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मरीज और सरकार दोनों से पैसे ऐंठ रहे अस्पताल
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना
Updated Tue, 23 Aug 2016 09:38 PM IST
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लुधियाना के आस्था अस्पताल में भगत पूर्ण सिंह भीमा योजना के तहत गड़बडी मिलने की शिकायत के बाद डाक्टर से सवाल करते विधायक सिमरजीत सिंह बैंस।
- फोटो : अमर उजाला
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पंजाब सरकार की तरफ से चलाई गई भगत पूर्ण सिंह सेहत बीमा योजना का मरीजों तक लाभ कम और अस्पताल वालों को ज्यादा हो रहा है। इसका खुलासा लुधियाना में हुआ।
टीम इंसाफ के प्रमुख और आजाद विधायक सिमरजीत सिंह बैंस ने दावा किया है कि घुमार मंडी स्थित आस्था अस्पताल और सिधवां नहर के पास स्थित गर्ग अस्पताल में भगत पूर्ण सिंह बीमा योजना के तहत इलाज करवाने वाले मरीजों से भी डॉक्टर पैसे ले रहे हैं और उन्होंने बीमा कार्ड के जरिए सरकार को इलाज करने के पैसे के लिए अप्लाई कर रखा है। दोनों अस्पतालों में भर्ती मरीजों के रिश्तेदारों ने विधायक सिमरजीत सिंह बैंस से मिलकर इसकी शिकायत की थी।
इसके बाद विधायक बैंस अपनी टीम के साथ पहले आस्था अस्पताल पहुंचे। वहां डॉक्टर संजीव गुप्ता को उन्होंने मरीज सुरिंदर कौर के रिश्तेदारों से मिलवाया और कहा कि उन्होंने पथरी का इलाज करवाया है। इसके लिए उन्होंने भगत पूर्ण सिंह बीमा कार्ड में 26 हजार रुपये काटे गए और उसके अलावा डॉक्टरों ने 32 हजार रुपये ओर ले लिए। डॉक्टर ने एक रुपये की भी कोई रसीद नहीं दी।
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डॉ. गुप्ता ने कहा कि इस बीमा योजना के तहत पिछले मार्च महीने से पैसे नहीं मिल रहे हैं। साथ ही इस बीमारी के लिए सरकार से बीस से 25 हजार रुपये दिए जाते है, जबकि असली खर्च साठ से 70 हजार रुपये का है। पैसे की रसीद न दिए जाने पर मुद्दे पर उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। इस मौके पर विधायक बैंस ने मरीज को डॉक्टर से 32 हजार रुपये वापस दिलवाएं।
इसके बाद विधायक बैंस एक अन्य मरीज के रिश्तेदारों को साथ लेकर गर्ग अस्पताल पहुंचे। इस दौरान गर्ग अस्पताल के डॉ. विशाल गर्ग ने अपनी ठगी की बात मान कर यह कहना शुरू कर दिया कि पुरानी बातों पर मिट्टी डाले आप यह बताओं कि मैटर कैसे सैटल करना है। डॉक्टर ने विधायक बैंस को अपनी बात पूरी भी नहीं करने दी और बार बार इस मामले को सुलझाने के लिए कहने लगा।
गर्ग अस्पताल में भर्ती गांव हिमांयुपुर के रहने वाले राकेश ने कहा कि 25 जून को कोहनी का आपरेशन करवाया था। जिसके लिए उसने तीस हजार रुपये नगद दिए थे। साथ ही डॉक्टर ने उनसे भगत पूर्ण सिंह योजना का कार्ड भी ले लिया था। कुछ समय बाद उन्हें अस्पताल से फोन आया कि उन्हें कोई फोन आएगा तो वह कह दें कि सारा इलाज फ्री हुआ है।
