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जीरकपुर के ममता इनक्लेव स्थित ग्रीन सिटी शिव मंदिर के पास गाय ने लोगों को दौड़ाया और सांढ ने घसीट घसीट कर जख्मी किया
Updated Sat, 15 Dec 2018 01:19 AM IST
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- जीरकपुर की ममता इनक्लेव स्थित ग्रीन सिटी शिव मंदिर के पास गाय ने लोगों को दौड़ाया
अमर उजाला ब्यूरो
जीरकपुर। नगर काउंसिल की लापरवाही के चलते जीरकपुर में एक बेकाबू सांड़ और गाय ने शुक्रवार को आतंक मचा दिया। ऐसा उत्पात मचाया कि जीरकपुर के ममता एनक्लेव स्थित ग्रीन सिटी के श्री शिव शक्ति मनोकामना मंदिर के नजदीक दो मासूमों सहित आधा दर्जन लोग घायल हो गए। इन आवारा पशुओं ने तांडव की शुरुआत सुबह 8.30 बजे हुई। आपस में लड़ रहे सांड़ और गाय के बीच जंग ऐसी छिड़ी कि स्कूल बस का इंतजार कर रहे दो मासूम पहले इनकी चपेट में आ गए। उसके बाद मंदिर में पूजा करने आने वाले और उस रास्ते से गुजरने वाले करीब चार लोगों को बारी बारी से सांड़ और गाय ने अपना निशाना बनाया। सड़क पर जो राहगीर आता गया, सांड़ और गाय उन्हें रौंदते गए। आसपास की महिलाओं ने लाठी और डंडो से भगाने की बहुत कोशिश की। लोगों ने उस रूट से गुजरने वाले राहगीरों को आगाह किया और नगर कांउसिल के मुलाजिमों को कॉल कर मौके पर बुलाया, लेकिन वह भी दोपहर के बाद मौके पर पहुंचे तब तक सांड़ वहां से फरार हो चुका था, बेकाबू गाय को नगर काउंसिल के मुलाजिम काबू कर वहां से काउंसिल की गाड़ी में लेकर आए।
स्थानीय लोगों की माने तो सांड़ और आवारा गाय ने सुबह करीब 8:30 पर क्षेत्र में आतंक फैलाते हुए पंचकूला के हॉलमार्क स्कूल में पढ़ने जा रहे 2 मासूमों आदित्य (7) और अक्षित (9) वर्ष पर हमला कर दिया। मासूम आदित्य के सिर, बाजू, हाथों और पैर पर गंभीर चोटें लगी हैं, उसे पंचकूला के सेक्टर-6 के जनरल अस्पताल में उपचार के बाद घर लाया गया है। वहीं उसके बड़े भाई अक्षित ने बड़ी मुश्किल से भाग कर अपनी जान बचाई। इसी दौरान वहां से गुजर रहे एक दूध वाले ने इन बच्चों को बचाने की कोशिश की तो सांड़ बच्चों को छोड़ दूध वाले के पीछे पड़ गया और उसे भी घायल कर दिया। उसका पूरा दूूध जमीन पर गिरा दिया। मंदिर के पास हीं शांति एनक्लेव के फ्लैटों में रह रहे गुलशन बजाज अपने घर के सामने सैर कर रहे थे, तभी सांड़ ने गुलशन बजाज को घायल कर दिया। उनके सिर पर गंभीर चाट आई है। इसी दौरान करीब साढ़े 10 बजे मंदिर में माथा टेकने पहुंचे बीएन पांडे बीच बचाव के लिए आगे आए तो सांड़ ने उन्हें भी उठाकर जमीन पर पटक दिया और सिंग से उनके सीने और सिर पर कई बार वार किए। उसी रास्ते से गुजर रही एक 72 वर्षीय बुजुर्ग महिला हेमलता को गाय ने सींगों से टक्कर मारी और वह कुछ दूरी पर जा गिरी।
दहशत में लोग, नगर काउंसिल के हाथ खाली
- सांड़ के खौफ से लोगों का घर से निकलना मुश्किल
- लोगों के सामान को नुकसान पहुंचा रहे हैं लावारिस पशु
दीपक शाही
जीरकपुर। शहर में सांड़ के खौफ से लोगों में दहशत का माहौल है। ममता एनक्लेव के लोगों ने बताया कि पिछले एक साल में दो दर्जन से ज्यादा लोगों को बेकाबू सांड़ घायल कर चुका है, बावजूद इसके जीरकपुर नगर काउंसिल लापरवाही बरत रहा है। वहीं ये लावारिस पशु सोसायटियों में लोगों की गाड़ी का शीशा भी आपस में लड़ते हुए कई बार तोड़ चुके हैं। इससे पहले भी ग्रीन सिटी क्षेत्र में ही 10 दिसंबर को एक व्यक्ति को एक सांड़ ने टक्कर मार कर घायल कर दिया था। बता दें कि शहर की मुख्य सड़कों जिनमें चंडीगढ़-अंबाला, जीरकपुर-पंचकूला, जीरकपुर-पटियाला समेत शहर की अंदरूनी सड़कें हैं। इनमें गांव छत, गांव गाजीपुर रोड, ढ़कोली सड़क, बलटाना, पीरमुछल्ला, लोहगढ़ क्षेत्र, भबात क्षेत्र सहित अन्य क्षेत्रों में लोग लावारिस पशुओं और कुत्तों की समस्या से परेशान हैं।
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सुबह 11 बजे नगर काउंसिल को सूचित किया, एक बजे टीम पहुंची
मंदिर के पुजारी पंडित विशाल ने बताया कि यहां स्थानीय लोगों ने नगर काउंसिल को दिन में करीब 11 बजे बेकाबू गाय और सांड़ की सूचना दी थी, लेकिन नगर काउंसिल की टीम मौके पर एक बजे पहुंची। एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सिर्फ गाय को ही पकड़ पाई काउंसिल की टीम। सांड़ को पकड़ नहीं पाए।
क्यों नहीं लगाता नगर काउंसिल जुर्माना
जीरकपुर में मवेशियों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। इनमें अधिकतर वे पशु हैं जिनके मालिक दिन में इनको सड़कों पर चरने के लिए खुला छोड़ देते हैं। इनकी वजह से यहां एक्सीडेंट का खतरा बढ़ गया है। वहीं हाइवे पर हादसों के साथ-साथ ट्रैफिक भी काफी प्रभावित होता है। बलटाना एरिया में ऐसे पालतू पशुओं की भरमार है।
क्या कहते हैं नगर काउंसिल के कार्यकारी अधिकारी
जीरकपुर नगर काउंसिल द्वारा दो-तीन सप्ताह पहले आवारा सांड़ों को पकड़ने की मुहिम शुरू की गई थी, लेकिन गौशालाओं में सांड़ों को लेने के लिए कोई तैयार नहीं है। इन आवारा पशुओं को शहर से बाहर छोड़ा गया था, लेकिन फिर ये शहर के बाजारों और रिहायशी इलाकों में आ जाते हैं। दोबारा सड़कों पर घूमने वाले आवारा पशुओं को पकड़ने के निर्देश दिए गए हैं, उन्हें पकड़ने के बाद जीरकपुर और लालड़ूू के गौशालाओं में छोड़ने की कार्रवाई की जाएगी।
लावारिस पशुओं से लोग परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
लालड़ूू। लालड़ू नगर काउंसिल में दो गौशालाएं होने के बावजूद इलाके में बड़ी मात्रा में लावारिस पशु लोगों के लिए सिरदर्दी बने हुए हैं। शुक्रवार के दिन लावारिस पशुओं ने तीन बुजुर्गों सहित आधा दर्जन लोगों को अपना शिकार बनाया। लावारिस पशुओं के कारण अब तक एक व्यक्ति की मौत सहित करीब चार दर्जन से ज्यादा लोग जख्मी हो चुके हैं। लालड़ूू मंडी निवासी महिन्द्र सिंह ने बताया कि शुक्रवार की सुबह उनके पिता बलवंत सिंह (75) वर्ष जो कि अजमेर सिंह (90) वर्ष के घर के बाहर बैठे थे, उसी समय दो सांड़ आए और दोनों बुजुर्गों पर हमला कर दिया, जिन्हें वहां के लोगों ने बहुत ही मुश्किल बचाया। उन्होंने तुरंत पिता को सरकारी अस्पताल लालड़ूू में भर्ती करवाया गया, जहां पर उनके सिर पर चार टांके लगे और अजमेर सिंह को भी गंभीर चोटें आई हैं। महिंद्र ने बताया कि आज जैसे ही उसका चाचा कुलदीप सिंह घर से बाहर निकला तो एक सांड़ ने उन पर हमला कर बुरी तरह से घायल कर दिया। उन्हें अंबाला के सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जिनके सिर में चार टांके लगे हैं, इसके अलावा नगर खेड़े के निकट रामू सहित करीब 4 लोगों को लावारिस पशुओं ने दौड़ा लिया और उन्हें चोटिल कर दिया। महिन्द्र सिंह ने बताया कि दो महीने पहले उसकी भाभी मंजीत कौर जैसे ही घर से बाहर निकली एक सांड़ ने हमला कर दिया। गौरतलब है कि नगर काउसिंल लालड़ूू में 32 एकड़ में करोड़ों रुपये की लागत से मगरा गौशाला सहित एक अन्य गौशाला होने के बावजूद लालड़ूू इलाके में लावारिस पशुओं की भरमार है, जिनसे स्थानीय निवासी तो परेशान हैं ही वहीं मुख्य मार्ग पर राहगीरों के लिए भी मुसीबत का कारण बने हुए हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
