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बाजारों में उमड़ी भीड़, रेंगता रहा यातायात
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना
Updated Tue, 10 Nov 2015 10:14 PM IST
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दीपावली पर्व पर मंगलवार को लोगों ने की भीड़ बाजारों में उमड़ी। इससे शहर
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के तमाम बाजारों के आसपास सुबह से लेकर शाम यातायात रेंगता रहा।
महंगाई के कारण खरीदारी पिछले साल के मुकाबले कम रही। कारोबारियों का कहना है कि दीपावली पर इस बार उम्मीद के मुताबिक कारोबार नहीं हुआ। ऐसे में खर्च पूरे करने भी मुश्किल हो रहे हैं।
मंगलवार को बाजारों में सुबह से ही ग्राहकों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। चौड़ा बाजार, साबुन बाजार, माता रानी चौक, घंटाघर, माडल टाउन, घुमार मंडी, हैबोवाल समेत सभी बाजारों में रौनक रही। उधर दाना मंडी में लगे पटाखा बाजार के होलसेल कारोबारी अशोक थापर का कहना है कि इस बार बिक्री काफी कम हो रही है। पिछले साल के मुकाबले केवल तीस फीसदी ही कारोबार है।
दीपावली में एक दिन बाकी रह गया है, लेकिन बड़ा स्टाक जमा है। ऐसे में लगता है कि कारोबारियों का काफी स्टाक बच सकता है। थापर ने कहा कि लोगों का ग्रीन दीपावली मनाने की तरफ रुझान और पंजाब में काली दीवाली मनाने की चर्चाओं का असर कारोबार पर हो रहा है।
उधर अकालगढ़ मार्केट एसोसिएशन के महासचिव गुरिंदर सिंह एमपी का कहना है कि बाजार में ग्राहक आ रहा है, लेकिन खरीदारी खुलकर नहीं हो रही। पिछले साल के मुकाबले कारोबार आधा भी नहीं है। लुधियाना ज्वैलर्स एसोसिएशन के महासचिव मनोज ढांडा का तर्क है कि इस बार पिछले साल के मुकाबले सोने एवं चांदी की कीमतें कम हैं, बावजूद इसके ग्राहक उम्मीद के मुताबिक नहीं आ रहा है।
लोगों को उम्मीद है कि सोने की कीमतें 26 हजार रुपये प्रति दस ग्राम के स्तर से भी नीचे आ सकती हैं। ऐसे में ग्राहक वेट एंड वाच की नीति पर चल रहा है।
महंगाई के कारण खरीदारी पिछले साल के मुकाबले कम रही। कारोबारियों का कहना है कि दीपावली पर इस बार उम्मीद के मुताबिक कारोबार नहीं हुआ। ऐसे में खर्च पूरे करने भी मुश्किल हो रहे हैं।
मंगलवार को बाजारों में सुबह से ही ग्राहकों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। चौड़ा बाजार, साबुन बाजार, माता रानी चौक, घंटाघर, माडल टाउन, घुमार मंडी, हैबोवाल समेत सभी बाजारों में रौनक रही। उधर दाना मंडी में लगे पटाखा बाजार के होलसेल कारोबारी अशोक थापर का कहना है कि इस बार बिक्री काफी कम हो रही है। पिछले साल के मुकाबले केवल तीस फीसदी ही कारोबार है।
दीपावली में एक दिन बाकी रह गया है, लेकिन बड़ा स्टाक जमा है। ऐसे में लगता है कि कारोबारियों का काफी स्टाक बच सकता है। थापर ने कहा कि लोगों का ग्रीन दीपावली मनाने की तरफ रुझान और पंजाब में काली दीवाली मनाने की चर्चाओं का असर कारोबार पर हो रहा है।
उधर अकालगढ़ मार्केट एसोसिएशन के महासचिव गुरिंदर सिंह एमपी का कहना है कि बाजार में ग्राहक आ रहा है, लेकिन खरीदारी खुलकर नहीं हो रही। पिछले साल के मुकाबले कारोबार आधा भी नहीं है। लुधियाना ज्वैलर्स एसोसिएशन के महासचिव मनोज ढांडा का तर्क है कि इस बार पिछले साल के मुकाबले सोने एवं चांदी की कीमतें कम हैं, बावजूद इसके ग्राहक उम्मीद के मुताबिक नहीं आ रहा है।
लोगों को उम्मीद है कि सोने की कीमतें 26 हजार रुपये प्रति दस ग्राम के स्तर से भी नीचे आ सकती हैं। ऐसे में ग्राहक वेट एंड वाच की नीति पर चल रहा है।