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Ludhiana News: पंजाब रोडवेज कर्मचारियों ने दी अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
Fri, 11 Sep 2026 06:11 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना
Updated Fri, 11 Sep 2026 06:11 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
जगरांव/लुधियाना। पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी के अनुबंध कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर पंजाब सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने शुक्रवार को जगरांव और लुधियाना में गेट रैली की। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि 17 सितंबर 2026 की बैठक में मांगें न मानी गईं, तो 22 सितंबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू होगी।
यूनियन के राज्य कमेटी सदस्य जलौर सिंह ने बताया कि सरकार ने 26 अगस्त की बैठक में 10 दिन के भीतर मांगों के समाधान का भरोसा दिया था। हालांकि, 9 सितंबर को प्रस्तावित बैठक स्थगित कर दी गई। इसके विरोध में कर्मचारियों को दोबारा संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ा। जलौर सिंह ने कहा कि 17 सितंबर की बैठक में मांगों का सीमित समय में समाधान न होने पर हड़ताल होगी। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना शामिल है। ठेकेदारी प्रथा समाप्त करना और पूरी तनख्वाह देना भी उनकी मांग है। यूनियन नेताओं ने कहा कि मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा। कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। 26 अगस्त को सरकार ने समाधान का आश्वासन दिया था। लेकिन 9 सितंबर की बैठक रद्द होने से कर्मचारियों में नाराजगी है। यूनियन का कहना है कि 17 सितंबर की बैठक में ठोस फैसला न होने पर हड़ताल मजबूती से लागू होगी।
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जगरांव/लुधियाना। पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी के अनुबंध कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर पंजाब सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने शुक्रवार को जगरांव और लुधियाना में गेट रैली की। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि 17 सितंबर 2026 की बैठक में मांगें न मानी गईं, तो 22 सितंबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू होगी।
यूनियन के राज्य कमेटी सदस्य जलौर सिंह ने बताया कि सरकार ने 26 अगस्त की बैठक में 10 दिन के भीतर मांगों के समाधान का भरोसा दिया था। हालांकि, 9 सितंबर को प्रस्तावित बैठक स्थगित कर दी गई। इसके विरोध में कर्मचारियों को दोबारा संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ा। जलौर सिंह ने कहा कि 17 सितंबर की बैठक में मांगों का सीमित समय में समाधान न होने पर हड़ताल होगी। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना शामिल है। ठेकेदारी प्रथा समाप्त करना और पूरी तनख्वाह देना भी उनकी मांग है। यूनियन नेताओं ने कहा कि मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा। कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। 26 अगस्त को सरकार ने समाधान का आश्वासन दिया था। लेकिन 9 सितंबर की बैठक रद्द होने से कर्मचारियों में नाराजगी है। यूनियन का कहना है कि 17 सितंबर की बैठक में ठोस फैसला न होने पर हड़ताल मजबूती से लागू होगी।
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