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‘पंजाब में टारगेट कीलिंग के आरोपियों की जान को खतरा’
Updated Tue, 13 Feb 2018 02:00 AM IST
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‘पंजाब में टारगेट किलिंग के आरोपियों की जान को खतरा’
आरोपियों को दिल्ली शिफ्ट करने के लिए एनआईए ने लगाई याचिका
चालान पेश करने के लिए समय बढ़ाने की याचिका पर दोनों पक्षों में हुई बहस
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली।
पंजाब में हुई हिंदू नेेताओं की टारगेट किलिंग के आरोपियों को कड़ी सुरक्षा में शुक्रवार को नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) द्वारा स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया। इसमें शूटर हरदीप सिंह शेरा, रमनदीप सिंह, ब्रिटिश नागरिक जगतार सिंह जोहल और दलजीत सिंह जिम्मी, पहाड़ सिंह, अनिल उर्फ काला व गैंगस्टर धर्मेंद्र गुगनी शामिल थे।
पता चला है कि अदालत में सुनवाई के दौरान एनआईए की ओर से एक याचिका लगाई गई है, जिसमें कहा गया है कि पंजाब में इन सभी आरोपियों की जान को खतरा है, इसलिए इनको दिल्ली शिफ्ट किया जाए। पंजाब में उनकी सुरक्षा में सेंध लग सकती है। आरोपियों के वकील जसपाल सिंह मंझपुर ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा कि इस याचिका पर अभी फैसला होना है। दूसरी तरफ इससे पहले एनआईए द्वारा अदालत में एक याचिका लगाई गई थी, जिसमें मांग की गई थी कि उन्हें आरोपियों के खिलाफ चालान पेश करने के लिए 180 दिनों का समय दिया जाए। एजेंसी की दलील थी कि यह मामला काफी गंभीर है। इस केस में आरोपी 42-42 दिन तक रिमांड पर रह चुके हैं। इसके अलावा मामले के तार देश ही नहीं विदेश से जुड़े हैं। मामले के आरोपी अब तक उनके हाथ से बाहर है। इस पर दोनों पक्षों के वकीलों की बहस हुई, जिसके बाद याचिका पर फैसला सुनाने के लिए अदालत ने 14 फरवरी की तारीख निश्चित की है। कोर्ट ने सभी आरोपियों को पांच मार्च तक के लिए जूडिशियल रिमांड पर भेज दिया। इस दौरान कई आरोपियों के परिजन भी उनसे मिलने कोर्ट पहुंचे हुए थे।
अब यूपी से प्रोडक्शन वारंट पर आएगा एक आरोपी
एनआईए की जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपियों को हथियार मुहैया करवाने में उत्तर प्रदेश के मलूक नामक व्यक्ति का हाथ है। जो इस समय यूपी की जेल में बंद है। एनआईए कई बार आरोपी को वहां से प्रोडक्शन वारंट पर लाने की कोशिश कर चुुकी है, जिसमें उसे सफलता नहीं मिल पाई है। अब एनआईए की ओर से एक बार फिर उसे जल्द लाने का प्रयास किया जाएगा।
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‘पंजाब में टारगेट किलिंग के आरोपियों की जान को खतरा’
आरोपियों को दिल्ली शिफ्ट करने के लिए एनआईए ने लगाई याचिका
चालान पेश करने के लिए समय बढ़ाने की याचिका पर दोनों पक्षों में हुई बहस
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली।
पंजाब में हुई हिंदू नेेताओं की टारगेट किलिंग के आरोपियों को कड़ी सुरक्षा में शुक्रवार को नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) द्वारा स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया। इसमें शूटर हरदीप सिंह शेरा, रमनदीप सिंह, ब्रिटिश नागरिक जगतार सिंह जोहल और दलजीत सिंह जिम्मी, पहाड़ सिंह, अनिल उर्फ काला व गैंगस्टर धर्मेंद्र गुगनी शामिल थे।
पता चला है कि अदालत में सुनवाई के दौरान एनआईए की ओर से एक याचिका लगाई गई है, जिसमें कहा गया है कि पंजाब में इन सभी आरोपियों की जान को खतरा है, इसलिए इनको दिल्ली शिफ्ट किया जाए। पंजाब में उनकी सुरक्षा में सेंध लग सकती है। आरोपियों के वकील जसपाल सिंह मंझपुर ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा कि इस याचिका पर अभी फैसला होना है। दूसरी तरफ इससे पहले एनआईए द्वारा अदालत में एक याचिका लगाई गई थी, जिसमें मांग की गई थी कि उन्हें आरोपियों के खिलाफ चालान पेश करने के लिए 180 दिनों का समय दिया जाए। एजेंसी की दलील थी कि यह मामला काफी गंभीर है। इस केस में आरोपी 42-42 दिन तक रिमांड पर रह चुके हैं। इसके अलावा मामले के तार देश ही नहीं विदेश से जुड़े हैं। मामले के आरोपी अब तक उनके हाथ से बाहर है। इस पर दोनों पक्षों के वकीलों की बहस हुई, जिसके बाद याचिका पर फैसला सुनाने के लिए अदालत ने 14 फरवरी की तारीख निश्चित की है। कोर्ट ने सभी आरोपियों को पांच मार्च तक के लिए जूडिशियल रिमांड पर भेज दिया। इस दौरान कई आरोपियों के परिजन भी उनसे मिलने कोर्ट पहुंचे हुए थे।
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अब यूपी से प्रोडक्शन वारंट पर आएगा एक आरोपी
एनआईए की जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपियों को हथियार मुहैया करवाने में उत्तर प्रदेश के मलूक नामक व्यक्ति का हाथ है। जो इस समय यूपी की जेल में बंद है। एनआईए कई बार आरोपी को वहां से प्रोडक्शन वारंट पर लाने की कोशिश कर चुुकी है, जिसमें उसे सफलता नहीं मिल पाई है। अब एनआईए की ओर से एक बार फिर उसे जल्द लाने का प्रयास किया जाएगा।
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