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डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट को नहीं मानता पीपीसीबी 

Sat, 14 May 2016 09:33 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना Updated Sat, 14 May 2016 09:33 PM IST
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लुधियाना में पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मेंबर सचिव बाबू राम बोर्ड के अधिकारियों को संबोधित करते हुए। - फोटो : अमर उजाला
पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी) ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा जारी 25 प्रदूषित शहरों की सूची में सूबे के चार शहरों को शामिल करने वाली रिपोर्ट को खारिज कर दिया है। पीपीसीबी के चेयरमैन मनप्रीत सिंह छतवाल का दावा है कि लुधियाना समेत पंजाब के शहरों में प्रदूषण का स्तर सुधरा है।
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उन्होंने कहा कि डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट का आकलन किया जा रहा है। इस संबंध में सूबा सरकार की मंजूरी के बाद दो तीन दिन में ही बोर्ड के माहिरों की टीम डब्ल्यूटीओ पदाधिकारियों से नई दिल्ली में मुलाकात करेगी। वहां पर इस रिपोर्ट के आधार समेत तमाम मुद्दों पर बातचीत की जाएगी। छतवाल शनिवार को पीएयू के पाल आडिटोरियम में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। 
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एसपीएम 2.5 के फार्मूले को नहीं मानता बोर्ड
छतवाल का दावा है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने एसपीएम 2.5 फार्मूले के तहत केवल हवा में प्रदूषण की जांच की है। इसके तहत एक इंच बाई एक इंच जगह में हवा में मौजूद मिट्टी के कणों की गणना की जाती है। जबकि बोर्ड एसपीएम-दस के फार्मूले के तहत प्रदूषण मापता है। उन्होंने कहा कि बोर्ड एसपीएम-2.5 के फार्मूले को खारिज करता है। इस संबंध में डब्ल्यूएचओ से बातचीत की जाएगी।
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दो दिन पहले डब्ल्यूएचओ ने लुधियाना, अमृतसर, खन्ना और मंडी गोबिंदगढ़ को विश्व के सबसे प्रदूषित 25 शहरों की सूची में जगह दी थी। इस रिपोर्ट के आने के बाद ही प्रदूषण बोर्ड के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। चेयरमैन छतवाल ने कहा कि यह रिपोर्ट केवल हवा के प्रदूषण पर आधारित है, इसके अलावा विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रदूषण मापने के लिए अपनाए मानक भी अभी पंजाब में लागू नहीं हैं।

छतवाल ने दावा किया कि निर्धारित तमाम पक्षों को आधार बना कर यदि प्रदूषण मापा जाए तो लुधियाना समेत सूबे के बाकी शहरों की स्थिति विश्व के प्रदूषित शहरों से बेहतर है। इसके अलावा निर्धारित मानकों के बारे में स्थिति स्पष्ट करने के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से भी तालमेल किया जा रहा है। 

चेयरमैन ने माना कि कुछ साल पहले लुधियाना का शुमार प्रदूषित शहरों की सूची में था, तब यहां नई इंडस्ट्री लगाने पर केंद्र ने प्रतिबंध लगा रखा था। पिछले छह साल की मेहनत के बाद स्थिति में सुधार आया है और नई इंडस्ट्री लगाने का प्रतिबंध भी अब खत्म हो गया है। बुड्ढे नाले के प्रदूषण पर चेयरमैन ने कहा कि इसके लिए इंडस्ट्री और निगम जिम्मेदार हैं। इस संबंध में 17 मई को सीएम प्रकाश सिंह बादल के साथ बैठक तय है, इसमें सारे मुद्दों को रखा जाएगा। छतवाल के साथ बोर्ड के मेंबर सचिव बाबू राम समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। 


राष्ट्रीय तकनीक दिवस पर पीएयू में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित
लुधियाना। पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी) के सदस्य सचिव बाबू राम ने बोर्ड के अधिकारियों (एसडीओ, जेई) से कई तकनीकी सवाल किए, लेकिन अधिकारी उनका जवाब नहीं दे पाए। बाद में पीपीसीबी के चेयरमैन मनप्रीत सिंह छतवाल ने कहा कि ज्यादातर अधिकारी बोर्ड में नए आए हैं, इसलिए उनको जवाब देने में हिचकिचाहट हुई। साथ ही उन्होंने सफाई दी कि सभी अधिकारी पूरी तरह से सक्षम हैं। यह वाकया पीएयू के पाल ऑडिटोरियम में अंतरराष्ट्रीय तकनीक दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान हुआ।


तकनीक दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बदलते युग में तकनीक के महत्व पर मंथन किया गया। चेयरमैन छतवाल ने कहा कि पारंपरिक बिजली उत्पादन की विधि को त्याग कर सौर ऊर्जा को बढ़ावा दें। इस अवसर पर पीएयू के वीसी डॉ. बलदेव सिंह औलख ने खेतों में नाड़ न जलाने के लिए किए जा रहे उपायों के बारे में जानकारी दी। समारोह में प्रदूषण बोर्ड के कई अधिकारी एवं पीएयू के माहिर मौजूद रहे।
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