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प्रदूषण बोर्ड के खिलाफ संघर्ष की चेतावनी
अमर उजाला, लुधियाना
Updated Mon, 13 Jan 2014 10:05 PM IST
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पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से मानक पूरे नहीं करने के कारण कई औद्योगिक इकाइयों के बिजली कनेक्शन काटने से उद्यमी भड़क गए हैं। उद्यमियों ने चेतावनी दी है कि यदि बोर्ड ने अपने रुख में बदलाव न किया तो संघर्ष का रास्ता अख्तियार किया जाएगा।
सारे मामले की समीक्षा करने के लिए सोमवार को चैंबर ऑफ इंडस्ट्रियल एंड कामर्शियल अंडरटेकिंग्स, यूनाइटेड साइकिल एंड पार्ट्स मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन और लुधियाना एफ्ल्यूऐंट ट्रीटमेंट सोसाइटी के पदाधिकारियोें की बैठक हुई। बैठक में पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के रूख पर कड़ी आलोचना की गई।
चैंबर के प्रधान अवतार सिंह का कहना है कि पहले ही उद्योग जगत मंदी की मार से बेहाल है। चीन से मिल रही प्रतिस्पर्धा से मुकाबला करना पहले ही कठिन हो रहा है। छोटे यूनिट अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रहे हैं। अब बोर्ड ने छोटी एवं मध्यम श्रेणी की इकाइयों को निशाना बनाया है।
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सिंह ने कहा कि छोटी इंडस्ट्री एनसिलरी यूनिट की तरह काम कर रही हैं। उक्त इकाइयां पहले ही ट्रीटमेंट सोसाइटी की सदस्य हैं और गंदा पानी ट्रीटमेंट के लिए फोकल प्वाइंट स्थित प्लांट में भेज रही हैं। सिंह का तर्क है कि यदि जांच के दौरान किसी तरह की कमी पाई जाती है तो इकाई का बिजली कनेक्शन काटने के बजाय उसकी कमी दूर करने के लिए वक्त दिया जाए।
बिजली कनेक्शन काटने से इकाईयों में उत्पादन ठप हो गया है और इससे सैकड़ों लोगों का रोजगार छिन गया है। दूसरे बोर्ड ने एनओसी या कांसेंट लेने के लिए पहले ही 31 जनवरी का वक्त दे रखा है, ऐसे में बिजली कनेक्शन काटना जायज नहीं है। सिंह ने बोर्ड प्रबंधन को सलाह दी है कि छापामारी को तुरंत बंद किया जाए, अन्यथा उद्यमी सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन करेंगे। इस अवसर पर उपकार सिंह, चरणजीत सिंह विश्वकर्मा समेत कई उद्यमी मौजूद रहे।
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सारे मामले की समीक्षा करने के लिए सोमवार को चैंबर ऑफ इंडस्ट्रियल एंड कामर्शियल अंडरटेकिंग्स, यूनाइटेड साइकिल एंड पार्ट्स मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन और लुधियाना एफ्ल्यूऐंट ट्रीटमेंट सोसाइटी के पदाधिकारियोें की बैठक हुई। बैठक में पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के रूख पर कड़ी आलोचना की गई।
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चैंबर के प्रधान अवतार सिंह का कहना है कि पहले ही उद्योग जगत मंदी की मार से बेहाल है। चीन से मिल रही प्रतिस्पर्धा से मुकाबला करना पहले ही कठिन हो रहा है। छोटे यूनिट अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रहे हैं। अब बोर्ड ने छोटी एवं मध्यम श्रेणी की इकाइयों को निशाना बनाया है।
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सिंह ने कहा कि छोटी इंडस्ट्री एनसिलरी यूनिट की तरह काम कर रही हैं। उक्त इकाइयां पहले ही ट्रीटमेंट सोसाइटी की सदस्य हैं और गंदा पानी ट्रीटमेंट के लिए फोकल प्वाइंट स्थित प्लांट में भेज रही हैं। सिंह का तर्क है कि यदि जांच के दौरान किसी तरह की कमी पाई जाती है तो इकाई का बिजली कनेक्शन काटने के बजाय उसकी कमी दूर करने के लिए वक्त दिया जाए।
बिजली कनेक्शन काटने से इकाईयों में उत्पादन ठप हो गया है और इससे सैकड़ों लोगों का रोजगार छिन गया है। दूसरे बोर्ड ने एनओसी या कांसेंट लेने के लिए पहले ही 31 जनवरी का वक्त दे रखा है, ऐसे में बिजली कनेक्शन काटना जायज नहीं है। सिंह ने बोर्ड प्रबंधन को सलाह दी है कि छापामारी को तुरंत बंद किया जाए, अन्यथा उद्यमी सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन करेंगे। इस अवसर पर उपकार सिंह, चरणजीत सिंह विश्वकर्मा समेत कई उद्यमी मौजूद रहे।