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अब सोशल मीडिया के जरिए चाइना डोर की बिक्री
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना
Updated Sun, 01 Jan 2017 09:49 PM IST
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सोशल मीडिया
- फोटो : demo
प्लास्टिक डोर की बिक्री पर पुलिस के सख्त रवैये के बाद दुकानदारों ने इसे बेचने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया है। दुकानदार प्लास्टिक डोर वाट्सऐप ग्रुप और फेसबुक के जरिए बेच रहे है। इसे खुद या फिर किसी व्यक्ति को सप्लाई करने के बजाय कोरियर कंपनी की तरफ से सप्लाई करवाया जा रहा है। सोशल मीडिया के जरिए बुक हुई डोर को 24 घंटे के अंदर कस्टमर तक पहुंचाया जा रहा है।
प्लास्टिक डोर से हुए हादसों के बाद पुलिस ने इसको बेचने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया। पुलिस ने ऐसे कई दुकानदारों को गिरफ्तार भी किया जो बैन होने के बाद भी इसे बेच रहे थे। अब प्लास्टिक डोर को बेचने वालों ने इसे बेचने का तरीका बदल दिया है। कई दुकानदारों ने अपने वर्करों के जरिए वाट्सऐप ग्रुप बनवाए हैं। जिसमें शहर के कई युवाओं को एड कर रखा है।
ग्रुप में नंबर डाल दिया जाता है कि अगर किसी को प्लास्टिक डोर चाहिए तो इस नंबर पर संपर्क करे। उसके बाद कस्टमर से पैसे लेकर उसका पता लेकर कोरियर के जरिए प्लास्टिक डोर का गट्टू उसके घर पहुंचा दिया जाता है। दुकानदारों ने आईडी तैयार कर फेसबुक पेज पर भी इसे बेचना शुरू कर दिया है।
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प्लास्टिक डोर बेचने वालों पर पुलिस कार्रवाई कर रही है। कोई इसे बेच रहा है तो पुलिस को 78370-18600 पर सूचना दी जा सकती है। हालांकि, इस नंबर को पुलिस पहले ही जारी कर चुकी है
प्लास्टिक डोर से बचाएगा डिवाइस
प्लास्टिक डोर से दो पहिया वाहन चालकों को बचाने के लिए महानगर की पुलिस अब एक डिवाइस ला रही है। यह डिवाइल गुजरात की तर्ज पर लगाया जाएगा। यह डिवाइस दो पहिया वाहनों पर फिट होगा और वाहन चालकों को डोर से बचाया जा सकेगा।
डीसीपी ध्रुमण निंबले ने बताया कि प्लास्टिक डोर दो पहिया वाहन चालकों के लिए काफी घातक है। इससे कई लोग घायल हो चुके हैं। कई की मौत हो चुकी है। उन्होंने बताया कि दो जनवरी को इस डिवाइस को लांच किया जा रहा है।
प्लास्टिक डोर महानगर में पूरी तरह से बैन है। अगर कोई व्यक्ति सोशल मीडिया के जरिए उसे बेचता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। वाटसऐप ग्रुप के जरिए प्लास्टिक डोर वालों पर भी शिकंजा कसा जाएगा। अगर कोई ऐसा मामला सामने आता है तो ग्रुप एडमिन के साथ साथ उस ग्रुप में शामिल लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा कोरियर कंपनियों से भी मीटिंग की जाएगी। अगर फिर भी वह डोर की सप्लाई करते है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई कर उनका लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश की जाएगी।
डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस ध्रुमण निंबले
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प्लास्टिक डोर से हुए हादसों के बाद पुलिस ने इसको बेचने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया। पुलिस ने ऐसे कई दुकानदारों को गिरफ्तार भी किया जो बैन होने के बाद भी इसे बेच रहे थे। अब प्लास्टिक डोर को बेचने वालों ने इसे बेचने का तरीका बदल दिया है। कई दुकानदारों ने अपने वर्करों के जरिए वाट्सऐप ग्रुप बनवाए हैं। जिसमें शहर के कई युवाओं को एड कर रखा है।
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ग्रुप में नंबर डाल दिया जाता है कि अगर किसी को प्लास्टिक डोर चाहिए तो इस नंबर पर संपर्क करे। उसके बाद कस्टमर से पैसे लेकर उसका पता लेकर कोरियर के जरिए प्लास्टिक डोर का गट्टू उसके घर पहुंचा दिया जाता है। दुकानदारों ने आईडी तैयार कर फेसबुक पेज पर भी इसे बेचना शुरू कर दिया है।
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प्लास्टिक डोर बेचने वालों पर पुलिस कार्रवाई कर रही है। कोई इसे बेच रहा है तो पुलिस को 78370-18600 पर सूचना दी जा सकती है। हालांकि, इस नंबर को पुलिस पहले ही जारी कर चुकी है
प्लास्टिक डोर से बचाएगा डिवाइस
प्लास्टिक डोर से दो पहिया वाहन चालकों को बचाने के लिए महानगर की पुलिस अब एक डिवाइस ला रही है। यह डिवाइल गुजरात की तर्ज पर लगाया जाएगा। यह डिवाइस दो पहिया वाहनों पर फिट होगा और वाहन चालकों को डोर से बचाया जा सकेगा।
डीसीपी ध्रुमण निंबले ने बताया कि प्लास्टिक डोर दो पहिया वाहन चालकों के लिए काफी घातक है। इससे कई लोग घायल हो चुके हैं। कई की मौत हो चुकी है। उन्होंने बताया कि दो जनवरी को इस डिवाइस को लांच किया जा रहा है।
प्लास्टिक डोर महानगर में पूरी तरह से बैन है। अगर कोई व्यक्ति सोशल मीडिया के जरिए उसे बेचता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। वाटसऐप ग्रुप के जरिए प्लास्टिक डोर वालों पर भी शिकंजा कसा जाएगा। अगर कोई ऐसा मामला सामने आता है तो ग्रुप एडमिन के साथ साथ उस ग्रुप में शामिल लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा कोरियर कंपनियों से भी मीटिंग की जाएगी। अगर फिर भी वह डोर की सप्लाई करते है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई कर उनका लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश की जाएगी।
डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस ध्रुमण निंबले