फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Ludhiana News ›   electricity, vat, proposal, dispute

बिजली पर एकमुश्त वैट लगाने के प्रस्ताव पर हंगामा

Sat, 02 Aug 2014 10:51 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना Updated Sat, 02 Aug 2014 10:51 PM IST
विज्ञापन
मंडी गोबिंदगढ़ के स्टील उद्योग द्वारा पंजाब सरकार को लोहा उद्योग में खपत हो रही बिजली पर एकमुश्त वैट लगाने के प्रस्ताव से लुधियाना के उद्यमी बिफर गए हैं। यहां के स्टील उद्यमियों ने साफ कर दिया है कि यदि सरकार ने इस प्रस्ताव पर अमल किया तो मजबूरन इकाईयां बंद करके आंदोलन के लिए सड़कों पर उतरा जाएगा। इस संबंध में शनिवार को चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज और इंडक्शन फर्नेस एसोसिएशन ऑफ नार्दर्न इंडिया के बैनर तले नागपाल रीजेंसी में बैठक का आयोजन किया गया।
विज्ञापन



इस बैठक में इंजीनियरिंग उद्योग से संबंधित कई औद्योगिक संगठनों के पदाधिकारियों ने मंथन कर तय किया कि मंडी गोबिंदगढ़ के उद्यमियों को भी इस प्रस्ताव के नुकसान से अवगत करा, सारे उद्योग को एक मंच पर लाने का प्रयास किया जाएगा।
विज्ञापन



इंडक्शन फर्नेस एसोसिएशन के प्रधान केके गर्ग ने समझाया कि मंडी गोबिंदगढ़ में अधिकतर कंस्ट्रक्शन में उपयोग होने वाला लोहा बनाया जाता है, यह लोहा इकाई से निकल कर सीधे उपभोक्ता तक पहुंचता है। ऐसे में उन्होंने इस तरह का प्रस्ताव सरकार को दिया है। जबकि लुधियाना में औद्योगिक स्टील का उत्पादन किया जा रहा है। यहां से स्टील बन कर इंजीनियरिंग उद्योग में पहुंचता है और वहां से उत्पाद तैयार होकर कई चैनलों से गुजरते हुए उपभोक्ता के हाथ में जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन



एकमुश्त कर लगाने से इंडस्ट्री को वैट का इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) नहीं मिलेगा। इसका सीधा असर उत्पाद पर आएगा और स्टील दो रुपये तक महंगा हो जाएगा। चैंबर के प्रधान पीडी शर्मा का तर्क है कि यह प्रस्ताव वैट अधिनियम की मूल भावना के खिलाफ है। दूसरे केंद्र तेजी से देश में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लगाना चाहता है। ऐसे में अब वैट में छेड़छाड़ करने का कोई मतलब नहीं रह जाता।



इंडक्शन फर्नेस एसोसिएशन के प्रधान केके गर्ग ने कहा कि  पंजाब में अधिक उत्पादन लागत और सरकारी नीतियों के कारण 30 फीसदी स्टील इकाईयां बंद हो गई हैं, जबकि 20 फीसदी बिकाऊ हैं और उनको ग्राहक नहीं मिल रहे। पचास फीसदी ने अपना उत्पादन कम कर दिया है। अब सरकार इस तरह के कर लगा कर उद्योगों को यहां से भगाना चाहती है। इससे उद्योग जगत में डर की भावना पैदा हो रही है। इस अवसर पर रमेश गोयल, एससी रल्हन, संदीप जैन, संजय जैन, अजीत लाकड़ा, अवतार सिंह भोगल, बदीश जिंदल और रजनीश अहूजा समेत कई उद्यमी मौजूद रहे। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed