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स्टोन क्रैशर सील
Updated Mon, 26 Nov 2018 12:56 AM IST
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माइनिंग विभाग की टीम ने शिकायत मिलने पर दी थी दबिश
स्टोन क्रैशरों के मुलाजिम नहीं पेश कर पाए दस्तावेज, अब एफआईआर दर्ज करवाने की तैयारी
पावर बैकअप के लिए जेनरेटर लगाए थे, बिजली के कनेक्शन तक भी काट दिए गए
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। गैैर कानूनी माइनिंग पर शिकंजा कसने के साथ ही अब प्रशासन स्टोन क्रैशरों पर भी सख्त हो गया। इस कड़ी में नियमों को ताक में रखकर चल रहे तीन स्टोन क्रैशरों को माइनिंग विभाग दारा सील कर दिया है। इसके अलावा उनके बिजली के कनेक्शन भी काट दिए गए हैं। वहीं, विभाग का कहना है कि यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेेगी। किसी को प्रशासन द्वारा निर्धारित नियम तोड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
जानकारी के मुताबिक माइनिंग विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि इलाके में गैर कानूनी तरीके से माइनिंग हो रही है। इसके बाद माइनिंग विभाग की टीम ने ब्लाक माजरी में दबिश दी। इस दौरान वहां पर तीन स्टोन क्रैशरों को चैक किया गया। क्रैशर मालिक इस दौरान किसी भी तरह के दस्तावेज पेश नहीं कर पाए। इस दौरान विभाग की चेकिंग में सामने आया कि स्टोन क्रैशर वाले पूरी प्लानिंग से काम कर रहे थे। उन्होंने बिजली के बैकअप के लिए बाकायदा जेनरेटर तक रखे हुए थे। इसके बाद विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए तीनों स्टोन क्रैशर सील कर दिया गया। वहीं, विभाग की तरफ से अब स्टोन क्रैशर वालों को इस संबंधी दस्तावेज पेश करने के लिए कहा गया है। अगर यह तय समय में दस्तावेज पेश नहीं कर पाए, तो उनके खिलाफ पुलिस केस तक दर्ज करवाए जाएंगे। वहीं, माइनिंग विभाग ने इस संबंधी रिपोर्ट प्रशासन की तरफ से तैनात नोडल अफसर एडीसी चरनजीत सिंह मान को भी भेज दी है। विभाग ने साफ कर दिया है कि शहर में गैर कानूनी माइनिंग नहीं चलने दी जाएगी। यह चेकिंग प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।
वन अधिकारियों पर हो चुका है अटैक
जानकारी के मुताबिक इस साल के शुरू में तो माइनिंग माफिया ज्यादा सक्रिय था। मुल्लांपुर में तो माइनिंग माफिया ने वन विभाग के अधिकारियों व मुलाजिमों पर हमला कर दिया था। इस दौरान सभी घायलों को पीजीआई में भरती करवाया गया था। वन अधिकारी कई महीनों तक कोमा में रहे थे। इसके बाद पुलिस विभाग ने करीब छह लोगों पर केस दर्ज किया था।
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डेराबस्सी ब्लॉक में चल रही विजिलेंस जांच
डेराबस्सी में अवैध माइनिंग मामले की शिकायतों के बाद विजिलेंस दारा इस मामले की जांच की जा रही है। विजिलेंस की टीम इलाके में जाकर लोगों के बयान तक दर्ज चुुुकी हैं। अधिकारियों का कहना है कि नियम तोड़ने को माफ नहीं किया जाएगा। जो भी दोषी पाए जाएंगे उन पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
जीयो फेंसिंग से रखी जाएगी नजर
जिला प्रशासन अब माइनिंग पर जीयो फेंसिंग से नजर रखेगा। इतना ही नहीं गाड़ियों पर स्पेशल होलोग्राम लगाए जाएंगे। इसके अलावा जीपीएस सिस्टम भी गाड़ियों में रहेगा। इसके अलावा कई अन्य कदम उठाए जा रहे हैं।
