एडिशनल जिला सेशन जज अरुण गुप्ता ने रिश्वत लेने के दोषी एक नहरी पटवारी को चार साल की कैद और 20 हजार रुपये जुर्माना अदा करने के आदेश दिए हैं। जानकारी के अनुसार किसान सुखविंदर सिंह पुत्र हरिदवार सिंह निवासी गांव पंधेर ने अपने खेत में नहरी खाल खुदवाने के लिए निशानदेही करवानी थी।
नहरी पटवारी सुरजीत सिंह, किसान सुखविंदर सिंह को कहने लगा कि वह नहरी खाल की निशानदेही उसके खेत की तरफ कर देगा। इसके 12 हजार रुपये लगेंगे। दोनों में सौदा 10 हजार रुपये में तय हो गया। इसके चलते तिथि 18 अगस्त 2015 को जब वह नहरी पटवारी को 10 हजार रुपये रिश्वत देने के लिए जाने लगा तो जाने से पहले विजिलेंस टीम बरनाला को सूचित किया गा। ज्यों ही उसने नहरी पटवारी को जाकर 10 हजार रुपये की रिश्वत दी तो सूचना के आधार पर पहले से ही ताक में बैठी विजिलेंस की टीम ने तत्कालीन विजिलेंस इंस्पेक्टर मनजीत सिंह की अगुवाई में नहरी पटवारी सुरजीत सिंह को रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोच लिया। भ्रष्टाचार रोकू एक्ट तहत मामला दर्ज उसे जेल भेज दिया। कोर्ट में लंबे समय चले केस का फैसला सुनाते हुए एडिशनल जिला सेशन जज अरुण गुप्ता ने उप जिला अटार्नी आसीम गोयल की दलीलों से सहमति होते हुए चार साल की सजा और 20 हजार जुर्माना देने के आदेश दिए हैं। जुर्माना अदा न करने की सूरत में एक महीना सजा और काटनी होगी।