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नाबालिग छात्रा से दुराचार के प्रयास में डेरा प्रमुख गिरफ्तार
अमर उजाला, होशियारपुर
Updated Mon, 27 Jan 2014 10:02 PM IST
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जिला पुलिस ने हरियाना थाने में एक धार्मिक डेरा द्वारा चलाए जा रहे स्कूल की एक नाबालिग छात्रा के साथ दुराचार करने के प्रयास के 15 दिन पुराने मामले में आरोपी डेरा प्रमुख को गिरफ्तार कर लिया है।
एसएसपी नरिंदर भार्गव ने बताया कि आरोपी को सोमवार को लुधियाना रेलवे स्टेशन से उस वक्त गिरफ्तार किया गया जबकि वह भागने की फिराक में था। उसे अदालत में पेश करके तीन दिन का पुलिस रिमांड हासिल कर लिया गया है।
पुलिस ने इस संबंध में बाबा और और उसके सहयोगियों में से एक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। इसके अनुसार पीड़िता डेरा गोबिंदपुरी नडाली के तत्वावधान में संचालित सिटी सेंट स्कूल की छात्रा है।
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पुलिस को दिए बयान में पीड़िता ने बताया कि स्कूल की सुबह की प्रार्थना सभा चल रही थी कि चपरासी उसके पास आया। उसने उसे सिरोपा थमाते हुए उसे डेरा प्रमुख संत सरूप हरि को देकर आने के लिए कहा। पीड़िता ने
आरोप लगाया कि वह संत के कमरे में गई तो उसने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया।
इसके बाद उसने दुराचार करने की कोशिश की। जब उसने शोर मचाया तो संत ने उसे चुप रहने को धमकाया कि अगर उसने किसी से कुछ कहा तो वह उसके परिवार को मार देंगे। वह भयभीत होकर चुप हो गई और शाम को घर पहुंची तो घटना के बारे में माता-पिता को बताया।
इस पर वह उसे लेकर थाने पहुंचे और पीड़िता के बयान पर आरोपी संत सरूप हरि और बलबीर सिंह निवासी नूरपुुर के खिलाफ दुराचार के प्रयास, आपराधिक साजिश सहित विभिन्न आरोपों में मामला दर्ज कर लिया। बलबीर को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
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एसएसपी नरिंदर भार्गव ने बताया कि आरोपी को सोमवार को लुधियाना रेलवे स्टेशन से उस वक्त गिरफ्तार किया गया जबकि वह भागने की फिराक में था। उसे अदालत में पेश करके तीन दिन का पुलिस रिमांड हासिल कर लिया गया है।
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पुलिस ने इस संबंध में बाबा और और उसके सहयोगियों में से एक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। इसके अनुसार पीड़िता डेरा गोबिंदपुरी नडाली के तत्वावधान में संचालित सिटी सेंट स्कूल की छात्रा है।
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पुलिस को दिए बयान में पीड़िता ने बताया कि स्कूल की सुबह की प्रार्थना सभा चल रही थी कि चपरासी उसके पास आया। उसने उसे सिरोपा थमाते हुए उसे डेरा प्रमुख संत सरूप हरि को देकर आने के लिए कहा। पीड़िता ने
आरोप लगाया कि वह संत के कमरे में गई तो उसने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया।
इसके बाद उसने दुराचार करने की कोशिश की। जब उसने शोर मचाया तो संत ने उसे चुप रहने को धमकाया कि अगर उसने किसी से कुछ कहा तो वह उसके परिवार को मार देंगे। वह भयभीत होकर चुप हो गई और शाम को घर पहुंची तो घटना के बारे में माता-पिता को बताया।
इस पर वह उसे लेकर थाने पहुंचे और पीड़िता के बयान पर आरोपी संत सरूप हरि और बलबीर सिंह निवासी नूरपुुर के खिलाफ दुराचार के प्रयास, आपराधिक साजिश सहित विभिन्न आरोपों में मामला दर्ज कर लिया। बलबीर को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।