फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Punjab Board 12th result 2020: Mother and son pass 12th examination together in Ludhiana

शानदार: दो बेटियां कर चुकी हैं ग्रेजुएशन, जज्बा ऐसा कि अब मां ने बेटे संग पास की 12वीं की परीक्षा

Tue, 21 Jul 2020 04:39 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लुधियाना (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लुधियाना (पंजाब) Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Tue, 21 Jul 2020 04:39 PM IST
विज्ञापन
Punjab Board 12th result 2020: Mother and son pass 12th examination together in Ludhiana
पास होने की खुशी में मुंह मीठा करते हुए मां और बेटे।

पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के परीक्षा परिणाम मंगलवार को घोषित होते ही विद्यार्थियों में खुशी की लहर दौड़ गई। वहीं लुधियाना के लोहारा इलाके की न्यू सुंदर नगर कालोनी में रहने वाली 46 वर्षीय रजनी साथी के बेटे दीपक साथी के साथ 12वीं की परीक्षा पास कर दोहरी खुशी मनाई।

विज्ञापन


31 साल पहले पारिवारिक कारणों से पढ़ाई बीच में ही छोड़ने वाली रजनी ने 2018 में बेटे दीपक के साथ ही 10वीं की परीक्षा पास की थी। दीपक ने 72.4 और रजनी ने 55.7 फीसदी अंक हासिल किए हैं। रजनी साथी ने 1989 में तरनतारन के आर्य गर्ल्स हाईस्कूल से नौवीं की परीक्षा पास की थी। पारिवारिक परेशानी के चलते वह 1990 में 10वीं की परीक्षा नहीं दे सकी।
विज्ञापन



पति राजकुमार साथी की प्रेरणा से 2017 में दोबारा पढ़ाई शुरू की। मार्च 2018 में उन्होंने अपने बेटे दीपक साथी के साथ ही 10वीं की परीक्षा पास कर ली। इसके बाद उनका उत्साह बढ़ा और इस साल 12वीं की परीक्षा में 55.7 फीसदी अंक लेकर सेकेंड डिवीजन आईं। साथ में परीक्षा देने वाले बेटे दीपक साथी ने 72.4 फीसदी अंक हासिल किए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन




रजनी ने बताया कि वह पढ़ना चाहती थी लेकिन परिवार में चल रही समस्या के कारण 1990 में 10वीं की पढ़ाई पूरी नहीं कर सकीं। उनकी दो बेटियां ग्रेजुएशन कर चुकी हैं और बेटे दीपक ने उनके साथ ही 12वीं की परीक्षा पास की है।


पार्ट टाइम वार्ड अटेंडेंट हैं रजनी
लुधियाना के सिविल हॉस्पिटल में पिछले साढ़े पांच साल से पार्ट टाइम वार्ड अटेंडेंट के तौर पर तैनात हैं। जब उन्होंने दसवीं की परीक्षा पास की तो उनकी काफी सराहना हुई। इसी ने उन्हें आगे भी पढ़ने को उत्साहित किया। आज उन्होंने 12वीं कक्षा की परीक्षा भी पास कर ली है। उनकी सास सुमित्रा देवी भले ही खुद पढ़ी लिखी नहीं हैं लेकिन उन्होंने पढ़ाई में पूरा सपोर्ट किया।

अस्पताल में साथ काम करने वाले स्टाफ से लेकर एसएमओ तक ने पढ़ाई में पूरा सहयोग दिया है। रजनी बताती है कि मोतियाबिंद ने आंखों की रोशनी भी छीन ली थी। उन्हें नजदीक पड़ी चीज भी धुंधली दिखाई देती थी। इसी वजह से वह पढ़ भी नहीं पा रही थी। इसी साल 03 फरवरी को एक आंख की सर्जरी कराकर वह 03 मार्च को पहला पेपर देने पहुंची थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed