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Ludhiana News: मंत्री सौंद सहित विपक्षी नेताओं का डोप टेस्ट आया निगेटिव
Sun, 27 Sep 2026 06:37 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना
Updated Sun, 27 Sep 2026 06:37 PM IST
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अकाली नेता ने दी थी टेस्ट की चुनौती
संवाद न्यूज एजेंसी
खन्ना। नशे के मुद्दे पर खन्ना की राजनीति में रविवार को नया मोड़ आया। कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सौंद, अकाली दल के यादविंदर सिंह, भाजपा नेता चिरांशु और कांग्रेस के गुरकीरत सिंह कोटली ने सिविल अस्पताल में डोप टेस्ट करवाया। सभी नेताओं की रिपोर्ट निगेटिव आई।
मंत्री सौंध सुबह 10:55 बजे अस्पताल पहुंचे और अपना टेस्ट करवाया। उनकी रिपोर्ट करीब 15 मिनट बाद निगेटिव आई। इसके कुछ ही समय बाद यादविंदर सिंह, गुरकीरत सिंह कोटली और चिरांशु भी अपने समर्थकों के साथ अस्पताल पहुंचे। उन्होंने भी डोप टेस्ट करवाया और उनकी रिपोर्ट भी निगेटिव रही। मंत्री सौंध ने बताया कि अकाली दल के यादविंदर सिंह यादव ने शनिवार को उन्हें डोप टेस्ट की चुनौती दी थी। उन्होंने इस चुनौती को स्वीकार करते हुए टेस्ट करवाया। मंत्री ने कहा कि विरोधियों के पास कोई मुद्दा नहीं है। उन्होंने यह टेस्ट जनता को गुमराह होने से बचाने के लिए करवाया। अकाली दल के यादविंदर सिंह ने कहा कि उनकी चुनौती डोप टेस्ट को लाइव करवाने की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री उनसे पहले ही टेस्ट करवा चुके थे। विपक्षी नेताओं ने सरकारी अस्पताल में हुए टेस्ट की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। अकाली दल, कांग्रेस और भाजपा नेताओं ने पीजीआई और अंबाला में जांच करवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पताल की रिपोर्ट पर भरोसा नहीं किया जा सकता। नशे के मुद्दे के साथ-साथ खन्ना की राजनीति में विकास पर खुली बहस का मामला भी चर्चा में है। शुक्रवार को नगर कौंसिल की मासिक बैठक के बाद मंत्री सौंध ने विरोधियों को बहस की चुनौती दी थी। कांग्रेस के गुरकीरत सिंह कोटली ने एक वीडियो जारी कर चुनौती स्वीकार की थी। हालांकि, मंत्री सौंध ने बहस की चुनौती पर चुप्पी साधी रखी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
खन्ना। नशे के मुद्दे पर खन्ना की राजनीति में रविवार को नया मोड़ आया। कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सौंद, अकाली दल के यादविंदर सिंह, भाजपा नेता चिरांशु और कांग्रेस के गुरकीरत सिंह कोटली ने सिविल अस्पताल में डोप टेस्ट करवाया। सभी नेताओं की रिपोर्ट निगेटिव आई।
मंत्री सौंध सुबह 10:55 बजे अस्पताल पहुंचे और अपना टेस्ट करवाया। उनकी रिपोर्ट करीब 15 मिनट बाद निगेटिव आई। इसके कुछ ही समय बाद यादविंदर सिंह, गुरकीरत सिंह कोटली और चिरांशु भी अपने समर्थकों के साथ अस्पताल पहुंचे। उन्होंने भी डोप टेस्ट करवाया और उनकी रिपोर्ट भी निगेटिव रही। मंत्री सौंध ने बताया कि अकाली दल के यादविंदर सिंह यादव ने शनिवार को उन्हें डोप टेस्ट की चुनौती दी थी। उन्होंने इस चुनौती को स्वीकार करते हुए टेस्ट करवाया। मंत्री ने कहा कि विरोधियों के पास कोई मुद्दा नहीं है। उन्होंने यह टेस्ट जनता को गुमराह होने से बचाने के लिए करवाया। अकाली दल के यादविंदर सिंह ने कहा कि उनकी चुनौती डोप टेस्ट को लाइव करवाने की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री उनसे पहले ही टेस्ट करवा चुके थे। विपक्षी नेताओं ने सरकारी अस्पताल में हुए टेस्ट की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। अकाली दल, कांग्रेस और भाजपा नेताओं ने पीजीआई और अंबाला में जांच करवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पताल की रिपोर्ट पर भरोसा नहीं किया जा सकता। नशे के मुद्दे के साथ-साथ खन्ना की राजनीति में विकास पर खुली बहस का मामला भी चर्चा में है। शुक्रवार को नगर कौंसिल की मासिक बैठक के बाद मंत्री सौंध ने विरोधियों को बहस की चुनौती दी थी। कांग्रेस के गुरकीरत सिंह कोटली ने एक वीडियो जारी कर चुनौती स्वीकार की थी। हालांकि, मंत्री सौंध ने बहस की चुनौती पर चुप्पी साधी रखी।
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