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जगरांव में जहरीले चारे से 40 गायों की मौत, 400 बीमार
अमर उजाला (जगरांव/लुधियाना)
Updated Mon, 10 Mar 2014 10:53 PM IST
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जगरांव की गोशाला में जहरीला चारा खाने से 40 गायों की मौत हो गई, जबकि करीब 400 गायें बीमार हैं। उन्हें जगरांव के वेटरिनरी अस्पताल में दाखिल कराया गया है।
खबर मिलते ही आसपास के सरकारी अस्पतालों से डॉक्टरों को बुलाया गया। डीएसपी सुरिंदर कुमार, थाना सिटी पुलिस भी तत्काल मौके पर पहुंची और सारे मामले की छानबीन शुरू की। शाम को डीसी रजत अग्रवाल ने भी गोशाला का दौरा कर हालात का जायजा लिया।
डिस्पोजल रोड स्थित गोशाला में करीब 1100 गायें हैं। रोज की तरह बेट इलाके के एक गांव से आया चारा खाने के लिए एक विंग में डाला गया। इसमें करीब पांच सौ गायें थीं। चारा खाने के कुछ समय बाद ही गायें एक-एक करके गिरने लगीं। कुछ गायों की मौके पर ही मौत हो गई।
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इसकी जानकारी प्रबंधकों ने तुरंत जगरांव के वेटरिनरी अस्पताल को दी। डॉ. बलजीत सिंह के नेतृत्व में तहसील के चार वेटरिनरी अस्पतालों के डाक्टरों और स्टाफ को दवाओं समेत गोशाला में बुला लिया गया। सात घंटे की कोशिश के बाद तमाम गायों को बचा लिया गया, लेकिन तब तक 40 गायों की मौत हो गई।
गोशाला के प्रधान राजेश भंडारी ने बताया कि हर रोज की तरह गांव से चारा मंगवाकर गायों को डाला गया। वेटरिनरी डॉक्टर कमलजीत सिंह ने कहा कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि चारे में नाइट्रेट जहर था जो ज्यादा यूरिया डालने, फसल में गंदा पानी लगाने और कुछ अन्य कारणों से पैदा होता है। इसी से ही गायों की मौत हुई है।
जालंधर की टीम करेगी जांच
मामले की तह तक जाने के लिए रीजनल डायग्नोस्टिक लैब, जालंधर से एक विशेष टीम आ रही है। यह टीम मृतक गायों के सैंपल लेने के अलावा गोशाला में गायों को डाले चारे, तूड़ी के सैंपल लेगी। सैंपलों की रिपोर्ट एक दो दिन में आ जाएगी।
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खबर मिलते ही आसपास के सरकारी अस्पतालों से डॉक्टरों को बुलाया गया। डीएसपी सुरिंदर कुमार, थाना सिटी पुलिस भी तत्काल मौके पर पहुंची और सारे मामले की छानबीन शुरू की। शाम को डीसी रजत अग्रवाल ने भी गोशाला का दौरा कर हालात का जायजा लिया।
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डिस्पोजल रोड स्थित गोशाला में करीब 1100 गायें हैं। रोज की तरह बेट इलाके के एक गांव से आया चारा खाने के लिए एक विंग में डाला गया। इसमें करीब पांच सौ गायें थीं। चारा खाने के कुछ समय बाद ही गायें एक-एक करके गिरने लगीं। कुछ गायों की मौके पर ही मौत हो गई।
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इसकी जानकारी प्रबंधकों ने तुरंत जगरांव के वेटरिनरी अस्पताल को दी। डॉ. बलजीत सिंह के नेतृत्व में तहसील के चार वेटरिनरी अस्पतालों के डाक्टरों और स्टाफ को दवाओं समेत गोशाला में बुला लिया गया। सात घंटे की कोशिश के बाद तमाम गायों को बचा लिया गया, लेकिन तब तक 40 गायों की मौत हो गई।
गोशाला के प्रधान राजेश भंडारी ने बताया कि हर रोज की तरह गांव से चारा मंगवाकर गायों को डाला गया। वेटरिनरी डॉक्टर कमलजीत सिंह ने कहा कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि चारे में नाइट्रेट जहर था जो ज्यादा यूरिया डालने, फसल में गंदा पानी लगाने और कुछ अन्य कारणों से पैदा होता है। इसी से ही गायों की मौत हुई है।
जालंधर की टीम करेगी जांच
मामले की तह तक जाने के लिए रीजनल डायग्नोस्टिक लैब, जालंधर से एक विशेष टीम आ रही है। यह टीम मृतक गायों के सैंपल लेने के अलावा गोशाला में गायों को डाले चारे, तूड़ी के सैंपल लेगी। सैंपलों की रिपोर्ट एक दो दिन में आ जाएगी।