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स्टोन क्रैशरों के मुलाजिम नहीं पेश कर पाए दस्तावेज, अब एफआईआर दर्ज करवाने की तैयारी
पावर बैकअप के लिए जेनरेटर लगाए थे, बिजली के कनेक्शन तक भी काट दिए गए
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। गैैर कानूनी माइनिंग पर शिकंजा कसने के साथ ही अब प्रशासन स्टोन क्रैशरों पर भी सख्त हो गया। इस कड़ी में नियमों को ताक में रखकर चल रहे तीन स्टोन क्रैशरों को माइनिंग विभाग दारा सील कर दिया है। इसके अलावा उनके बिजली के कनेक्शन भी काट दिए गए हैं। वहीं, विभाग का कहना है कि यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेेगी। किसी को प्रशासन द्वारा निर्धारित नियम तोड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
जानकारी के मुताबिक माइनिंग विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि इलाके में गैर कानूनी तरीके से माइनिंग हो रही है। इसके बाद माइनिंग विभाग की टीम ने ब्लाक माजरी में दबिश दी। इस दौरान वहां पर तीन स्टोन क्रैशरों को चैक किया गया। क्रैशर मालिक इस दौरान किसी भी तरह के दस्तावेज पेश नहीं कर पाए। इस दौरान विभाग की चेकिंग में सामने आया कि स्टोन क्रैशर वाले पूरी प्लानिंग से काम कर रहे थे। उन्होंने बिजली के बैकअप के लिए बाकायदा जेनरेटर तक रखे हुए थे। इसके बाद विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए तीनों स्टोन क्रैशर सील कर दिया गया। वहीं, विभाग की तरफ से अब स्टोन क्रैशर वालों को इस संबंधी दस्तावेज पेश करने के लिए कहा गया है। अगर यह तय समय में दस्तावेज पेश नहीं कर पाए, तो उनके खिलाफ पुलिस केस तक दर्ज करवाए जाएंगे। वहीं, माइनिंग विभाग ने इस संबंधी रिपोर्ट प्रशासन की तरफ से तैनात नोडल अफसर एडीसी चरनजीत सिंह मान को भी भेज दी है। विभाग ने साफ कर दिया है कि शहर में गैर कानूनी माइनिंग नहीं चलने दी जाएगी। यह चेकिंग प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।
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वन अधिकारियों पर हो चुका है अटैक
जानकारी के मुताबिक इस साल के शुरू में तो माइनिंग माफिया ज्यादा सक्रिय था। मुल्लांपुर में तो माइनिंग माफिया ने वन विभाग के अधिकारियों व मुलाजिमों पर हमला कर दिया था। इस दौरान सभी घायलों को पीजीआई में भरती करवाया गया था। वन अधिकारी कई महीनों तक कोमा में रहे थे। इसके बाद पुलिस विभाग ने करीब छह लोगों पर केस दर्ज किया था।
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डेराबस्सी ब्लॉक में चल रही विजिलेंस जांच
डेराबस्सी में अवैध माइनिंग मामले की शिकायतों के बाद विजिलेंस दारा इस मामले की जांच की जा रही है। विजिलेंस की टीम इलाके में जाकर लोगों के बयान तक दर्ज चुुुकी हैं। अधिकारियों का कहना है कि नियम तोड़ने को माफ नहीं किया जाएगा। जो भी दोषी पाए जाएंगे उन पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
जीयो फेंसिंग से रखी जाएगी नजर
जिला प्रशासन अब माइनिंग पर जीयो फेंसिंग से नजर रखेगा। इतना ही नहीं गाड़ियों पर स्पेशल होलोग्राम लगाए जाएंगे। इसके अलावा जीपीएस सिस्टम भी गाड़ियों में रहेगा। इसके अलावा कई अन्य कदम उठाए जा रहे हैं।