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आर्थिक तंगी से दुखी नौजवान किसान ने जहर निगल की खुदकशी
अमर उजाला, मोगा
Updated Mon, 16 Jun 2014 10:22 PM IST
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थाना समालसर के अंतर्गत पड़ते गांव बंबीहा भाई का में आर्थिक तंगी से दुखी एक नौजवान किसान ने जहर निगल कर आत्महत्या कर ली। मृतक का सरकारी अस्पताल में से पोस्टमार्टम के बाद शव वारिसों को सौंप दिया गया है।
नौजवान किसान बलदेव सिंह उर्फ गोला (35) के मां-पिता अपनी बेटी के पास गए हुए थे और वह घर में अकेला ही था। इस दौरान रविवार को जहर निगलने से उसकी मौत हो गई। इस घटना का पड़ोसी तीर्थ सिंह को उस वक्त पता लगा जब वह मृतक के घर किसी काम के सिलसिले में आया था और बलदेव सिंह को मृतक हालत में देखकर उसने पड़ोसियों को बताया।
यहां सिविल अस्पताल में गांव के लोगों ने बताया कि मृतक के पिता मुखत्यार सिंह तकरीबन 14 एकड़ जमीन के मालिक थे और उसको कबूतर पालने का शौक भी था। इस परिवार की सारी जमीन खेती के लिए बैंकों और आढ़तियों से लिया कर्ज वापस करने और घरेलू मजबूरियों के कारण बिक गई। इसके बाद पीड़ित परिवार आर्थिक मंदी में जीवन बिता रहा था और जमीन ठेके पर लेकर खेती कर रहा था जमीन का महंगा ठेका ओर खर्चों के कारण खेती धंधा परिवार के लिए लाभदायक साबित नहीं हुआ।
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मृतक बलदेव ने पहली पत्नी से किसी कारण अनबन होने के बाद दूसरा विवाह करवा लिया था और कुछ देर पहले वह भी मायके रहने लग पड़ी। मृतक किसान बलदेव सिंह उर्फ गोला के कोई औलाद पैदा नहीं हुई।
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नौजवान किसान बलदेव सिंह उर्फ गोला (35) के मां-पिता अपनी बेटी के पास गए हुए थे और वह घर में अकेला ही था। इस दौरान रविवार को जहर निगलने से उसकी मौत हो गई। इस घटना का पड़ोसी तीर्थ सिंह को उस वक्त पता लगा जब वह मृतक के घर किसी काम के सिलसिले में आया था और बलदेव सिंह को मृतक हालत में देखकर उसने पड़ोसियों को बताया।
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यहां सिविल अस्पताल में गांव के लोगों ने बताया कि मृतक के पिता मुखत्यार सिंह तकरीबन 14 एकड़ जमीन के मालिक थे और उसको कबूतर पालने का शौक भी था। इस परिवार की सारी जमीन खेती के लिए बैंकों और आढ़तियों से लिया कर्ज वापस करने और घरेलू मजबूरियों के कारण बिक गई। इसके बाद पीड़ित परिवार आर्थिक मंदी में जीवन बिता रहा था और जमीन ठेके पर लेकर खेती कर रहा था जमीन का महंगा ठेका ओर खर्चों के कारण खेती धंधा परिवार के लिए लाभदायक साबित नहीं हुआ।
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मृतक बलदेव ने पहली पत्नी से किसी कारण अनबन होने के बाद दूसरा विवाह करवा लिया था और कुछ देर पहले वह भी मायके रहने लग पड़ी। मृतक किसान बलदेव सिंह उर्फ गोला के कोई औलाद पैदा नहीं हुई।