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लोहा कारोबारियों ने दी आंदोलन की चेतावनी
अमर उजाला, लुधियाना
Updated Tue, 04 Feb 2014 09:48 PM IST
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स्टील पर वैट कम करने से लोहा कारोबारियों को फायदा कम नुकसान अधिक हो रहा है। कारोबारियों का तर्क है कि नए प्रावधान के तहत दूसरी स्टेज के बाद इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) नहीं मिलेगा।
नतीजतन दूसरे चरण के बाद कारोबार करने वाले पचास फीसदी से अधिक लोहा कारोबारियों को टैक्स का इंपेक्ट पहले से अधिक आएगा, उनका माल एक हजार रुपये प्रति टन तक महंगा होगा। इससे कारोबारी बाजार से आउट हो जाएंगे।
लुधियाना आयरन शीट ट्रेडर्स एसोसिएशन और फास्टनर सप्लायर्स मैन्यूफेक्चरर्स एसोसिएशन ने लोहा मंडी में एक बैठक करके सरकार को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है। कारोबारियों की मांग है कि सात दिन के भीतर नोटिफिकेशन में संशोधन कर आईटीसी के लाभ को वैट अधिनियम के अनुसार लागू किया जाए।
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दूसरे नट बोल्ट पर वैट साढ़े पांच फीसदी से कम करके साढे़ तीन फीसदी किया जाए और हर बिल पर डेक्लेयरेशन करने का प्रावधान खत्म किया जाए। दोनों संगठनों ने साफ किया है कि यदि सरकार ने राहत न दी तो सड़कों पर उतर कर आंदोलन किया जाएगा।
फास्टनर सप्लायर्स एसोसिएशन के प्रधान राज कुमार सिंगला और आयरन शीट ट्रेडर्स एसोसिएशन के प्रधान रोशन लाल सिंगला का कहना है कि प्रदेश सरकार ने वैट कम करने की आड़ में धोखा देने का प्रयास किया है। नोटिफिकेशन में आयरन एंड स्टील पर वैट 4.50 फीसदी से घटाकर 2.50 फीसदी कर दिया है, लेकिन इसके साथ ही आईटीसी सेकेंड स्टेज पर खत्म करने की शर्त भी लगा दी है।
सिंगला ने कहा कि दूसरे चरण के बाद आईटीसी नहीं मिलने पर छोटे कारोबारी को माल महंगा मिलेगा। इसके बाद सेमी फिनिश्ड माल मसलन नट बोल्ट पर साढ़े पांच फीसदी वैट और लग जाएगा। ऐसे में छोटे कारोबारी को नुकसान होगा। सिंगला का तर्क है कि नट बोल्ट का इस्तेमाल आगे उपकरणों में किया जाता है। इसलिए उस पर वैट साढ़े पांच फीसदी से कम करके साढ़े तीन फीसदी किया जाए।
सिंगला ने कहा कि कारोबारी वैट रिटर्न में माल की खरीद से लेकर तैयार माल की बिक्री तक के सारे खुलासे करता है, लेकिन अब हर बिल में खुलासा करने को कहा गया है, यह संभव नहीं है। संगठन की मांग है कि इस शर्त को भी खत्म किया जाए।
लिस्टा के उप प्रधान रमन अग्रवाल ने कहा कि आईटीसी सेकेंड स्टेज तक सीमित करना और 31 जनवरी से पहले के स्टॉक को 4.50 फीसदी वैट की जगह 2.50 फीसदी पर बेचने का फरमान उद्यमियों के साथ सरासर धोखाधड़ी है। इस मौके पर मनजीत सिंह, दर्शन कुमार सिंगला, राजकुमार गर्ग, जोगिन्द्र मित्तल, आरएल सिंगला और संदीप गुप्ता मौजूद रहे।
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नतीजतन दूसरे चरण के बाद कारोबार करने वाले पचास फीसदी से अधिक लोहा कारोबारियों को टैक्स का इंपेक्ट पहले से अधिक आएगा, उनका माल एक हजार रुपये प्रति टन तक महंगा होगा। इससे कारोबारी बाजार से आउट हो जाएंगे।
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लुधियाना आयरन शीट ट्रेडर्स एसोसिएशन और फास्टनर सप्लायर्स मैन्यूफेक्चरर्स एसोसिएशन ने लोहा मंडी में एक बैठक करके सरकार को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है। कारोबारियों की मांग है कि सात दिन के भीतर नोटिफिकेशन में संशोधन कर आईटीसी के लाभ को वैट अधिनियम के अनुसार लागू किया जाए।
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दूसरे नट बोल्ट पर वैट साढ़े पांच फीसदी से कम करके साढे़ तीन फीसदी किया जाए और हर बिल पर डेक्लेयरेशन करने का प्रावधान खत्म किया जाए। दोनों संगठनों ने साफ किया है कि यदि सरकार ने राहत न दी तो सड़कों पर उतर कर आंदोलन किया जाएगा।
फास्टनर सप्लायर्स एसोसिएशन के प्रधान राज कुमार सिंगला और आयरन शीट ट्रेडर्स एसोसिएशन के प्रधान रोशन लाल सिंगला का कहना है कि प्रदेश सरकार ने वैट कम करने की आड़ में धोखा देने का प्रयास किया है। नोटिफिकेशन में आयरन एंड स्टील पर वैट 4.50 फीसदी से घटाकर 2.50 फीसदी कर दिया है, लेकिन इसके साथ ही आईटीसी सेकेंड स्टेज पर खत्म करने की शर्त भी लगा दी है।
सिंगला ने कहा कि दूसरे चरण के बाद आईटीसी नहीं मिलने पर छोटे कारोबारी को माल महंगा मिलेगा। इसके बाद सेमी फिनिश्ड माल मसलन नट बोल्ट पर साढ़े पांच फीसदी वैट और लग जाएगा। ऐसे में छोटे कारोबारी को नुकसान होगा। सिंगला का तर्क है कि नट बोल्ट का इस्तेमाल आगे उपकरणों में किया जाता है। इसलिए उस पर वैट साढ़े पांच फीसदी से कम करके साढ़े तीन फीसदी किया जाए।
सिंगला ने कहा कि कारोबारी वैट रिटर्न में माल की खरीद से लेकर तैयार माल की बिक्री तक के सारे खुलासे करता है, लेकिन अब हर बिल में खुलासा करने को कहा गया है, यह संभव नहीं है। संगठन की मांग है कि इस शर्त को भी खत्म किया जाए।
लिस्टा के उप प्रधान रमन अग्रवाल ने कहा कि आईटीसी सेकेंड स्टेज तक सीमित करना और 31 जनवरी से पहले के स्टॉक को 4.50 फीसदी वैट की जगह 2.50 फीसदी पर बेचने का फरमान उद्यमियों के साथ सरासर धोखाधड़ी है। इस मौके पर मनजीत सिंह, दर्शन कुमार सिंगला, राजकुमार गर्ग, जोगिन्द्र मित्तल, आरएल सिंगला और संदीप गुप्ता मौजूद रहे।