राकेश को शक हुआ। उसने विधायक बैंस से संपर्क कर सारी बात बताई। डाक्टरों ने मरीज से माफी मांग कर तीस हजार रुपये वापस किए। इस मौके पर डॉक्टर गर्ग मीडिया कर्मियों के साथ भी उलझ गए। बाद में हाथ जोड़ कर माफी मांग उनसे अपनी जान छुड़ाई। विधायक सिमरजीत सिंह बैंस ने कहा कि यह तो सिर्फ दो अस्पतालों का हाल है। पूरे पंजाब में यह योजना का और डाक्टरों का क्या हाल होगा।
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टीम इंसाफ के प्रमुख और आजाद विधायक सिमरजीत सिंह बैंस ने दावा किया है कि घुमार मंडी स्थित आस्था अस्पताल और सिधवां नहर के पास स्थित गर्ग अस्पताल में भगत पूर्ण सिंह बीमा योजना के तहत इलाज करवाने वाले मरीजों से भी डॉक्टर पैसे ले रहे हैं और उन्होंने बीमा कार्ड के जरिए सरकार को इलाज करने के पैसे के लिए अप्लाई कर रखा है। दोनों अस्पतालों में भर्ती मरीजों के रिश्तेदारों ने विधायक सिमरजीत सिंह बैंस से मिलकर इसकी शिकायत की थी।
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इसके बाद विधायक बैंस अपनी टीम के साथ पहले आस्था अस्पताल पहुंचे। वहां डॉक्टर संजीव गुप्ता को उन्होंने मरीज सुरिंदर कौर के रिश्तेदारों से मिलवाया और कहा कि उन्होंने पथरी का इलाज करवाया है। इसके लिए उन्होंने भगत पूर्ण सिंह बीमा कार्ड में 26 हजार रुपये काटे गए और उसके अलावा डॉक्टरों ने 32 हजार रुपये ओर ले लिए। डॉक्टर ने एक रुपये की भी कोई रसीद नहीं दी।
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डॉ. गुप्ता ने कहा कि इस बीमा योजना के तहत पिछले मार्च महीने से पैसे नहीं मिल रहे हैं। साथ ही इस बीमारी के लिए सरकार से बीस से 25 हजार रुपये दिए जाते है, जबकि असली खर्च साठ से 70 हजार रुपये का है। पैसे की रसीद न दिए जाने पर मुद्दे पर उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। इस मौके पर विधायक बैंस ने मरीज को डॉक्टर से 32 हजार रुपये वापस दिलवाएं।
इसके बाद विधायक बैंस एक अन्य मरीज के रिश्तेदारों को साथ लेकर गर्ग अस्पताल पहुंचे। इस दौरान गर्ग अस्पताल के डॉ. विशाल गर्ग ने अपनी ठगी की बात मान कर यह कहना शुरू कर दिया कि पुरानी बातों पर मिट्टी डाले आप यह बताओं कि मैटर कैसे सैटल करना है। डॉक्टर ने विधायक बैंस को अपनी बात पूरी भी नहीं करने दी और बार बार इस मामले को सुलझाने के लिए कहने लगा।
गर्ग अस्पताल में भर्ती गांव हिमांयुपुर के रहने वाले राकेश ने कहा कि 25 जून को कोहनी का आपरेशन करवाया था। जिसके लिए उसने तीस हजार रुपये नगद दिए थे। साथ ही डॉक्टर ने उनसे भगत पूर्ण सिंह योजना का कार्ड भी ले लिया था। कुछ समय बाद उन्हें अस्पताल से फोन आया कि उन्हें कोई फोन आएगा तो वह कह दें कि सारा इलाज फ्री हुआ है।
राकेश को शक हुआ। उसने विधायक बैंस से संपर्क कर सारी बात बताई। डाक्टरों ने मरीज से माफी मांग कर तीस हजार रुपये वापस किए। इस मौके पर डॉक्टर गर्ग मीडिया कर्मियों के साथ भी उलझ गए। बाद में हाथ जोड़ कर माफी मांग उनसे अपनी जान छुड़ाई। विधायक सिमरजीत सिंह बैंस ने कहा कि यह तो सिर्फ दो अस्पतालों का हाल है। पूरे पंजाब में यह योजना का और डाक्टरों का क्या हाल होगा।