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Ludhiana: फैक्टरी के विरोध में चल रहे धरने को पुलिस ने उठवाया, विरोध में आए ग्रामीणों पर किया लाठीचार्ज
Sat, 26 Apr 2025 02:44 PM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, जगरांव (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, जगरांव (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 26 Apr 2025 02:44 PM IST
सार
ग्रामीणों ने पुलिस कार्रवाई को कायराना बताते हुए कहा कि रात के अंधेरे में कार्रवाई करना कोई बहादुरी नहीं है। भड़के लोगों ने धरना लगा कर पुलिस विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए भम्मीपुरा रोड जाम कर दिया। इसके बाद पुलिस ने कदम पीछे हटाते हुए गांव के लोगों से बातचीत शुरू की।
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पुलिस एक्शन की जानकारी देते ग्रामीण
- फोटो : वीडियो ग्रैब
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विस्तार
जगरांव के गांव अखाडा में लग रही बायो गैस फैक्टरी को बंद करवाने को लेकर करीब सवा साल से चल रहे धरने को शनिवार को पुलिस ने उठवा दिया। लुधियाना देहात की पुलिस ने सुबह करीब 5 बजे ही पूरे गांव को छावनी में बदल दिया। पुलिस ने लोगों को घरों से निकलने से पहले ही फैक्ट्री के सामने लगे टेंट व शैड उखाड़ दिए।
पता चलते ही गांव के लोग घरों से बाहर निकल आए जिसके बाद पुलिस और गांव निवासी आमने सामने हो गए। आरोप है कि इस दौरान पुलिस ने ग्रामीणों पर लाठीचार्ज कर उन्हें खदेड़ दिया। इसमें कई लोग घायल हो गए।
वहीं इससे पहले पुलिस ने कई किसान नेताओं को घरों से उठाकर थाना सिटी में नजरबंद कर दिया था। गांव की महिलाओं ने कहा कि हम खून का कतरा कतरा बहा देंगे लेकिन फैक्ट्री नहीं चलने देंगे। लोगों ने अपने बच्चों को भी इस जंग में झोंकने की बात कही। उनका कहना था कि पल पल मरने से अच्छा है कि जंग लड़ कर मरें।
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ग्रामीणों ने पुलिस कार्रवाई को कायराना बताते हुए कहा कि रात के अंधेरे में कार्रवाई करना कोई बहादुरी नहीं है। भड़के लोगों ने धरना लगा कर पुलिस विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए भम्मीपुरा रोड जाम कर दिया। इसके बाद पुलिस ने कदम पीछे हटाते हुए गांव के लोगों से बातचीत शुरू की। पुलिस ने लाठीचार्ज के बाद फैक्ट्री को जाने वाला रास्ता एक बार तो खुलवा दिया लेकिन गांव निवासियों ने कहा कि पुलिस का दूसरी बार आत्याचार हुआ है फिर भी वह फैक्ट्री चलने नहीं देंगे।
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पता चलते ही गांव के लोग घरों से बाहर निकल आए जिसके बाद पुलिस और गांव निवासी आमने सामने हो गए। आरोप है कि इस दौरान पुलिस ने ग्रामीणों पर लाठीचार्ज कर उन्हें खदेड़ दिया। इसमें कई लोग घायल हो गए।
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वहीं इससे पहले पुलिस ने कई किसान नेताओं को घरों से उठाकर थाना सिटी में नजरबंद कर दिया था। गांव की महिलाओं ने कहा कि हम खून का कतरा कतरा बहा देंगे लेकिन फैक्ट्री नहीं चलने देंगे। लोगों ने अपने बच्चों को भी इस जंग में झोंकने की बात कही। उनका कहना था कि पल पल मरने से अच्छा है कि जंग लड़ कर मरें।
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ग्रामीणों ने पुलिस कार्रवाई को कायराना बताते हुए कहा कि रात के अंधेरे में कार्रवाई करना कोई बहादुरी नहीं है। भड़के लोगों ने धरना लगा कर पुलिस विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए भम्मीपुरा रोड जाम कर दिया। इसके बाद पुलिस ने कदम पीछे हटाते हुए गांव के लोगों से बातचीत शुरू की। पुलिस ने लाठीचार्ज के बाद फैक्ट्री को जाने वाला रास्ता एक बार तो खुलवा दिया लेकिन गांव निवासियों ने कहा कि पुलिस का दूसरी बार आत्याचार हुआ है फिर भी वह फैक्ट्री चलने नहीं देंगे।