जीरकपुर। नगर काउंसिल की लापरवाही के चलते जीरकपुर में एक बेकाबू सांड़ और गाय ने शुक्रवार को आतंक मचा दिया। ऐसा उत्पात मचाया कि जीरकपुर के ममता एनक्लेव स्थित ग्रीन सिटी के श्री शिव शक्ति मनोकामना मंदिर के नजदीक दो मासूमों सहित आधा दर्जन लोग घायल हो गए। इन आवारा पशुओं ने तांडव की शुरुआत सुबह 8.30 बजे हुई। आपस में लड़ रहे सांड़ और गाय के बीच जंग ऐसी छिड़ी कि स्कूल बस का इंतजार कर रहे दो मासूम पहले इनकी चपेट में आ गए। उसके बाद मंदिर में पूजा करने आने वाले और उस रास्ते से गुजरने वाले करीब चार लोगों को बारी बारी से सांड़ और गाय ने अपना निशाना बनाया। सड़क पर जो राहगीर आता गया, सांड़ और गाय उन्हें रौंदते गए। आसपास की महिलाओं ने लाठी और डंडो से भगाने की बहुत कोशिश की। लोगों ने उस रूट से गुजरने वाले राहगीरों को आगाह किया और नगर कांउसिल के मुलाजिमों को कॉल कर मौके पर बुलाया, लेकिन वह भी दोपहर के बाद मौके पर पहुंचे तब तक सांड़ वहां से फरार हो चुका था, बेकाबू गाय को नगर काउंसिल के मुलाजिम काबू कर वहां से काउंसिल की गाड़ी में लेकर आए।
स्थानीय लोगों की माने तो सांड़ और आवारा गाय ने सुबह करीब 8:30 पर क्षेत्र में आतंक फैलाते हुए पंचकूला के हॉलमार्क स्कूल में पढ़ने जा रहे 2 मासूमों आदित्य (7) और अक्षित (9) वर्ष पर हमला कर दिया। मासूम आदित्य के सिर, बाजू, हाथों और पैर पर गंभीर चोटें लगी हैं, उसे पंचकूला के सेक्टर-6 के जनरल अस्पताल में उपचार के बाद घर लाया गया है। वहीं उसके बड़े भाई अक्षित ने बड़ी मुश्किल से भाग कर अपनी जान बचाई। इसी दौरान वहां से गुजर रहे एक दूध वाले ने इन बच्चों को बचाने की कोशिश की तो सांड़ बच्चों को छोड़ दूध वाले के पीछे पड़ गया और उसे भी घायल कर दिया। उसका पूरा दूूध जमीन पर गिरा दिया। मंदिर के पास हीं शांति एनक्लेव के फ्लैटों में रह रहे गुलशन बजाज अपने घर के सामने सैर कर रहे थे, तभी सांड़ ने गुलशन बजाज को घायल कर दिया। उनके सिर पर गंभीर चाट आई है। इसी दौरान करीब साढ़े 10 बजे मंदिर में माथा टेकने पहुंचे बीएन पांडे बीच बचाव के लिए आगे आए तो सांड़ ने उन्हें भी उठाकर जमीन पर पटक दिया और सिंग से उनके सीने और सिर पर कई बार वार किए। उसी रास्ते से गुजर रही एक 72 वर्षीय बुजुर्ग महिला हेमलता को गाय ने सींगों से टक्कर मारी और वह कुछ दूरी पर जा गिरी।
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दहशत में लोग, नगर काउंसिल के हाथ खाली
- सांड़ के खौफ से लोगों का घर से निकलना मुश्किल
- लोगों के सामान को नुकसान पहुंचा रहे हैं लावारिस पशु
दीपक शाही
जीरकपुर। शहर में सांड़ के खौफ से लोगों में दहशत का माहौल है। ममता एनक्लेव के लोगों ने बताया कि पिछले एक साल में दो दर्जन से ज्यादा लोगों को बेकाबू सांड़ घायल कर चुका है, बावजूद इसके जीरकपुर नगर काउंसिल लापरवाही बरत रहा है। वहीं ये लावारिस पशु सोसायटियों में लोगों की गाड़ी का शीशा भी आपस में लड़ते हुए कई बार तोड़ चुके हैं। इससे पहले भी ग्रीन सिटी क्षेत्र में ही 10 दिसंबर को एक व्यक्ति को एक सांड़ ने टक्कर मार कर घायल कर दिया था। बता दें कि शहर की मुख्य सड़कों जिनमें चंडीगढ़-अंबाला, जीरकपुर-पंचकूला, जीरकपुर-पटियाला समेत शहर की अंदरूनी सड़कें हैं। इनमें गांव छत, गांव गाजीपुर रोड, ढ़कोली सड़क, बलटाना, पीरमुछल्ला, लोहगढ़ क्षेत्र, भबात क्षेत्र सहित अन्य क्षेत्रों में लोग लावारिस पशुओं और कुत्तों की समस्या से परेशान हैं।
