पहाड़ी पैकेज ने डूबो दी पंजाब की सेकेंडरी स्टील इंडस्ट्री

ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना Updated Fri, 24 Jan 2014 10:12 PM IST
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पहाड़ी राज्यों को केंद्र सरकार से मिले विशेष आर्थिक पैकेज ने पंजाब के सेकेंडरी स्टील उद्योग को तबाह कर दिया है। हालत यह हैं कि सूबे का 50 फीसदी सेकेंडरी स्टील उद्योग बंद हो चुका है और बाकी अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। राज्य की इंडक्शन फर्नेस इंडस्ट्री भी अपनी क्षमता का केवल 25 फीसदी ही उपयोग कर रही है।

हिमाचल प्रदेश को मिले विशेष आर्थिक पैकेज की अवधि खत्म होने के बाद पंजाब सरकार ने अपने यहां स्टील उद्योग को उबारने के लिए वैट में छूट भी दी लेकिन इससे भी स्टील उद्योग संकट से नहीं निकल पाया। अब केंद्र सरकार ने पहाड़ी राज्यों के लिए विशेष पैकेज की अवधि 2017 तक बढ़ा दी है, जिससे पंजाब जैसे पड़ोसी राज्य में उद्योग संकट में आ गए हैं। राज्य के इंडक्शन फर्नेस उद्योग में अफरातफरी का आलम है।

ऑल इंडिया इंडक्शन फर्नेस एसोसिएशन के प्रधान केके गर्ग का तर्क है कि पड़ोसी पहाड़ी राज्यों को 1998-99 से मिले पैकेज के तहत कैपिटल सब्सिडी और दस साल का टैक्स हॉलीडे दिया गया। इसमें आयकर, उत्पाद शुल्क एवं वैट में दस साल की छूट दी गई। इससे हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड में बना माल पंजाब के मुकाबले 13 से 15 फीसदी तक सस्ता हो गया। प्रतिस्पर्धात्मक दौर में इस चुनौती से निपटना मुश्किल हो गया और इसका विपरीत असर उद्योग पर पड़ा। गर्ग ने कहा कि पंजाब में इंडक्शन फर्नेस के 200 से अधिक यूनिट थे।

 इसमें ने करीब सौ बंद हो गए हैं। बाकी भी अपनी क्षमता का पूरा उपयोग नहीं कर पा रहे। केंद्र सरकार द्वारा तीन साल के लिए पहाड़ी पैकेज बढ़ाने से सारा गणित गड़बड़ा गया है। पहाड़ी राज्यों में मिल रही राहतों को देखते हुए पंजाब में स्टील उद्योग चलाना टेढ़ी खीर है। हालांकि सूबा सरकार ने वैट में राहत दी है, लेकिन यह नाकाफी है।

पहाड़ी राज्यों में पर्यावरण असंतुलन का खतरा
उधर, आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्यों में भारी भरकम स्टील उद्योग स्थापित होने से पर्यावरण असंतुलन बढ़ेगा। इससे उत्तराखंड जैसी त्रासदी को खारिज नहीं किया जा सकता। इसे रोकने के लिए हिमाचल प्रदेश में पर्यावरण फ्रेंडली इंडस्ट्री को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। इससे जहां राज्य में लोगों को रोजगार मिलेगा वहीं औद्योगीकरण भी सही ढंग से होगा।


सुखबीर और कमल शर्मा ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन
चंडीगढ़। केंद्र सरकार द्वारा कांग्रेस शासित हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड को दिए विशेष आर्थिक पैकेज की अवधि बढ़ाए जाने का कड़ा विरोध करते हुए पंजाब सरकार ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार पंजाब से सौतेला व्यवहार कर रही है। प्रदेश की शिअद-भाजपा सरकार केसभी नेताओं, विधायकों और सांसदों के साथ शुक्रवार को उप मुख्यमंत्री सुखबीर बादल और भाजपा केकमल शर्मा ने राज्यपाल शिवराज पाटील को चंडीगढ़ स्थित राजभवन में ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई है कि केंद्र सरकार पहाड़ी राज्यों के विशेष पैकेज पर पुनर्विचार करे और पंजाब के लिए विशेष राहत दी जाए।

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