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18 सालों बाद किसानों को मिला उनका हक
Updated Sun, 11 Feb 2018 01:28 AM IST
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18 साल बाद किसानों को मिला इंसाफ
लोक अदालत के फैसले के बाद गमाडा ने जमा करवाए 20 करोड़ रुपये
किसानों के लिए वरदान साबित हुई लोक अदालत
जमीन अधिग्रहण के 160 में से 120 मामलों का हुआ निपटारा
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली।
करीब 18 साल से मुआवजे का इंतजार कर रहे किसानों के चेहरे शनिवार को खिल उठे। करीब 500 किसानों को नेशनल लोक अदालत में गमाडा ने विभिन्न प्रोजेक्टों के लिए एक्वायर की गई जमीन का बढ़ा हुआ मुआवजा अदालत में जमा करवाया, जो कि करीब 20 करोड़ रुपये बनता है। किसानों की ओर से वकील शेर सिंह राठौर, कुलदीप सिंह राठौर और रनदीप सिंह राठौर इस मामले की पैरवी कर रहे थे। उन्होंने बताया कि उनकी कोशिश यही थी कि किसानों को उनका बनता हक दिलवाया जाए। लोक अदालत में मुआवजे के करीब 160 मामले आए थे, जिसमें 120 का निपटारा हुआ है।
जानकारी के मुताबिक, गमाडा ने साल 2001 से 2013 तक विभिन्न प्रोजेक्टों के लिए कई गांवों में जमीनें अधिगृहीत की थीं, जिसमें गमाडा की हाउसिंग प्रोजेक्ट और सड़कें शामिल थीं। जिन गांवों की जमीन एक्वायर की गई थी, उनमें लखनौर, छत, फिरोजपुुुुुर बंगर, मुल्लांपुर गरीबदास, बल्लोमाजरा, सोहाना, कुंभड़ा समेत कई अन्य गांव शामिल थे। जब गमाडा की ओर से जमीनें एक्वायर की गईं थी तो उस समय कुछ किसानों ने गमाडा की ओर से दिए गए मुआवजे का विरोध किया था।
उनकी दलील थी कि गमाडा जमीन एक्वायर करने पर उनको काफी कम मुआवजा दे रहा है। किसानों ने इस मामले को कोर्ट ले जाने का फैसला किया था। इसके बाद मामला पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट भी पहुंचा और अब आखिरकार लोक अदालत के माध्यम से मामले का निपटारा हो गया। गमाडा ने लोक अदालत के फैसले के बाद मुआवजा अदालत में जमा करवाया, जो कि करीब 20 करोड़ रुपये बनता है।
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मुल्लांपुर में मुआवजा राशि 2.32 करोड़
गमाडा ने मुल्लांपुर में इको सिटी समेत कई प्रोजेक्टों के लिए 2010 में जमीन एक्वायर की थी। तब गमाडा ने जमीन का मूल्य प्रति एकड़ 1.36 करोड़ रुपये दिया था। जिसका किसानों ने विरोध किया था। इसके बाद किसानों ने कोर्ट की शरण ली और अदालत ने अब मुल्लांपुर में मुआवजा राशि 2.32 करोड़ रुपये करने का फैसला सुनाया था।
बल्लोमाजरा में मुआवजा राशि ढाई करोड़
गमाडा ने बल्लोमाजरा गांव की जमीन एयरपोर्ट रोड के लिए 2007 में एक्वायर की थी। तब जमीन का मुआवजा गमाडा ने प्रति एकड़ डेढ़ करोड़ रुपये दिया था। अदालत ने मुआवजा राशि को डेढ़ करोड़ से बढ़ाकर ढाई करोड़ कर दिया था। इसी तरह गांव चिल्ला में भी मुआवजा राशि 40 लाख से बढ़ाकर 55 लाख कर दी गई थी।
बॉक्स
नेशनल लोक अदालत में 862 मामलों का हुआ निपटारा
24 करोड़ 79 लाख 28 हजार 198 रुपये के अवार्ड किए गए पास
मोहाली में छह और डेराबस्सी-खरड़ में दो-दो बेंच बनाए गए थे
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली।
राष्ट्रीय कानून सेवा अथॉरिटी की ओर से पंजाब कानून सेवा अथॉरिटी के कार्यकारी चेयरमैन टीपीएस मान के निर्देशों पर जिले में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला सेशन जज कम चेयरमैन जिला कानून सेवा अथॉरिटी अर्चना पुरी की अगुवाई में लगाई गई नेशनल लोक अदालत के दौरान 862 मामलों का निपटारा किया गया और 24 करोड़ 79 लाख 28 हजार 198 रुपये के अवार्ड पास किए गए। लोक अदालत के दौरान क्रिमिनल कंपाउंडेबल ऑफेंस, एनआई एक्ट अंडर सेक्शन-138, बैंक रिकवरी मामले, एमएसीटी केस, मेट्रोमोनियल डिस्प्यूट, लेबर, लैंड एक्यूजेशन केस, इलेक्ट्रीसिटी और पानी बिल समेत कई प्रकार के मामले रखे गए थे। जिला एवं सेशन जज अर्चना पुरी ने बताया कि जिला अदालत में छह, डेराबस्सी में दो और खरड़ में दो बेंच बनाए गए थे। जिसमें मोहाली, खरड़ और डेराबस्सी की अदालतों में ज्यादा से ज्यादा मामले निपटारे के लिए रखे गए थे, जिनका आपसी सहमति के साथ निपटारा किया गया है। सीजीएम-कम-सचिव जिला कानून सेवा अथॉरिटी मोनिका लांबा ने बताया कि शनिवार को जिले में लगाई गई नेशनल लोक अदालत के दौरान 862 मामलों का निपटारा करके कुल 24 करोड़ 79 लाख 28 हजार 198 रुपये के अवार्ड पास किए गए।
