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किसान आंदोलन में शामिल युवक की मौत, इकलौते बेटे के जाने से घर में मातम
Sun, 03 Jan 2021 09:32 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बठिंडा (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, बठिंडा (पंजाब)
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Sun, 03 Jan 2021 09:32 AM IST
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मृतक युवक की फाइल फोटो।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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कृषि कानून वापस करवाने को लेकर भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के बैनर तले टीकरी बॉर्डर पर चल रहे धरने में शनिवार को शामिल होने पहुंचे बठिंडा के 18 वर्षीय युवक की हालत बिगड़ गई। रोहतक पीजीआई में शनिवार देर शाम उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान जश्नप्रीत सिंह (18) निवासी गांव चाउके जिला बठिंडा के तौर पर हुई है।
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भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के नेता जसवीर सिंह ने शनिवार रात साढ़े आठ बजे फोन पर बताया कि जश्नप्रीत सिंह शनिवार सुबह टीकरी बॉर्डर पर धरना देने पहुंचा था। अचानक उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। उसे पीजीआई रोहतक में दाखिल करवाया गया। वहां युवक ने इलाज के दौरान दम तोड दिया। जश्नप्रीत सिंह अपने मां-बाप का इकलौता था। उसके परिवार के पास तीन एकड़ जमीन है।
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फिरोजपुर के किसान ने भी गंवाई जान
टीकरी बॉर्डर स्थित धरनास्थल से लौटे पंजाब के फिरोजपुर के किसान कश्मीर लाल (67) की शुक्रवार की रात मौत हो गई है। उन्हें 31 दिसंबर को सीने में दर्द होने पर बहादुरगढ़ सरकारी अस्पताल में जांच कराने के बाद जलालाबाद स्थित घर भेज दिया गया था। कश्मीर के भाई बलदेव राज (60) की 13 नवंबर को गांव माहमूजोइयां टोल प्लाजा पर चल रहे धरने में मौत हो गई थी। दोनों भाइयों का परिवार दिल्ली में धरना दे रहा है। अब तक जलालाबाद में तीन किसानों की धरनास्थल पर मौत हो चुकी है।
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मृतक किसान का बेटे सोनू ने बताया कि उसके पिता कश्मीर लाल पिछले लगभग 85 दिनों से गांव माहमूजोइयां के टोल प्लाजा पर धरना दे रहा था। 28 दिसंबर को टीकरी बॉर्डर धरनास्थल पर गए थे। 31 दिसंबर को अचानक सीने में दर्द उठने के कारण उनकी तबीयत खराब हो गई।
उन्हें बहादुरगढ़ के सरकारी अस्पताल में दाखिल करवाया, वहां पर जांच के बाद छुट्टी देकर घर भेज दिया गया। शुक्रवार को सारा दिन पिता माहमूजोइयां टोल प्लाजा पर चल रहे धरने में रहे। शाम को घर लौटते समय उनकी अचानक तबीयत खराब हो गई। उन्हें एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया, जहां रात में उनकी मौत हो गई।