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किसान नेताओं व पुलिस अधिकारियों में गुप्त समझौता : आढ़ती

Tue, 03 May 2016 09:50 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बरनाला
ब्यूरो/अमर उजाला, बरनाला Updated Tue, 03 May 2016 09:50 PM IST
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इंसाफ की उड़ीक में खडे़ मरहूम किसान दर्शन सिंह का भाई, भाभी व भतीजा भतीजी। - फोटो : अमर उजाला

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आढ़ती एसोसिएशन ने आरोप लगाया है कि गांव जोधपुर में कर्ज में दबे मरहूम किसान दर्शन सिंह के बेटे बलजीत सिंह बल्लू और दर्शन की पत्नी बलवीर कौर द्वारा जिले के पुलिस अधिकारियों व किसान यूनियन के सामने कीटनाशक पीकर खुदकुशी करने के मामले पर दोनों पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ चुप्पी साध ली है। लगता है कि किसान यूनियन व जिला पुलिस अधिकारियों के बीच कोई गुप्त समझौता हो गया हो। 

आढ़ती एसोसिएशन का आरोप है कि किसान बलजीत सिंह बल्ली व उसकी मां बलवीर कौर ने पुलिस के उच्चाधिकारियों के सामने जहर निगल कर जान दी और उस समय किसान यूनियन के नेता भी मौजूद थे। वे उनको खुदकुशी के लिए उकसाने का कार्य कर रहे थे।
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आढ़ती एसोसिएशन के राज्य अध्यक्ष रविंदरपाल चीमा, जिला अध्यक्ष दर्शन सिंह व धीरज कुमार ने आरोप लगाया कि किसान मां बेटा ने किसान यूनियन के नेताओं व पुलिस अधिकारियों के सामने खुदकुशी की। लेकिन न तो किसी किसान नेता और न ही मौके पर मौजूद किसी किसान नेता ने उनको खुदकुशी न करने के लिए रोका।
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इस कारण किसान यूनियन के नेता व मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारी दोनों बराबर के जिम्मेवार हैं। इसी वजह से किसान यूनियन व जिला पुलिस अधिकारियों के बीच में कोई गुप्त समझौता हो गया है कि वे इस मामले में एक दूसरे के खिलाफ नहीं बोलेंगे और न ही राज की बात खोलेंगे। 

अगर घटना वाले दिन सिर्फ किसान यूनियन ही मौजूद होती और सिर्फ किसान नेताओं के सामने खुदकुशी हुई होती तो अब तक जिला पुलिस अधिकारियों ने किसान नेताओं को कानून शिकं जे में ले लेना था और अगर घटना वाले दिन अगर सिर्फ पुलिस अधिकारी ही मौजूद होते, किसान यूनियन के नेता मौजूद न होते तो अब तक पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर किसान यूनियन ने तीखा संघर्ष छेड़ रखा होता।


अब न तो पुलिस, किसान नेताओं के खिलाफ कुछ बोल रही है और न ही किसान नेता पुलिस अधिकारियों के खिलाफ बोल रहे हैं। घटना वाले दिन दोनों पक्ष ही मौजूद थे। वायरल हुई विडियो में किसान यूनियन के नुमाइंदे एवं पुलिस के अधिकारी मौके पर खडे़ साफ दिखाई दे रहे हैं। 


 
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