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पैराशूट से नहीं बल्कि स्थानीय नेता को उतारा जाए चुनावी मैदान में
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मोहाली। वीआईपी विधानसभा हलका मोहाली में इस बार स्थानीय उम्मीदवारों में ही टक्कर होने के आसार हैं। क्योंकि तकरीबन सभी राजनीतिक पार्टियां स्थानीय नेताओं को चुनावी मैदान में उतारने की तैयारी में हैं। वहीं, शिरोमणि अकाली दल की मोहाली इकाई ने भी पार्टी हाईकमान से मांग रखी है कि हलके में पैराशूट से नहीं, बल्कि स्थानीय नेता को ही उतारा जाए। जिससे पार्टी को उसका फायदा मिल पाए। साथ ही लोग उस नेता से सीधे जुड़ पाएं।
जानकारी के मुताबिक रविवार रात को शिरोमणि अकाली दल की मोहाली इकाई की एक आपात बैठक हुई। इसमें विधानसभा चुनाव को लेकर काफी मंथन चला और जिले में नए बन रहे प्रत्येक समीकरण पर चर्चा की गई। सूत्रों के मुताबिक इस दौरान अधिकतर नेताओं का कहना था कि पिछले विधानसभा के दो चुनावों में पार्टी को मोहाली हलके से जीत नहीं मिल पाई है। इसके पीछे की वजह हमेशा ही स्थानीय नेताओं को दर किनार कर पैराशूट से उम्मीदवार उतारना रही है। ऐसे में आखिरी समय में आकर पार्टी पूरी तरह से बिखर जाती है। साथ ही इसका सीधा फायदा विरोधी गुट को मिल जाता है। ऐसे में इस बार यह गलती नहीं दोहराई जानी चाहिए।
इस संबंध में नेताओं ने अपनी बात पार्टी हाईकमान के सामने रखने की भी बात कही है। पार्टी के जिला प्रधान कमजलीत सिंह रूबी ने कहा कि पार्टी की बैठक हुई थी और इसमें कई मुद्दों पर मंथन किया गया। बता दें कि बसपा और शिअद में कुछ समय पहले समझौता हुआ था। उस समय मोहाली सीट बसपा के खाते में चली गई थी।
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कुछ ऐेसे रहे नतीजे
मोहाली विधानसभा हलका खरड़ से टूटकर 2012 में बनाया गया था। इस दौरान हुए चुनाव में सभी पार्टियों ने स्थानीय नेताओं को चुनावी मैदान में उतारा था। जबकि शिअद ने पैराशूट से चुनावी मैदान में वरिष्ठ नेता बलवंत सिंह रामूवालिया को उतारा था। इसका खामियाजा पार्टी को भुगतना पड़ा था। चुनाव में उन्हें केवल 38971 मत ही मिले थे, जबकि कांग्रेस के उम्मीदवार बलबीर सिंह सिद्धू 66844 मत लेकर विजयी रहे थे। इसके बाद साल 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में भी कुछ ऐसी ही स्थिति रही थी। उस समय भी शिअद ने मोहाली के पूर्व डीसी एवं वरिष्ठ नेता सुखदेव सिंह ढींढ़सा के दामाद टीपीएस सिद्धू को चुनावी मैदान में उतारा था। वहीं, इस दौरान पहली बार आम आदमी पार्टी ने भी चुनाव लड़ा था। चुनाव में 47 फीसदी से अधिक मत लेकर कांग्रेस के उम्मीदवार बलबीर सिंह सिद्धू विजयी रहे थे। जबकि आप के नरिंदर सिंह शेरगिल 27.9 फीसदी मतों के साथ दूसरे और शिअद उम्मीदवार 21 फीसदी मतों के साथ तीसरे नंबर पर रहे थे।
पूर्व मेयर कुलवंत सिंह के आप में शामिल होने से गर्माई राजनीति
