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वकीलों ने प्रशासन खिलाफ दिया धरना, एसडीएम बोले- दुकानें अवैध थीं, कानून के अनुसार कार्रवाई की गई
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बठिंडा। पुरानी तहसील कांप्लेक्स में अवैध तौर पर बिना मंजूरी के दुकानें बनाकर बैठे वकीलों की दुकानों को मंगलवार को रात प्रशासन ने ढेर कर दिया। जिसके बाद वकीलों ने जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और धक्काशाही का आरोप लगाया। वहीं एसडीएम इनायत गुप्ता ने कहा कि दुकानें अवैध थीं, जिस पर कानून के अनुसार कार्रवाई की गई। जानकारी के अनुसार कुछ वकीलों ने पुरानी तहसील कांप्लेक्स में अपने रोजगार के लिए दुकानें बनाई थी। जिसकी मंजूरी के लिए वकीलों ने आवेदन भी किया हुआ था।
लेकिन पिछले लंबे समय से आवेदन पर कोई गौर ना होने कारण वकीलों ने बिना मंजूरी ही अपनी दुकाने बना ली थी। पिछले दिनों से लगातार एसडीएम इनायत गुप्ता एवं डिप्टी कमिश्नर शौकत अहमद परे ने तहसील परिसर में बनी दुकानों की जांच की जा रही थी। जांच में पाया गया कि करीब दस ऐसी दुकानें है जो बिना मंजूरी के ही वकीलों समेत अन्य लोगों ने बना ली है। जिसके बाद मंगलवार को सुबह प्रशासन ने नायब तहसीलदार को जेसीबी के साथ दुकानों पर कार्रवाई के लिए भेजा गया था। लेकिन बार एसोसिएशन के कई वकील सदस्य पहुंचे तो उन्होंने तहसीलदार से समय मांग लिया था।
वहीं देर शाम को एसडीएम इनायत गुप्ता फिर से पुलिस बल समेत पुरानी तहसील कांप्लेक्स में पहुंचे और दुकानों को गिरा दिया। इस कार्रवाई के दौरान कुछ वकील विरोध जता रहे थे तो उनमें से एक वकील को पुलिस ने हिरासत में लिया। पूरे घटनाक्रम के बाद वकील सूर्यकांत सिंगला के साथ आए बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने जिला प्रशासनिक अधिकारियों का बायकाट कर दिया। बुधवार को सुबह वकीलों ने पुरानी तहसील कांप्लेक्स में डीसी, एसडीएम के खिलाफ धरना लगा दिया गया। वकील गुरविंदर सिंह मान ने कहा कि प्रशासन की ओर से वकीलों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों का बायकाट जारी रखने का एलान किया। वकीलों ने धरने के दौरान मांग की कि जिन वकीलों की दुकानें गिराई गई हैं, उनको किसी अन्य जगह दुकानें बनाने के लिए जगह दी जाए। डीसी शौकत अहमद परे का कहना था कि प्रशासन ने कानून एवं नियम के अनुसार कार्रवाई की है।
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लेकिन पिछले लंबे समय से आवेदन पर कोई गौर ना होने कारण वकीलों ने बिना मंजूरी ही अपनी दुकाने बना ली थी। पिछले दिनों से लगातार एसडीएम इनायत गुप्ता एवं डिप्टी कमिश्नर शौकत अहमद परे ने तहसील परिसर में बनी दुकानों की जांच की जा रही थी। जांच में पाया गया कि करीब दस ऐसी दुकानें है जो बिना मंजूरी के ही वकीलों समेत अन्य लोगों ने बना ली है। जिसके बाद मंगलवार को सुबह प्रशासन ने नायब तहसीलदार को जेसीबी के साथ दुकानों पर कार्रवाई के लिए भेजा गया था। लेकिन बार एसोसिएशन के कई वकील सदस्य पहुंचे तो उन्होंने तहसीलदार से समय मांग लिया था।
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वहीं देर शाम को एसडीएम इनायत गुप्ता फिर से पुलिस बल समेत पुरानी तहसील कांप्लेक्स में पहुंचे और दुकानों को गिरा दिया। इस कार्रवाई के दौरान कुछ वकील विरोध जता रहे थे तो उनमें से एक वकील को पुलिस ने हिरासत में लिया। पूरे घटनाक्रम के बाद वकील सूर्यकांत सिंगला के साथ आए बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने जिला प्रशासनिक अधिकारियों का बायकाट कर दिया। बुधवार को सुबह वकीलों ने पुरानी तहसील कांप्लेक्स में डीसी, एसडीएम के खिलाफ धरना लगा दिया गया। वकील गुरविंदर सिंह मान ने कहा कि प्रशासन की ओर से वकीलों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों का बायकाट जारी रखने का एलान किया। वकीलों ने धरने के दौरान मांग की कि जिन वकीलों की दुकानें गिराई गई हैं, उनको किसी अन्य जगह दुकानें बनाने के लिए जगह दी जाए। डीसी शौकत अहमद परे का कहना था कि प्रशासन ने कानून एवं नियम के अनुसार कार्रवाई की है।
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