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Ludhiana News: स्कूली बसों में क्षमता से अधिक बच्चे बिठाए तो होगी सख्त कार्रवाई
Tue, 30 Jul 2024 11:11 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना
Updated Tue, 30 Jul 2024 11:11 PM IST
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बच्चों को सुरक्षित स्कूल छोड़ना बस चालकों की बड़ी जिम्मेदारी : चेयरमैन कंवरदीप सिंह
सुरक्षित स्कूल वाहन नीति का सख्ती से हो पालन
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहगढ़ साहिब। स्कूल जाने वाले बच्चों को स्कूल छोड़ते समय सुरक्षित परिवहन प्रदान करके उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षित स्कूल वाहन नीति लागू की गई है। इस बारे में बच्चों के अधिकारों की रक्षा और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए बनाए गए पंजाब राज्य बाल अधिकार संरक्षण एवं दुर्घटना निवारण आयोग के अध्यक्ष कंवरदीप सिंह ने बचत में जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा आयोजित सेमिनार को संबोधित करते हुए जानकारी दी।
भवन का नाम स्कूल सारथी-एक जिम्मेदारी के तहत किया जा रहा है उन्होंने सेमिनार में मौजूद सभी स्कूल बस चालकों और महिला परिचारिकाओं से कहा कि बच्चों को घर से स्कूल और स्कूल से घर तक सुरक्षित पहुंचाने में ड्राइवरों की बड़ी जिम्मेदारी होती है, इसलिए स्कूल बस चालक स्कूल बसों में सुरक्षा सुनिश्चित करना अपनी जिम्मेदारी समझते हैं बसों में यात्रा करने वाले बच्चों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए स्कूल वाहन पॉलिसी में उल्लेखित उपकरण अवश्य लगाए जाएं।
चेयरमैन कंवरदीप सिंह ने कहा कि स्कूल बस सुरक्षा सभी अभिभावकों, शिक्षकों और बस स्टाफ की जिम्मेदारी है। जिम्मेदारियां सिर्फ बस स्टाफ तक ही खत्म नहीं होती, हमें अपने बच्चों को स्कूल बस के सही और सुरक्षित इस्तेमाल के बारे में भी सिखाना चाहिए। उन्होंने महिला अटेडेंट को प्रेरित करते हुए कहा कि यदि कोई बस चालक निर्धारित सीमा से अधिक तेज गति से बस चलाता हुआ पाया जाए तो उस चालक को ऐसा करने से रोका जाए। उन्होंने कहा कि बसों में सफर करने वाले बच्चों के साथ अपने बच्चों की तरह व्यवहार करना चाहिए।
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बाल संरक्षण विभाग के उपनिदेशक राजविंदर सिंह गिल ने कहा कि बच्चों को बस में सफर करते समय सीट पर ठीक से बैठने, बस में शोर न मचाने, ड्राइवर व कंडक्टर के निर्देशों का पालन करने के बारे में बताना चाहिए, क्योंकि कई बार छोटी-छोटी गलतियां कई दुर्घटनाओं का कारण बनती हैं इनसे बचाव के लिए बच्चों को सचेत किया जाना चाहिए। इस अवसर पर समाजसेवी संस्था अवॉइड एक्सीडेंट के अध्यक्ष हरप्रीत सिंह ने स्कूल बसों को दुर्घटनाओं से कैसे बचाया जाए, इस पर विस्तार से बताया।
इस अवसर पर सहायक परिवहन पदाधिकारी प्रदीप कुमार ने बच्चों के अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति न दें। जिला बाल संरक्षण अधिकारी हरभजन सिंह महमी ने कहा कि इस सेमिनार को आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य स्कूल बस चालकों को सुरक्षित स्कूल वाहन नीति के बारे में पूरी जानकारी देना है ताकि जिले में सुरक्षित स्कूल वाहन नीति को विभिन्न तरीकों से लागू किया जा सके।
फोटो कैप्शन-- 30जीबीजीपी03-- -फतेहगढ़ साहिब में पंजाब राज्य बाल अधिकार संरक्षण एवं दुर्घटना निवारण आयोग के अध्यक्ष कंवरदीप सिंह स्कूल बस चालकों व महिला अटेडेंट के साथ बैठक करते हुए।
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सुरक्षित स्कूल वाहन नीति का सख्ती से हो पालन
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहगढ़ साहिब। स्कूल जाने वाले बच्चों को स्कूल छोड़ते समय सुरक्षित परिवहन प्रदान करके उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षित स्कूल वाहन नीति लागू की गई है। इस बारे में बच्चों के अधिकारों की रक्षा और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए बनाए गए पंजाब राज्य बाल अधिकार संरक्षण एवं दुर्घटना निवारण आयोग के अध्यक्ष कंवरदीप सिंह ने बचत में जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा आयोजित सेमिनार को संबोधित करते हुए जानकारी दी।
भवन का नाम स्कूल सारथी-एक जिम्मेदारी के तहत किया जा रहा है उन्होंने सेमिनार में मौजूद सभी स्कूल बस चालकों और महिला परिचारिकाओं से कहा कि बच्चों को घर से स्कूल और स्कूल से घर तक सुरक्षित पहुंचाने में ड्राइवरों की बड़ी जिम्मेदारी होती है, इसलिए स्कूल बस चालक स्कूल बसों में सुरक्षा सुनिश्चित करना अपनी जिम्मेदारी समझते हैं बसों में यात्रा करने वाले बच्चों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए स्कूल वाहन पॉलिसी में उल्लेखित उपकरण अवश्य लगाए जाएं।
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चेयरमैन कंवरदीप सिंह ने कहा कि स्कूल बस सुरक्षा सभी अभिभावकों, शिक्षकों और बस स्टाफ की जिम्मेदारी है। जिम्मेदारियां सिर्फ बस स्टाफ तक ही खत्म नहीं होती, हमें अपने बच्चों को स्कूल बस के सही और सुरक्षित इस्तेमाल के बारे में भी सिखाना चाहिए। उन्होंने महिला अटेडेंट को प्रेरित करते हुए कहा कि यदि कोई बस चालक निर्धारित सीमा से अधिक तेज गति से बस चलाता हुआ पाया जाए तो उस चालक को ऐसा करने से रोका जाए। उन्होंने कहा कि बसों में सफर करने वाले बच्चों के साथ अपने बच्चों की तरह व्यवहार करना चाहिए।
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बाल संरक्षण विभाग के उपनिदेशक राजविंदर सिंह गिल ने कहा कि बच्चों को बस में सफर करते समय सीट पर ठीक से बैठने, बस में शोर न मचाने, ड्राइवर व कंडक्टर के निर्देशों का पालन करने के बारे में बताना चाहिए, क्योंकि कई बार छोटी-छोटी गलतियां कई दुर्घटनाओं का कारण बनती हैं इनसे बचाव के लिए बच्चों को सचेत किया जाना चाहिए। इस अवसर पर समाजसेवी संस्था अवॉइड एक्सीडेंट के अध्यक्ष हरप्रीत सिंह ने स्कूल बसों को दुर्घटनाओं से कैसे बचाया जाए, इस पर विस्तार से बताया।
इस अवसर पर सहायक परिवहन पदाधिकारी प्रदीप कुमार ने बच्चों के अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति न दें। जिला बाल संरक्षण अधिकारी हरभजन सिंह महमी ने कहा कि इस सेमिनार को आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य स्कूल बस चालकों को सुरक्षित स्कूल वाहन नीति के बारे में पूरी जानकारी देना है ताकि जिले में सुरक्षित स्कूल वाहन नीति को विभिन्न तरीकों से लागू किया जा सके।
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