नगर निगम के पूर्व मेयर कुलवंत सिंह ने सोमवार को आम आदमी पार्टी ज्वाइन कर ली है। उनके पार्टी ज्वाइन करने से इलाके की राजनीति गर्माई हुई है। चर्चा है कि वह आम आदमी पार्टी के मोहाली से उम्मीदवार हो सकते हैं। हालांकि पार्टी ने अभी तक एलान नहीं किया। सूत्रों की मानें तो पार्टी हर स्थिति पर नजर रखे हुए है। पार्टी की ओर से आने वाले कुछ दिनों में एलान हो सकता है।
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जानकारी के मुताबिक रविवार रात को शिरोमणि अकाली दल की मोहाली इकाई की एक आपात बैठक हुई। इसमें विधानसभा चुनाव को लेकर काफी मंथन चला और जिले में नए बन रहे प्रत्येक समीकरण पर चर्चा की गई। सूत्रों के मुताबिक इस दौरान अधिकतर नेताओं का कहना था कि पिछले विधानसभा के दो चुनावों में पार्टी को मोहाली हलके से जीत नहीं मिल पाई है। इसके पीछे की वजह हमेशा ही स्थानीय नेताओं को दर किनार कर पैराशूट से उम्मीदवार उतारना रही है। ऐसे में आखिरी समय में आकर पार्टी पूरी तरह से बिखर जाती है। साथ ही इसका सीधा फायदा विरोधी गुट को मिल जाता है। ऐसे में इस बार यह गलती नहीं दोहराई जानी चाहिए।
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इस संबंध में नेताओं ने अपनी बात पार्टी हाईकमान के सामने रखने की भी बात कही है। पार्टी के जिला प्रधान कमजलीत सिंह रूबी ने कहा कि पार्टी की बैठक हुई थी और इसमें कई मुद्दों पर मंथन किया गया। बता दें कि बसपा और शिअद में कुछ समय पहले समझौता हुआ था। उस समय मोहाली सीट बसपा के खाते में चली गई थी।
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कुछ ऐेसे रहे नतीजे
मोहाली विधानसभा हलका खरड़ से टूटकर 2012 में बनाया गया था। इस दौरान हुए चुनाव में सभी पार्टियों ने स्थानीय नेताओं को चुनावी मैदान में उतारा था। जबकि शिअद ने पैराशूट से चुनावी मैदान में वरिष्ठ नेता बलवंत सिंह रामूवालिया को उतारा था। इसका खामियाजा पार्टी को भुगतना पड़ा था। चुनाव में उन्हें केवल 38971 मत ही मिले थे, जबकि कांग्रेस के उम्मीदवार बलबीर सिंह सिद्धू 66844 मत लेकर विजयी रहे थे। इसके बाद साल 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में भी कुछ ऐसी ही स्थिति रही थी। उस समय भी शिअद ने मोहाली के पूर्व डीसी एवं वरिष्ठ नेता सुखदेव सिंह ढींढ़सा के दामाद टीपीएस सिद्धू को चुनावी मैदान में उतारा था। वहीं, इस दौरान पहली बार आम आदमी पार्टी ने भी चुनाव लड़ा था। चुनाव में 47 फीसदी से अधिक मत लेकर कांग्रेस के उम्मीदवार बलबीर सिंह सिद्धू विजयी रहे थे। जबकि आप के नरिंदर सिंह शेरगिल 27.9 फीसदी मतों के साथ दूसरे और शिअद उम्मीदवार 21 फीसदी मतों के साथ तीसरे नंबर पर रहे थे।
पूर्व मेयर कुलवंत सिंह के आप में शामिल होने से गर्माई राजनीति
नगर निगम के पूर्व मेयर कुलवंत सिंह ने सोमवार को आम आदमी पार्टी ज्वाइन कर ली है। उनके पार्टी ज्वाइन करने से इलाके की राजनीति गर्माई हुई है। चर्चा है कि वह आम आदमी पार्टी के मोहाली से उम्मीदवार हो सकते हैं। हालांकि पार्टी ने अभी तक एलान नहीं किया। सूत्रों की मानें तो पार्टी हर स्थिति पर नजर रखे हुए है। पार्टी की ओर से आने वाले कुछ दिनों में एलान हो सकता है।