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स्ट्रोम सीवरेज डालने के लिए बनाई जा रही डीपीआर के लिए चल रहा है सर्वे
अमर उजाला, लुधियाना
Updated Wed, 29 Jan 2014 11:06 PM IST
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बारिश के दौरान पानी भरे जाने वाले इलाकों में अब आने वाले समय में राहत मिल सकती है। नगर निगम ने पूरे शहर में स्ट्रोम सीवरेज डालने के लिए विश्व बैंक से कर्ज की मांग की थी। इसके बाद विश्व बैंक ने स्ट्रोम सीवरेज की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने से पहले सर्वे के लिए अपनी टीम लुधियाना भेजी है।
उसने आज शहर के कई इलाकों का दौरा किया जहां बारिश के दौरान पानी भर जाता है। विश्व बैंक की तरफ से शहर आए मुंबई आईआईटी के प्रोफेसर डॉ. कपिल गुप्ता के साथ नगर निगम के तकनीकी अधिकारियों ने कई उन इलाकों का दौरा किया जहां बारिश के बाद बुरा हाल होता है।
दौरे के बाद डॉ. गुप्ता ने निगम कमिश्नर राहुल तिवारी, मेयर हरचरण सिंह गोहलवड़िया और एडिशनल कमिश्नर सुमित कुमार के साथ मीटिंग की। विश्व बैंक की टीम के साथ नगर निगम के एक्सईएन रविंदर गर्ग और एसडीओ इकजोत सिंह भी मौजूद थे। अधिकारियों ने कहा कि टीम के सदस्य सबसे पहले जनकपुरी इलाके में गए।
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उसके बाद वे सेक्टर 39, शिवाजी नगर, गुरु अर्जुन देव नगर, भाई रणधीर सिंह नगर, डीएवी स्कूल की बैक साइड इलाके में गए। जहां उन्होंने आस पास के लोगों से बारिश के दौरान आने वाली मुश्किलों के बारे में पूछताछ की। टीम के सदस्यों ने कई जगहों पर फोटो भी खींची है जिसके बाद वह अपना सर्वे कर उसकी रिपोर्ट तैयार करेंगे।
टीम ने बुड्डे नाले के साथ जा रही सड़क का दौरा किया। बाद में उन्होंने सीवरेज बोर्ड के दफ्तर में अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने शहर के साथ संबंधित कई इलाकों का डाटा भी इकट्ठा किया। एसडीओ इकजोत सिंह ने कहा कि इस समय शहर का सिर्फ कुछ हिस्सा ही स्ट्रोम सीवरेज के अधीन है। लेकिन बरसात में स्ट्रोम सीवरेज न होने के चलते शहर में पानी भर जाता है। इस कारण पूरे शहर में स्ट्रोम सीवरेज डालने के लिए डीपीआर तैयार करवाई जा रही है। यह काम की पहली सीढ़ी है इसके बाद बैंक डीपीआर तैयार करने के लिए कंसलटेंट कंपनी को भेजेगा।
डॉ. गुप्ता ने कहा कि शहर के कई इलाकों में पार्कों का लेवल सड़क से काफी ऊंचा है जिस कारण पानी सड़कों पर आ घरों में घुस जाता है। पार्कों का लेवल सड़कों से नीचे कर पानी के कुछ बचाव किया जा सकता है। इसके अलावा उन्होंने बुड्डे नाले के साथ साथ दीवार कर उसे प्रदूषित होने से बचाने का सुझाव भी दिया गया है।
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उसने आज शहर के कई इलाकों का दौरा किया जहां बारिश के दौरान पानी भर जाता है। विश्व बैंक की तरफ से शहर आए मुंबई आईआईटी के प्रोफेसर डॉ. कपिल गुप्ता के साथ नगर निगम के तकनीकी अधिकारियों ने कई उन इलाकों का दौरा किया जहां बारिश के बाद बुरा हाल होता है।
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दौरे के बाद डॉ. गुप्ता ने निगम कमिश्नर राहुल तिवारी, मेयर हरचरण सिंह गोहलवड़िया और एडिशनल कमिश्नर सुमित कुमार के साथ मीटिंग की। विश्व बैंक की टीम के साथ नगर निगम के एक्सईएन रविंदर गर्ग और एसडीओ इकजोत सिंह भी मौजूद थे। अधिकारियों ने कहा कि टीम के सदस्य सबसे पहले जनकपुरी इलाके में गए।
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उसके बाद वे सेक्टर 39, शिवाजी नगर, गुरु अर्जुन देव नगर, भाई रणधीर सिंह नगर, डीएवी स्कूल की बैक साइड इलाके में गए। जहां उन्होंने आस पास के लोगों से बारिश के दौरान आने वाली मुश्किलों के बारे में पूछताछ की। टीम के सदस्यों ने कई जगहों पर फोटो भी खींची है जिसके बाद वह अपना सर्वे कर उसकी रिपोर्ट तैयार करेंगे।
टीम ने बुड्डे नाले के साथ जा रही सड़क का दौरा किया। बाद में उन्होंने सीवरेज बोर्ड के दफ्तर में अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने शहर के साथ संबंधित कई इलाकों का डाटा भी इकट्ठा किया। एसडीओ इकजोत सिंह ने कहा कि इस समय शहर का सिर्फ कुछ हिस्सा ही स्ट्रोम सीवरेज के अधीन है। लेकिन बरसात में स्ट्रोम सीवरेज न होने के चलते शहर में पानी भर जाता है। इस कारण पूरे शहर में स्ट्रोम सीवरेज डालने के लिए डीपीआर तैयार करवाई जा रही है। यह काम की पहली सीढ़ी है इसके बाद बैंक डीपीआर तैयार करने के लिए कंसलटेंट कंपनी को भेजेगा।
डॉ. गुप्ता ने कहा कि शहर के कई इलाकों में पार्कों का लेवल सड़क से काफी ऊंचा है जिस कारण पानी सड़कों पर आ घरों में घुस जाता है। पार्कों का लेवल सड़कों से नीचे कर पानी के कुछ बचाव किया जा सकता है। इसके अलावा उन्होंने बुड्डे नाले के साथ साथ दीवार कर उसे प्रदूषित होने से बचाने का सुझाव भी दिया गया है।