{"_id":"6a9b27d1fa8fd1b72f0c0215","slug":"industries-reeling-from-erratic-power-supply-production-stalled-employees-sat-waiting-all-night-mohali-news-c-71-1-spkl1025-146603-2026-09-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mohali News: बिजली की आंख-मिचौली से उद्योग बेहाल, उत्पादन ठप, रातभर बैठे रहे कर्मचारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mohali News: बिजली की आंख-मिचौली से उद्योग बेहाल, उत्पादन ठप, रातभर बैठे रहे कर्मचारी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मोहाली। पंजाब के प्रमुख औद्योगिक केंद्र मोहाली में बिजली आपूर्ति की अनिश्चितता उद्योगों के लिए बड़ी समस्या बन गई है। घोषित समय से अधिक लंबे बिजली कटों के कारण औद्योगिक इकाइयों में उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। हाल ही में, एक औद्योगिक फीडर पर चार घंटे का घोषित कट बिना पूर्व सूचना के दस घंटे तक बढ़ा दिया गया, जिससे कामकाज ठप रहा। मोहाली स्थित मांडर इंजीनियरिंग वर्क्स के गुरकंवर मांडर ने पीएसपीसीएल के अध्यक्ष को शिकायत भेजी है। उन्होंने कहा कि बिजली कट का समय रात बारह बजे तक बताया गया था, लेकिन इसके बाद भी आपूर्ति बहाल नहीं हुई। फैक्टरी का पूरा स्टाफ कार्यस्थल पर मौजूद रहा, पर बिजली न होने से कोई उत्पादन नहीं हो सका। इससे उद्योग को बिना काम के कर्मचारियों का वेतन और अन्य आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। सुबह करीब छह बजे बिजली कुछ देर के लिए बहाल हुई, पर लगभग तुरंत ही आपूर्ति फिर बंद हो गई। सुबह की शिफ्ट में काम पर पहुंचे कर्मचारी भी बिजली के अभाव में काम नहीं कर पाए। उद्योगपति इकबाल सिंह और एमआईए दिलप्रीत सिंह बोपाराय ने कहा कि तकनीकी खराबियां हो सकती हैं, लेकिन सबसे बड़ी समस्या सही जानकारी न मिलना है।
उद्योगपतियों की पीएसपीसीएल से मांगें
उद्योगपतियों ने पीएसपीसीएल से कई महत्वपूर्ण मांगें की हैं। उन्होंने औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए चौबीस घंटे जिम्मेदार अधिकारी का संपर्क नंबर मांगा है। बिजली कट बढ़ने पर तत्काल सूचना देने की व्यवस्था भी मांगी गई है। साथ ही, जेई या एसडीओ के जवाब न देने पर स्पष्ट एस्केलेशन सिस्टम बनाने की मांग की गई है।
उत्पादन पर गहरा असर
विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़े उद्यमियों का कहना है कि अचानक और लंबे बिजली कट से उत्पादन शेड्यूल बिगड़ जाता है। मशीनरी प्रभावित होती है और तय समय पर ऑर्डर पूरा करना मुश्किल हो जाता है। छोटे और मध्यम उद्योगों पर इसका आर्थिक असर अधिक पड़ता है। बिना काम के भी कर्मचारियों को वेतन देना पड़ रहा है, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
उद्योगपतियों की पीएसपीसीएल से मांगें
उद्योगपतियों ने पीएसपीसीएल से कई महत्वपूर्ण मांगें की हैं। उन्होंने औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए चौबीस घंटे जिम्मेदार अधिकारी का संपर्क नंबर मांगा है। बिजली कट बढ़ने पर तत्काल सूचना देने की व्यवस्था भी मांगी गई है। साथ ही, जेई या एसडीओ के जवाब न देने पर स्पष्ट एस्केलेशन सिस्टम बनाने की मांग की गई है।
विज्ञापन
उत्पादन पर गहरा असर
विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़े उद्यमियों का कहना है कि अचानक और लंबे बिजली कट से उत्पादन शेड्यूल बिगड़ जाता है। मशीनरी प्रभावित होती है और तय समय पर ऑर्डर पूरा करना मुश्किल हो जाता है। छोटे और मध्यम उद्योगों पर इसका आर्थिक असर अधिक पड़ता है। बिना काम के भी कर्मचारियों को वेतन देना पड़ रहा है, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
विज्ञापन