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बच्चों के लिए स्पेशल पेपर तैयार करेगा पीएसईबी
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दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए स्पेशल पेपर तैयार करेगा पीएसईबी
ऐसी कोशिश करने वाला पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड देश का पहला बोर्ड बना
दिव्यांग बच्चों को पेपर हल करने के लिए अतिरिक्त एक घंटा मिलेगा
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (पीएसईबी) देश का ऐसा पहला ऐसा बोर्ड बन गया है, जहां पर दिव्यांग बच्चों के लिए स्पेशल प्रश्न पत्र बनाए गए हैं। इतना ही नहीं दिव्यांग विद्यार्थियों को अन्य विद्यार्थियों की अपेक्षा प्रश्न पत्र हल करने के लिए एक घंटा अतिरिक्त समय भी दिया जाएगा ताकि बच्चों को पेपर हल करने में किसी भी प्रकार की दिक्कत न आए। यह दावा पीएसईबी के चेयरमैन मनोहर कांत कलोलिया ने वीरवार को बोर्ड में एक बैठक के दौरान किया। उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश यही है कि दिव्यांग बच्चों के मन में कभी भी हीनता का भाव न आए। साथ ही वे भी अपने टैलेंट को बखूबी दिखा पाएं। उनका कहना है कि दिव्यांग बच्चे काफी टैलेंटेड होते हैं।
शिक्षा बोर्ड द्वारा ली जाने वाली दसवीं और 12वीं की परीक्षा में प्रत्येक वर्ष सात लाख के करीब स्टूडेंट्स पूरे राज्य में अपीयर होते हैं। ऐसे में कई दिव्यांग बच्चे भी परीक्षा में अपीयर होते थे। इन बच्चों के टैलेंट को ध्यान में रखकर बोर्ड ने पहले एक स्पेशल कमेटी तैयार की थी। जिन्होंने उक्त प्रश्न पत्र तैयार किए हैं। कुछ सैंपल पेपर बोर्ड ने अपनी वेबसाइट पर अपलोड किए हैं। इसके अलावा दिव्यांग बच्चों को अन्य बच्चों की तुलना में एक घंटा अतिरिक्त समय दिया जाएगा।। सामान्य तौर पर जनरल बच्चों को तीन घंटे पेपर हल करने के लिए और पंद्रह मिनट पेपर पढ़ने के लिए दिए जाते हैं। जबकि दिव्यांग बच्चों को अतिरिक्त एक घंटे का समय दिया जाएगा।
जिक्रयोग है कि बोर्ड ने इस बार परीक्षाओं को नकल मुक्त बनाने का फैसला लिया है। इसके लिए बोर्ड की तरफ से राज्य के 22 जिलों में स्पेशल प्रोग्राम करवाए जा रहे हैं। जिनमें विद्यार्थियों को नकल न करने की शपथ दिलाई जा रही है। उन्हें मानसिक परेशानी से बचने के लिए मूवी दिखाई जा रही है। इसके अलावा कई अन्य कदम उठाए गए जिससे विद्यार्थियों को काफी फायदा होगा।
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ऐसी कोशिश करने वाला पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड देश का पहला बोर्ड बना
दिव्यांग बच्चों को पेपर हल करने के लिए अतिरिक्त एक घंटा मिलेगा
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (पीएसईबी) देश का ऐसा पहला ऐसा बोर्ड बन गया है, जहां पर दिव्यांग बच्चों के लिए स्पेशल प्रश्न पत्र बनाए गए हैं। इतना ही नहीं दिव्यांग विद्यार्थियों को अन्य विद्यार्थियों की अपेक्षा प्रश्न पत्र हल करने के लिए एक घंटा अतिरिक्त समय भी दिया जाएगा ताकि बच्चों को पेपर हल करने में किसी भी प्रकार की दिक्कत न आए। यह दावा पीएसईबी के चेयरमैन मनोहर कांत कलोलिया ने वीरवार को बोर्ड में एक बैठक के दौरान किया। उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश यही है कि दिव्यांग बच्चों के मन में कभी भी हीनता का भाव न आए। साथ ही वे भी अपने टैलेंट को बखूबी दिखा पाएं। उनका कहना है कि दिव्यांग बच्चे काफी टैलेंटेड होते हैं।
शिक्षा बोर्ड द्वारा ली जाने वाली दसवीं और 12वीं की परीक्षा में प्रत्येक वर्ष सात लाख के करीब स्टूडेंट्स पूरे राज्य में अपीयर होते हैं। ऐसे में कई दिव्यांग बच्चे भी परीक्षा में अपीयर होते थे। इन बच्चों के टैलेंट को ध्यान में रखकर बोर्ड ने पहले एक स्पेशल कमेटी तैयार की थी। जिन्होंने उक्त प्रश्न पत्र तैयार किए हैं। कुछ सैंपल पेपर बोर्ड ने अपनी वेबसाइट पर अपलोड किए हैं। इसके अलावा दिव्यांग बच्चों को अन्य बच्चों की तुलना में एक घंटा अतिरिक्त समय दिया जाएगा।। सामान्य तौर पर जनरल बच्चों को तीन घंटे पेपर हल करने के लिए और पंद्रह मिनट पेपर पढ़ने के लिए दिए जाते हैं। जबकि दिव्यांग बच्चों को अतिरिक्त एक घंटे का समय दिया जाएगा।
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जिक्रयोग है कि बोर्ड ने इस बार परीक्षाओं को नकल मुक्त बनाने का फैसला लिया है। इसके लिए बोर्ड की तरफ से राज्य के 22 जिलों में स्पेशल प्रोग्राम करवाए जा रहे हैं। जिनमें विद्यार्थियों को नकल न करने की शपथ दिलाई जा रही है। उन्हें मानसिक परेशानी से बचने के लिए मूवी दिखाई जा रही है। इसके अलावा कई अन्य कदम उठाए गए जिससे विद्यार्थियों को काफी फायदा होगा।
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