{"_id":"6267009af2e177187f05ee46","slug":"frustrated-by-unemployment-29-year-old-youth-hanged-himself-mohali-news-pkl448744624","type":"story","status":"publish","title_hn":"बेरोजगारी से हताश होकर 29 वर्षीय युवक ने लगाया फंदा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बेरोजगारी से हताश होकर 29 वर्षीय युवक ने लगाया फंदा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डेराबस्सी। गांव पंडवाला में एक 29 वर्षीय युवक ने बेरोजगारी से हताश होकर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिवार को सौंप दिया। मृतक की पहचान 29 वर्षीय स्वर्ण सिंह पुत्र शमशेर सिंह निवासी गांव पंडवाला के रूप में हुई है। पुलिस को मृतक के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
मुबारिकपुर थाने की पुलिस को मृतक के परिवार ने बताया कि 4-5 साल पहले स्वर्ण सिंह भंगड़ा ग्रुप के साथ काम करता था। इसके बाउ उसने यह काम छोड़ दिया और लुधियाना में टैक्सी चलाने लगा। वहां से वह एक हफ्ते बाद घर आता था। अभी भी तीन दिन पहले ही वह घर आया था। रविवार की दोपहर जब उसकी मां स्वर्ण सिंह को खाना देने उसके कमरे में गई तो देखा कि स्वर्ण सिंह पंखे से लटका हुआ था। यह देखकर वह चिल्लाई तो उसका दूसरा बेटा और पड़ोसी मौके पर जमा हो गए। उन्होंने शव नीचे उतारा और डेराबस्सी के सरकारी अस्पताल में ले गए। यहां पर डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिवार को सौंप दिया। उसके परिवार ने उसका दाह संस्कार कर दिया। पुलिस को मृतक के परिवार ने बताया कि स्वर्ण सिंह बेरोजगारी की वजह से हताश था और इसी वजह से उसने यह कदम उठाया है। वह अपने परिवार से काम नहीं चलने के बारे में बात करता रहता था।
विज्ञापन
मुबारिकपुर थाने की पुलिस को मृतक के परिवार ने बताया कि 4-5 साल पहले स्वर्ण सिंह भंगड़ा ग्रुप के साथ काम करता था। इसके बाउ उसने यह काम छोड़ दिया और लुधियाना में टैक्सी चलाने लगा। वहां से वह एक हफ्ते बाद घर आता था। अभी भी तीन दिन पहले ही वह घर आया था। रविवार की दोपहर जब उसकी मां स्वर्ण सिंह को खाना देने उसके कमरे में गई तो देखा कि स्वर्ण सिंह पंखे से लटका हुआ था। यह देखकर वह चिल्लाई तो उसका दूसरा बेटा और पड़ोसी मौके पर जमा हो गए। उन्होंने शव नीचे उतारा और डेराबस्सी के सरकारी अस्पताल में ले गए। यहां पर डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिवार को सौंप दिया। उसके परिवार ने उसका दाह संस्कार कर दिया। पुलिस को मृतक के परिवार ने बताया कि स्वर्ण सिंह बेरोजगारी की वजह से हताश था और इसी वजह से उसने यह कदम उठाया है। वह अपने परिवार से काम नहीं चलने के बारे में बात करता रहता था।
विज्ञापन