Jagraon: कच्चा मलक रोड के अधूरे निर्माण से भड़के दुकानदार, बरनाला-जालंधर हाईवे किया जाम
शनिवार को बड़ी संख्या में नागरिकों ने पहले कच्चा मलक रोड पर धरना लगाया फिर वहा से धरना उठा कर रायकोट रोड सड़क पर धरना देकर बरनाला-जालंधर हाईवे को पूर्ण रूप से बंद कर दिया।
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जगरांव शहर की सबसे जर्जर कच्चा मलक रोड की हालत उद्घाटन के दो महीने बाद भी नहीं सुधरने से स्थानीय लोगों व दुकानदारों का सब्र टूट गया। शनिवार को बड़ी संख्या में नागरिकों ने पहले कच्चा मलक रोड पर धरना लगाया फिर वहा से धरना उठा कर रायकोट रोड सड़क पर धरना देकर बरनाला-जालंधर हाईवे को पूर्ण रूप से बंद कर दिया। इस दौरान लोगों ने विधायक सरबजीत कौर मानूके तथा कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के विरुद्ध कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
उद्घाटन के दो महीनों बाद भी कार्य शुरू नहीं
स्थानीय निवासियों के अनुसार सड़क की खराब स्थिति के चलते लंबे समय से रोजाना हादसे हो रहे थे। लगातार विरोध प्रदर्शनों के बाद विधायक मानूके ने 20 सितंबर को कच्चा मलक रोड का उद्घाटन करते हुए दावा किया था कि सड़क का निर्माण दो महीनों में पूरा कर दिया जाएगा, मशीनरी तैनात कर कार्य शीघ्र आरंभ होगा, और उद्घाटन के समय लोगों में लड्डू भी वितरित किए गए थे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उद्घाटन के बाद सड़क पर मात्र पत्थर डाल दिए गए, परंतु वास्तविक निर्माण कार्य शुरू ही नहीं हुआ। परिणामस्वरूप पत्थर अब वाहनों के टायरों से उछलकर राहगीरों को घायल कर रहे हैं तथा दुकानों के शीशे टूट रहे हैं। टू-व्हीलर चालकों के लिए दुर्घटनाएं पहले से अधिक बढ़ गई हैं।
दुकानदारों व निवासियों का गुस्सा फूटा
दुकानदारों तथा आस-पास के मोहल्लों के निवासियों का कहना है कि विधायक ने उद्घाटन करके सड़क की हालत और खराब कर दी। पहले गड्ढों के कारण लोग डर कर तो चलते थे। अब पत्थरों के कारण और हादसे हो रहे है। दो माह पूरे हो गए पर सड़क निर्माण का कोई अता-पता नहीं।
पूर्व नगर काउंसिल के वरिष्ठ उपप्रधान दविंदरजीत सिद्धू ने भी सांसद राजा वड़िंग पर तीखे आरोप लगाते हुए कहा कि जगरांव के लोगों ने उन्हें लगभग दस हजार मतों से जीत दिलाई, परंतु वे क्षेत्र की समस्याओं से बिल्कुल बेख़बर हैं। उन्होंने कभी शहर की खबर तक नही ली। ऐसे नेताओं के कारण जगराओं का ऐसा हाल बना हुआ है।
धरने पर पहुंची पुलिस
धरने की सूचना मिलने पर थाना सिटी पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों से जाम खोलने की अपील की। किन्तु धरना कर रहे लोगों ने स्पष्ट कहा कि जब तक लिखित आश्वासन नहीं दिया जाता कि सड़क कब बनेगी, धरना समाप्त नहीं होगा।
बार-बार टूटने का कारण—सीवरेज और पानी की लाइनें
निवासियों का कहना है कि जैसे ही सड़क तैयार होती है, सरकार को सीवरेज या पानी की पाइपलाइन बिछाने की याद आ जाती है, जिसके कारण सड़क बार-बार खोद दी जाती है और फिर उसे ठीक नहीं किया जाता। बरसात के दिनों में गड्ढों में पानी भर जाने से सड़क और गड्ढे में भेद करना मुश्किल हो जाता है, जिससे दुर्घटनाएं आम हो जाती हैं।
मंडी बोर्ड का दावा
लोगों ने कहा कि दो महीने पहले विधायक ने कहा था कि सरकार ने सड़क निर्माण हेतु 1 करोड़ रुपये की राशि मंजूर करके कार्य मंडी बोर्ड को सौंपा है। वही मंडी बोर्ड के जेई परिमंदर सिंह ने बताया था कि फाटक से जी.टी. रोड तक 22 फुट चौड़ी सड़क बजरी और प्री-मिक्स से बनाई जाएगी। फाटक से शहर की ओर लगभग 750 मीटर तक 80 मिमी इंटरलॉकिंग टाइलें बिछाई जाएंगी।