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सुबह 11 बजे नगर काउंसिल को सूचित किया, एक बजे टीम पहुंची
मंदिर के पुजारी पंडित विशाल ने बताया कि यहां स्थानीय लोगों ने नगर काउंसिल को दिन में करीब 11 बजे बेकाबू गाय और सांड़ की सूचना दी थी, लेकिन नगर काउंसिल की टीम मौके पर एक बजे पहुंची। एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सिर्फ गाय को ही पकड़ पाई काउंसिल की टीम। सांड़ को पकड़ नहीं पाए।
क्यों नहीं लगाता नगर काउंसिल जुर्माना
जीरकपुर में मवेशियों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। इनमें अधिकतर वे पशु हैं जिनके मालिक दिन में इनको सड़कों पर चरने के लिए खुला छोड़ देते हैं। इनकी वजह से यहां एक्सीडेंट का खतरा बढ़ गया है। वहीं हाइवे पर हादसों के साथ-साथ ट्रैफिक भी काफी प्रभावित होता है। बलटाना एरिया में ऐसे पालतू पशुओं की भरमार है।
क्या कहते हैं नगर काउंसिल के कार्यकारी अधिकारी
जीरकपुर नगर काउंसिल द्वारा दो-तीन सप्ताह पहले आवारा सांड़ों को पकड़ने की मुहिम शुरू की गई थी, लेकिन गौशालाओं में सांड़ों को लेने के लिए कोई तैयार नहीं है। इन आवारा पशुओं को शहर से बाहर छोड़ा गया था, लेकिन फिर ये शहर के बाजारों और रिहायशी इलाकों में आ जाते हैं। दोबारा सड़कों पर घूमने वाले आवारा पशुओं को पकड़ने के निर्देश दिए गए हैं, उन्हें पकड़ने के बाद जीरकपुर और लालड़ूू के गौशालाओं में छोड़ने की कार्रवाई की जाएगी।
लावारिस पशुओं से लोग परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
लालड़ूू। लालड़ू नगर काउंसिल में दो गौशालाएं होने के बावजूद इलाके में बड़ी मात्रा में लावारिस पशु लोगों के लिए सिरदर्दी बने हुए हैं। शुक्रवार के दिन लावारिस पशुओं ने तीन बुजुर्गों सहित आधा दर्जन लोगों को अपना शिकार बनाया। लावारिस पशुओं के कारण अब तक एक व्यक्ति की मौत सहित करीब चार दर्जन से ज्यादा लोग जख्मी हो चुके हैं। लालड़ूू मंडी निवासी महिन्द्र सिंह ने बताया कि शुक्रवार की सुबह उनके पिता बलवंत सिंह (75) वर्ष जो कि अजमेर सिंह (90) वर्ष के घर के बाहर बैठे थे, उसी समय दो सांड़ आए और दोनों बुजुर्गों पर हमला कर दिया, जिन्हें वहां के लोगों ने बहुत ही मुश्किल बचाया। उन्होंने तुरंत पिता को सरकारी अस्पताल लालड़ूू में भर्ती करवाया गया, जहां पर उनके सिर पर चार टांके लगे और अजमेर सिंह को भी गंभीर चोटें आई हैं। महिंद्र ने बताया कि आज जैसे ही उसका चाचा कुलदीप सिंह घर से बाहर निकला तो एक सांड़ ने उन पर हमला कर बुरी तरह से घायल कर दिया। उन्हें अंबाला के सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जिनके सिर में चार टांके लगे हैं, इसके अलावा नगर खेड़े के निकट रामू सहित करीब 4 लोगों को लावारिस पशुओं ने दौड़ा लिया और उन्हें चोटिल कर दिया। महिन्द्र सिंह ने बताया कि दो महीने पहले उसकी भाभी मंजीत कौर जैसे ही घर से बाहर निकली एक सांड़ ने हमला कर दिया। गौरतलब है कि नगर काउसिंल लालड़ूू में 32 एकड़ में करोड़ों रुपये की लागत से मगरा गौशाला सहित एक अन्य गौशाला होने के बावजूद लालड़ूू इलाके में लावारिस पशुओं की भरमार है, जिनसे स्थानीय निवासी तो परेशान हैं ही वहीं मुख्य मार्ग पर राहगीरों के लिए भी मुसीबत का कारण बने हुए हैं।