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लोक अदालत के फैसले के बाद गमाडा ने जमा करवाए 20 करोड़ रुपये
किसानों के लिए वरदान साबित हुई लोक अदालत
जमीन अधिग्रहण के 160 में से 120 मामलों का हुआ निपटारा
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली।
करीब 18 साल से मुआवजे का इंतजार कर रहे किसानों के चेहरे शनिवार को खिल उठे। करीब 500 किसानों को नेशनल लोक अदालत में गमाडा ने विभिन्न प्रोजेक्टों के लिए एक्वायर की गई जमीन का बढ़ा हुआ मुआवजा अदालत में जमा करवाया, जो कि करीब 20 करोड़ रुपये बनता है। किसानों की ओर से वकील शेर सिंह राठौर, कुलदीप सिंह राठौर और रनदीप सिंह राठौर इस मामले की पैरवी कर रहे थे। उन्होंने बताया कि उनकी कोशिश यही थी कि किसानों को उनका बनता हक दिलवाया जाए। लोक अदालत में मुआवजे के करीब 160 मामले आए थे, जिसमें 120 का निपटारा हुआ है।
जानकारी के मुताबिक, गमाडा ने साल 2001 से 2013 तक विभिन्न प्रोजेक्टों के लिए कई गांवों में जमीनें अधिगृहीत की थीं, जिसमें गमाडा की हाउसिंग प्रोजेक्ट और सड़कें शामिल थीं। जिन गांवों की जमीन एक्वायर की गई थी, उनमें लखनौर, छत, फिरोजपुुुुुर बंगर, मुल्लांपुर गरीबदास, बल्लोमाजरा, सोहाना, कुंभड़ा समेत कई अन्य गांव शामिल थे। जब गमाडा की ओर से जमीनें एक्वायर की गईं थी तो उस समय कुछ किसानों ने गमाडा की ओर से दिए गए मुआवजे का विरोध किया था।
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उनकी दलील थी कि गमाडा जमीन एक्वायर करने पर उनको काफी कम मुआवजा दे रहा है। किसानों ने इस मामले को कोर्ट ले जाने का फैसला किया था। इसके बाद मामला पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट भी पहुंचा और अब आखिरकार लोक अदालत के माध्यम से मामले का निपटारा हो गया। गमाडा ने लोक अदालत के फैसले के बाद मुआवजा अदालत में जमा करवाया, जो कि करीब 20 करोड़ रुपये बनता है।
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मुल्लांपुर में मुआवजा राशि 2.32 करोड़
गमाडा ने मुल्लांपुर में इको सिटी समेत कई प्रोजेक्टों के लिए 2010 में जमीन एक्वायर की थी। तब गमाडा ने जमीन का मूल्य प्रति एकड़ 1.36 करोड़ रुपये दिया था। जिसका किसानों ने विरोध किया था। इसके बाद किसानों ने कोर्ट की शरण ली और अदालत ने अब मुल्लांपुर में मुआवजा राशि 2.32 करोड़ रुपये करने का फैसला सुनाया था।
बल्लोमाजरा में मुआवजा राशि ढाई करोड़
गमाडा ने बल्लोमाजरा गांव की जमीन एयरपोर्ट रोड के लिए 2007 में एक्वायर की थी। तब जमीन का मुआवजा गमाडा ने प्रति एकड़ डेढ़ करोड़ रुपये दिया था। अदालत ने मुआवजा राशि को डेढ़ करोड़ से बढ़ाकर ढाई करोड़ कर दिया था। इसी तरह गांव चिल्ला में भी मुआवजा राशि 40 लाख से बढ़ाकर 55 लाख कर दी गई थी।
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नेशनल लोक अदालत में 862 मामलों का हुआ निपटारा
24 करोड़ 79 लाख 28 हजार 198 रुपये के अवार्ड किए गए पास
मोहाली में छह और डेराबस्सी-खरड़ में दो-दो बेंच बनाए गए थे
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली।
राष्ट्रीय कानून सेवा अथॉरिटी की ओर से पंजाब कानून सेवा अथॉरिटी के कार्यकारी चेयरमैन टीपीएस मान के निर्देशों पर जिले में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला सेशन जज कम चेयरमैन जिला कानून सेवा अथॉरिटी अर्चना पुरी की अगुवाई में लगाई गई नेशनल लोक अदालत के दौरान 862 मामलों का निपटारा किया गया और 24 करोड़ 79 लाख 28 हजार 198 रुपये के अवार्ड पास किए गए। लोक अदालत के दौरान क्रिमिनल कंपाउंडेबल ऑफेंस, एनआई एक्ट अंडर सेक्शन-138, बैंक रिकवरी मामले, एमएसीटी केस, मेट्रोमोनियल डिस्प्यूट, लेबर, लैंड एक्यूजेशन केस, इलेक्ट्रीसिटी और पानी बिल समेत कई प्रकार के मामले रखे गए थे। जिला एवं सेशन जज अर्चना पुरी ने बताया कि जिला अदालत में छह, डेराबस्सी में दो और खरड़ में दो बेंच बनाए गए थे। जिसमें मोहाली, खरड़ और डेराबस्सी की अदालतों में ज्यादा से ज्यादा मामले निपटारे के लिए रखे गए थे, जिनका आपसी सहमति के साथ निपटारा किया गया है। सीजीएम-कम-सचिव जिला कानून सेवा अथॉरिटी मोनिका लांबा ने बताया कि शनिवार को जिले में लगाई गई नेशनल लोक अदालत के दौरान 862 मामलों का निपटारा करके कुल 24 करोड़ 79 लाख 28 हजार 198 रुपये के अवार्ड पास किए गए।