ-दस साल पहले अवैध कॉलोनियों में घर खरीदकर रहने वाले लोग बुनियादी सुविधाओं को लेकर मुश्किलों का सामना कर रहे हैं।
वीरवार को खरड़ के तहसीलदार जसविंदर सिंह ने पंजाब सरकार की ओर से आए नए दिशा निर्देशानुसार को लेकर एक बैठक टाइपिस्ट, डीड राइटर और वकीलों के साथ हुई। इस बैठक में तहसीलदार ने साफ निर्देश दिए हैं कि रजिस्ट्रियों के लिए ली जाने वाली अप्वाइंटमेंट लेते समय संबंधित अथॉरिटी से जारी एनओसी पास नक्शा, मंजूरी, असल आधार कार्ड और पैन कार्ड अपलोड किए जाने चाहिए। जबकि जमीन की खरीद फरोख्त को लेकर संबंधित हाउसिंग अथॉरिटी से एनओसी और नक्शे के बिना रजिस्ट्रेशन नहीं किया जाएगा। इसके अलावा डीड राइटर्स को कहा गया कि अधूरी लिखी हुई रजिस्ट्री आएगी तो ऐसी रजिस्ट्री को बिना किए वापस लौटा दिया जाएगा और रजिस्ट्री लिखने वाले टाइपिस्ट तथा ड्राफ्टिंग करने वाले एडवोकेट के खिलाफ अगली कार्रवाई के लिए डीसी को लिखकर भेजा जाएगा।
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मोहाली और खरड़ के बाद जीरकपुर एक ऐसा शहर हैं, जहां लोग सबसे ज्यादा निवेश करते हैं। जीरकपुर में निवेश करने का कारण इसकी बेहतर कनेक्टीविटी है, जिसके एक ओर पंचकूला तो दूसरी ओर चंडीगढ़ और मोहाली सटा हुआ है। यहां सबसे ज्यादा लोग घरों में निवेश करते हैं और कुछ ही वर्षों के दौरान जीरकपुर की आबादी पांच लाख का आंकड़ा पार कर चुकी है। शुक्रवार को नायब तहसीलदार हरविंदर सिंह पुनिया की ओर से वकील, डीड राइटर्स और टाइपिस्टों के साथ बैठक की गई, जिसमें पंजाब सरकार की ओर से आए निर्देशों को सख्ती से लागू करने की अपील की। साथ ही कहा गया कि नगर काउंसिल आने वाली जमीन के लिए काउंसिल से एनओसी लेना जरूरी है और काउंसिल क्षेत्र से बाहर जमीनों की खरीद-फरोख्त के लिए संबंधित हाउसिंग अथॉरिटी से एनओसी लेना जरूरी है।
पंजाब सरकार के आए निर्देशों के बाद संबंधित तहसील और सब-तहसील में नोटिफिकेशन की कॉपी जारी करके अवैध कॉलोनियों में खरीदो-फरोख्त पर रोक लगा दी गई है। -अमित तलवार, डिप्टी कमिश्नर, जिला मोहाली।
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जानकारी के मुताबिक राजधानी चंडीगढ़ के पास जिला मोहाली के अंदर रियल एस्टेट से जुड़ी कंपनियों ने प्रॉपर्टी के कारोबार में भारी निवेश किया है। आज की तारीख में अगर कोई व्यक्ति घर या दुकान खरीदने की योजना बनाता है तो व्यक्ति की पहली पसंद मोहाली, खरड़ और जीरकपुर शहर हैं, जिनमें निवेश करके अपने रहने के लिए आशियाना बनाता है। दूसरी ओर, लोगों की ओर से किए जाने वाले निवेश को देखते हुए भू-माफिया की ओर से बीते कुछ सालोें के दौरान हजारों की संख्या में नियमों को ताक पर रखकर अवैध कॉलोनियों का विस्तार कर दिया। जबकि कॉलोनाइजरों की ओर से कॉलोनियों का निर्माण करते समय सड़क की चौड़ाई, पीने वाले पानी और सीवरेज आदि सुविधाओं को लेकर कोई ध्यान नहीं दिया, जिसका असर यह हुआ है कि आठ-दस साल पहले अवैध कॉलोनियों में घर खरीदकर रहने वाले लोग बुनियादी सुविधाओं को लेकर मुश्किलों का सामना कर रहे हैं।
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वीरवार को खरड़ के तहसीलदार जसविंदर सिंह ने पंजाब सरकार की ओर से आए नए दिशा निर्देशानुसार को लेकर एक बैठक टाइपिस्ट, डीड राइटर और वकीलों के साथ हुई। इस बैठक में तहसीलदार ने साफ निर्देश दिए हैं कि रजिस्ट्रियों के लिए ली जाने वाली अप्वाइंटमेंट लेते समय संबंधित अथॉरिटी से जारी एनओसी पास नक्शा, मंजूरी, असल आधार कार्ड और पैन कार्ड अपलोड किए जाने चाहिए। जबकि जमीन की खरीद फरोख्त को लेकर संबंधित हाउसिंग अथॉरिटी से एनओसी और नक्शे के बिना रजिस्ट्रेशन नहीं किया जाएगा। इसके अलावा डीड राइटर्स को कहा गया कि अधूरी लिखी हुई रजिस्ट्री आएगी तो ऐसी रजिस्ट्री को बिना किए वापस लौटा दिया जाएगा और रजिस्ट्री लिखने वाले टाइपिस्ट तथा ड्राफ्टिंग करने वाले एडवोकेट के खिलाफ अगली कार्रवाई के लिए डीसी को लिखकर भेजा जाएगा।
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मोहाली और खरड़ के बाद जीरकपुर एक ऐसा शहर हैं, जहां लोग सबसे ज्यादा निवेश करते हैं। जीरकपुर में निवेश करने का कारण इसकी बेहतर कनेक्टीविटी है, जिसके एक ओर पंचकूला तो दूसरी ओर चंडीगढ़ और मोहाली सटा हुआ है। यहां सबसे ज्यादा लोग घरों में निवेश करते हैं और कुछ ही वर्षों के दौरान जीरकपुर की आबादी पांच लाख का आंकड़ा पार कर चुकी है। शुक्रवार को नायब तहसीलदार हरविंदर सिंह पुनिया की ओर से वकील, डीड राइटर्स और टाइपिस्टों के साथ बैठक की गई, जिसमें पंजाब सरकार की ओर से आए निर्देशों को सख्ती से लागू करने की अपील की। साथ ही कहा गया कि नगर काउंसिल आने वाली जमीन के लिए काउंसिल से एनओसी लेना जरूरी है और काउंसिल क्षेत्र से बाहर जमीनों की खरीद-फरोख्त के लिए संबंधित हाउसिंग अथॉरिटी से एनओसी लेना जरूरी है।
पंजाब सरकार के आए निर्देशों के बाद संबंधित तहसील और सब-तहसील में नोटिफिकेशन की कॉपी जारी करके अवैध कॉलोनियों में खरीदो-फरोख्त पर रोक लगा दी गई है। -अमित तलवार, डिप्टी कमिश्नर, जिला मोहाली।