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कारोबारियों की नारेबाजी से गूंज उठी लोहा मंडी
अमर उजाला, लुधियाना
Updated Fri, 07 Feb 2014 09:44 PM IST
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कारोबारियों की सूबा सरकार के खिलाफ की नारेबाजी से जिले की लोहा मंडी बाद दोपहर गूंज उठी। कारोबारी लोहे पर वैट में दूसरे चरण के बाद इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) खत्म करने के फरमान पर भड़के हुए हैं।
शुक्र वार को लोहा मंडी में कारोबारियों ने नारेबाजी की और सरकार के खिलाफ जोरदार आवाज बुलंद की। कारोबारियों ने साफ कर दिया है कि यदि 11 फरवरी तक इस शर्त को वापस न लिया गया तो लोहा व्यापारी 12 फरवरी से मरणव्रत पर बैठेंगे।
पंजाब सरकार ने सूबे में लोहे पर वैट साढ़े चार फीसदी से कम करके ढाई फीसदी कर दिया। सरकार का यह फैसला आते ही कारोबारियों ने सराहना की, लेकिन जब नोटिफिकेशन के प्रावधानों को बारीकी से खंगाला तो सारी खुशी हवा हो गई। अब कारोबारी इसका जम कर विरोध कर रहे हैं।
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शुक्रवार को लोहा मंडी में लुधियाना आयरन एंड शीट ट्रेडर्स एसोसिएशन और फास्टनर सप्लायर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के बैनर तले कारोबारियों ने सरकार को जम कर कोसा।
आयरन शीट ट्रेडर्स एसोसिएशन के प्रधान रोशन लाल सिंगला और फास्टनर सप्लायर्स एसोसिएशन के प्रधान राज कुमार सिंगला का दावा है कि इस प्रावधान के बाद छोटे कारोबारी बाजार से आउट हो जाएंगे। दूसरे चरण पर आईटीसी खत्म होने से टैक्स का इंपेक्ट अधिक आएगा। जबकि आगे तैयार माल पर फिर से टैक्स वसूल करना है। छोटे कारोबारियों में इतना सामर्थ्य नहीं है कि वे सीधे निर्माता से ज्यादा मात्रा में माल खरीद सकें। ऐसे में सरकार को राहत देनी अनिवार्य है।
सिंगला ने मांग की है कि वैट अधिनियम के प्रावधानों के तहत ही आईटीसी देने का प्रावधान किया जाए। इस अवसर पर बड़ी संख्या में उद्यमी एवं कारोबारी मौजूद रहे।
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शुक्र वार को लोहा मंडी में कारोबारियों ने नारेबाजी की और सरकार के खिलाफ जोरदार आवाज बुलंद की। कारोबारियों ने साफ कर दिया है कि यदि 11 फरवरी तक इस शर्त को वापस न लिया गया तो लोहा व्यापारी 12 फरवरी से मरणव्रत पर बैठेंगे।
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पंजाब सरकार ने सूबे में लोहे पर वैट साढ़े चार फीसदी से कम करके ढाई फीसदी कर दिया। सरकार का यह फैसला आते ही कारोबारियों ने सराहना की, लेकिन जब नोटिफिकेशन के प्रावधानों को बारीकी से खंगाला तो सारी खुशी हवा हो गई। अब कारोबारी इसका जम कर विरोध कर रहे हैं।
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शुक्रवार को लोहा मंडी में लुधियाना आयरन एंड शीट ट्रेडर्स एसोसिएशन और फास्टनर सप्लायर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के बैनर तले कारोबारियों ने सरकार को जम कर कोसा।
आयरन शीट ट्रेडर्स एसोसिएशन के प्रधान रोशन लाल सिंगला और फास्टनर सप्लायर्स एसोसिएशन के प्रधान राज कुमार सिंगला का दावा है कि इस प्रावधान के बाद छोटे कारोबारी बाजार से आउट हो जाएंगे। दूसरे चरण पर आईटीसी खत्म होने से टैक्स का इंपेक्ट अधिक आएगा। जबकि आगे तैयार माल पर फिर से टैक्स वसूल करना है। छोटे कारोबारियों में इतना सामर्थ्य नहीं है कि वे सीधे निर्माता से ज्यादा मात्रा में माल खरीद सकें। ऐसे में सरकार को राहत देनी अनिवार्य है।
सिंगला ने मांग की है कि वैट अधिनियम के प्रावधानों के तहत ही आईटीसी देने का प्रावधान किया जाए। इस अवसर पर बड़ी संख्या में उद्यमी एवं कारोबारी मौजूद रहे।