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मोहाली: 33.86 करोड़ रुपये से आधुनिक सफाई व्यवस्था, नए क्षेत्रों में कूड़े का ढेर नहीं
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मोहाली। नगर निगम ने शहर के विस्तारित क्षेत्रों में आधुनिक सफाई व्यवस्था लागू करने की तैयारी की है। इसके लिए करीब 33.86 करोड़ रुपये की योजना तैयार कर टेंडर जारी किए गए हैं। इस पहल से नए शामिल सेक्टरों और कॉलोनियों में ठोस कचरा प्रबंधन और मैकेनिकल रोड स्वीपिंग की सुविधा मिलेगी।
निगम की सीमा में चुनाव से पहले गमाडा के नए सेक्टर, कॉलोनियां और रिहायशी क्षेत्र शामिल किए गए थे। इन क्षेत्रों में अब तक संगठित सफाई व्यवस्था एक बड़ी चुनौती बनी हुई थी। निवासी लंबे समय से घर-घर से कूड़ा नहीं उठने और खाली प्लॉटों में कूड़ा फेंके जाने की शिकायतें कर रहे थे। सड़कों पर धूल-मिट्टी जमा रहने की समस्या भी थी। बरसात के दौरान गंदगी और दुर्गंध की स्थिति और बढ़ जाती थी। निगम अधिकारियों के अनुसार, सीमा विस्तार के बाद निगम के अधीन आने वाले क्षेत्रों का दायरा काफी बढ़ गया है। सभी क्षेत्रों में समान स्तर की नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना निगम की प्राथमिकता है। इस नई व्यवस्था से लोगों को स्वच्छ वातावरण मिलेगा और शहर की समग्र छवि में सुधार होगा। अधिकारियों का कहना है कि नए क्षेत्रों को भी पुराने शहर की तरह नियमित सफाई और कूड़ा उठान की सुविधा मिलेगी।
योजना का विस्तृत विवरण
नगर निगम से मिली जानकारी के अनुसार, इस योजना के तहत दो प्रमुख कार्य किए जाएंगे। एक वर्ष के लिए इंटीग्रेटेड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर 15.30 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें घर-घर से कूड़ा संग्रहण, उसका परिवहन और वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण शामिल है। इससे नए क्षेत्रों में नियमित घर-घर से कूड़ा कलेक्शन सुनिश्चित होगा।
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मैकेनिकल स्वीपिंग और लाभ
योजना के दूसरे हिस्से में नई सड़कों की मैकेनिकल रोड स्वीपिंग पर 18.55 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह कार्य दो वर्षों तक चलेगा। इसके तहत मुख्य सड़कों, फुटपाथों और सेंट्रल वर्ज की मशीनों से नियमित सफाई होगी। इससे धूल प्रदूषण कम होगा और सड़कों की साफ-सफाई का स्तर बेहतर होगा।
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निगम की सीमा में चुनाव से पहले गमाडा के नए सेक्टर, कॉलोनियां और रिहायशी क्षेत्र शामिल किए गए थे। इन क्षेत्रों में अब तक संगठित सफाई व्यवस्था एक बड़ी चुनौती बनी हुई थी। निवासी लंबे समय से घर-घर से कूड़ा नहीं उठने और खाली प्लॉटों में कूड़ा फेंके जाने की शिकायतें कर रहे थे। सड़कों पर धूल-मिट्टी जमा रहने की समस्या भी थी। बरसात के दौरान गंदगी और दुर्गंध की स्थिति और बढ़ जाती थी। निगम अधिकारियों के अनुसार, सीमा विस्तार के बाद निगम के अधीन आने वाले क्षेत्रों का दायरा काफी बढ़ गया है। सभी क्षेत्रों में समान स्तर की नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना निगम की प्राथमिकता है। इस नई व्यवस्था से लोगों को स्वच्छ वातावरण मिलेगा और शहर की समग्र छवि में सुधार होगा। अधिकारियों का कहना है कि नए क्षेत्रों को भी पुराने शहर की तरह नियमित सफाई और कूड़ा उठान की सुविधा मिलेगी।
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योजना का विस्तृत विवरण
नगर निगम से मिली जानकारी के अनुसार, इस योजना के तहत दो प्रमुख कार्य किए जाएंगे। एक वर्ष के लिए इंटीग्रेटेड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर 15.30 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें घर-घर से कूड़ा संग्रहण, उसका परिवहन और वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण शामिल है। इससे नए क्षेत्रों में नियमित घर-घर से कूड़ा कलेक्शन सुनिश्चित होगा।
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मैकेनिकल स्वीपिंग और लाभ
योजना के दूसरे हिस्से में नई सड़कों की मैकेनिकल रोड स्वीपिंग पर 18.55 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह कार्य दो वर्षों तक चलेगा। इसके तहत मुख्य सड़कों, फुटपाथों और सेंट्रल वर्ज की मशीनों से नियमित सफाई होगी। इससे धूल प्रदूषण कम होगा और सड़कों की साफ-सफाई का स्तर बेहतर होगा।