{"_id":"6421faf8ed3b14581d0e85e4","slug":"comrade-gurnam-singhs-book-keval-sachho-sach-released-mohali-news-c-16-1-99002-2023-03-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mohali News: कामरेड गुरनाम सिंह की पुस्तक ‘केवल सचो सच’ विमोचित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mohali News: कामरेड गुरनाम सिंह की पुस्तक ‘केवल सचो सच’ विमोचित
विज्ञापन
कामरेड गुरनाम सिंह की पुस्तक ‘केवल सचो सच’ विमोचित
पंजाबी लिखारी सभा की बैठक में साहित्यकारों ने पेश की रचनाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
कुराली। स्थानीय पंजाबी लिखारी सभा की बैठक प्रधान हरदीप सिंह गिल की अध्यक्षता में हुई। यह सभा शहीद भगत सिंह, शहीद राजगुरु और शहीद सुखदेव को समर्पित की गई। इस मौके पर रोपड़ की एसडीओ कामरेड गुरनाम सिंह की पुस्तक ‘केवल सचो सच’ का विमोचन किया गया।
इस अवसर पर डॉ. रजिन्द्र सिंह ने कहा कि शहीद भगत सिंह ने हथियारों के बजाय विचार की शक्ति में विश्वास के महत्व को स्थापित किया। चरनजीत सिंह कतरा सहौडा ने कविता के माध्यम से व्यक्तित्व निर्माण में पुस्तकों की भूमिका को उभारा। कुलविंदर खैराबादी ने कॉर्पोरेट जगत के विस्तार के नकारात्मक प्रभाव को कविता का विषय बनाया। सुखदीप सिंह सहौड़ा ने बेटियों को कोख में मारने के खिलाफ आवाज उठाई। सभा के पूर्व अध्यक्ष कुलवंत सिंह मावी ने ‘मां कहे भगत सिंह को’ के माध्यम से भगत सिंह के गुण गाए। बीबी बलविंदर कौर ने लोकतंत्र के महत्व के बारे में बताया।
इसके बाद भूपिन्द्र सिंह भागोमाजरा ने भगत सिंह की फांसी के दृश्य को गाकर सभी को भावुक कर दिया। केसर सिंह कंग ने सुंदर कविता के माध्यम से भगत सिंह की विचारधारा के मानवतावादी पक्ष को उभारा। मोहन सिंह पपराला ने कच्चा घड़ा के माध्यम से जीवन की प्रासंगिकता का संदेश दिया। वहीं सभा ने कामरेड गुरनाम सिंह, कुलवंत सिंह मावी और डॉ. राजिंदर सिंह कुराली को सम्मानित किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
पंजाबी लिखारी सभा की बैठक में साहित्यकारों ने पेश की रचनाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
कुराली। स्थानीय पंजाबी लिखारी सभा की बैठक प्रधान हरदीप सिंह गिल की अध्यक्षता में हुई। यह सभा शहीद भगत सिंह, शहीद राजगुरु और शहीद सुखदेव को समर्पित की गई। इस मौके पर रोपड़ की एसडीओ कामरेड गुरनाम सिंह की पुस्तक ‘केवल सचो सच’ का विमोचन किया गया।
इस अवसर पर डॉ. रजिन्द्र सिंह ने कहा कि शहीद भगत सिंह ने हथियारों के बजाय विचार की शक्ति में विश्वास के महत्व को स्थापित किया। चरनजीत सिंह कतरा सहौडा ने कविता के माध्यम से व्यक्तित्व निर्माण में पुस्तकों की भूमिका को उभारा। कुलविंदर खैराबादी ने कॉर्पोरेट जगत के विस्तार के नकारात्मक प्रभाव को कविता का विषय बनाया। सुखदीप सिंह सहौड़ा ने बेटियों को कोख में मारने के खिलाफ आवाज उठाई। सभा के पूर्व अध्यक्ष कुलवंत सिंह मावी ने ‘मां कहे भगत सिंह को’ के माध्यम से भगत सिंह के गुण गाए। बीबी बलविंदर कौर ने लोकतंत्र के महत्व के बारे में बताया।
विज्ञापन
इसके बाद भूपिन्द्र सिंह भागोमाजरा ने भगत सिंह की फांसी के दृश्य को गाकर सभी को भावुक कर दिया। केसर सिंह कंग ने सुंदर कविता के माध्यम से भगत सिंह की विचारधारा के मानवतावादी पक्ष को उभारा। मोहन सिंह पपराला ने कच्चा घड़ा के माध्यम से जीवन की प्रासंगिकता का संदेश दिया। वहीं सभा ने कामरेड गुरनाम सिंह, कुलवंत सिंह मावी और डॉ. राजिंदर सिंह कुराली को सम्मानित किया।
विज्ञापन