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तुगलकी फरमान: पंजाब में एयरपोर्ट से एनआरआई को लाने की जिम्मेदारी अध्यापकों को सौंपी गई
Fri, 17 Jul 2020 02:52 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, लुधियाना
अमर उजाला, लुधियाना
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Fri, 17 Jul 2020 02:52 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
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एसीए ग्लाडा के एक तुगलकी फरमान ने अध्यापक वर्ग में खलबली मचा दी है। उनकी तरफ से जारी आदेशों में साफ कहा गया है कि पंजाब में आने वाले एनआरआई को एयरपोर्ट से रिसीव कर लाने की जिम्मेदारी अध्यापकों को होगी।
लुधियाना में इसके लिए 25 अध्यापकों की ड्यूटी लगा दी गई है। इन आदेशों की अवहेलना करने वाले पर डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत कार्रवाई करने की बात कही गई थी। कार्रवाई के डर से सभी अध्यापक वीरवार सुबह दस बजे ग्लाडा दफ्तर में रिपोर्ट करने पहुंचे लेकिन सभी इस फैसले से नाराज दिखे।
15 जुलाई को एसीए ग्लाडा की तरफ से एक लिखित आदेश जारी किया गया था। इसमें कहा गया है कि पंजाब में विदेश या फिर अन्य राज्यों से एयरपोर्ट पर आ रहे प्रवासियों के लिए तत्काल प्रभाव से अध्यापकों की ड्यूटी लगाई गई है। इन आदेश में लुधियाना से संबंधित 25 अध्यापकों के नाम और मोबाइल नंबर की सूची जारी की गई है।
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ड्यूटी पर तैनात अध्यापकों को ग्लाडा की तरफ से एक लिस्ट दी जाएगी, किस एयरपोर्ट पर लुधियाना से संबंधित लोग आ रहे हैं। अध्यापक तुरंत एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे। उन्हें एयरपोर्ट तक जाने के लिए वाहन की सुविधा ग्लाडा की तरफ से दी जाएगी।
वहां से एनआरआई को रिसीव करने के लिए सीधे सेहत विभाग के किसी अस्पताल में लाना होगा। वहां उनकी स्क्रीनिंग की जाएगी। इसके बाद उन्हें क्वारंटीन सेंटर और होटल की सूची दी जाएगी। व्यक्ति अपनी इच्छा के अनुसार क्वारंटीन सेंटर या फिर होटल का चुनाव कर सकता है। इसके बाद उन्हें क्वारंटीन सेंटर में छोड़ना होगा।
जिन अध्यापकों की ड्यूटी एनआरआई को लाने के लिए लगाई है, उनका कहना है कि पहले वह राशन की बुकिंग करने में जुटे रहे। फिर राशन बांटने की जिम्मेदारी उन्हें दी गई। इस समय स्कूल छात्रों के ऑनलाइन टेस्ट चल रहे हैं, वह उस पर भी काम कर रहे हैं। यह जरूरी काम छोड़ कर वह कैसे नई जिम्मेदरी निभाएं। हमें ड्यूटी करने से इनकार नहीं है, लेकिन सरकार को चाहिए कि अन्य विभागों की ड्यूटी भी रोटेशन वाइज लगाई जाए।
सिर्फ अध्यापकों को नहीं, आबकारी विभाग, टाउन प्लानिंग और ग्लाडा के अधिकारी भी काम कर रहे हैं। इस समय बाहर से आने वाले लोगों की संख्या में हर दिन इजाफा होता जा रहा है। इसलिए अध्यापकों की ड्यूटी ली गई है। रोटेशन में एक अध्यापक की ड्यूटी तीन दिन बाद आएगी। अभी तक विदेशों से लगभग 2900 लोग आ चुके हैं। अब संख्या बढ़ती जा रही है।
- भूपिंदर सिंह, एसीए ग्लाडा, नोडल अफसर कोविड-19
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लुधियाना में इसके लिए 25 अध्यापकों की ड्यूटी लगा दी गई है। इन आदेशों की अवहेलना करने वाले पर डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत कार्रवाई करने की बात कही गई थी। कार्रवाई के डर से सभी अध्यापक वीरवार सुबह दस बजे ग्लाडा दफ्तर में रिपोर्ट करने पहुंचे लेकिन सभी इस फैसले से नाराज दिखे।
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15 जुलाई को एसीए ग्लाडा की तरफ से एक लिखित आदेश जारी किया गया था। इसमें कहा गया है कि पंजाब में विदेश या फिर अन्य राज्यों से एयरपोर्ट पर आ रहे प्रवासियों के लिए तत्काल प्रभाव से अध्यापकों की ड्यूटी लगाई गई है। इन आदेश में लुधियाना से संबंधित 25 अध्यापकों के नाम और मोबाइल नंबर की सूची जारी की गई है।
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ड्यूटी पर तैनात अध्यापकों को ग्लाडा की तरफ से एक लिस्ट दी जाएगी, किस एयरपोर्ट पर लुधियाना से संबंधित लोग आ रहे हैं। अध्यापक तुरंत एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे। उन्हें एयरपोर्ट तक जाने के लिए वाहन की सुविधा ग्लाडा की तरफ से दी जाएगी।
वहां से एनआरआई को रिसीव करने के लिए सीधे सेहत विभाग के किसी अस्पताल में लाना होगा। वहां उनकी स्क्रीनिंग की जाएगी। इसके बाद उन्हें क्वारंटीन सेंटर और होटल की सूची दी जाएगी। व्यक्ति अपनी इच्छा के अनुसार क्वारंटीन सेंटर या फिर होटल का चुनाव कर सकता है। इसके बाद उन्हें क्वारंटीन सेंटर में छोड़ना होगा।
जिन अध्यापकों की ड्यूटी एनआरआई को लाने के लिए लगाई है, उनका कहना है कि पहले वह राशन की बुकिंग करने में जुटे रहे। फिर राशन बांटने की जिम्मेदारी उन्हें दी गई। इस समय स्कूल छात्रों के ऑनलाइन टेस्ट चल रहे हैं, वह उस पर भी काम कर रहे हैं। यह जरूरी काम छोड़ कर वह कैसे नई जिम्मेदरी निभाएं। हमें ड्यूटी करने से इनकार नहीं है, लेकिन सरकार को चाहिए कि अन्य विभागों की ड्यूटी भी रोटेशन वाइज लगाई जाए।
सिर्फ अध्यापकों को नहीं, आबकारी विभाग, टाउन प्लानिंग और ग्लाडा के अधिकारी भी काम कर रहे हैं। इस समय बाहर से आने वाले लोगों की संख्या में हर दिन इजाफा होता जा रहा है। इसलिए अध्यापकों की ड्यूटी ली गई है। रोटेशन में एक अध्यापक की ड्यूटी तीन दिन बाद आएगी। अभी तक विदेशों से लगभग 2900 लोग आ चुके हैं। अब संख्या बढ़ती जा रही है।
- भूपिंदर सिंह, एसीए ग्लाडा, नोडल अफसर कोविड-19