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Ludhiana News: पीएयू में एससी/बीसी आरक्षण की मांग, धरने की चेतावनी
Wed, 26 Aug 2026 05:38 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना
Updated Wed, 26 Aug 2026 05:38 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
लुधियाना। पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) में शिक्षण पदों पर एससी/बीसी वर्ग के लिए आरक्षण की मांग को लेकर बुधवार को एक मांगपत्र सौंपा गया। पीएयू एससी/बीसी कर्मचारी कल्याण एसोसिएशन ने विश्वविद्यालय प्रशासन को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। चेतावनी दी गई है कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।
एसोसिएशन के संरक्षक हरनेक सिंह ने आरोप लगाया कि पीएयू वर्ष 1962 से एससी/बीसी वर्ग को आरक्षण का लाभ नहीं दे रहा है। इससे उनके सांविधानिक अधिकारों की अनदेखी हो रही है। उन्होंने बताया कि यह मामला पीएयू बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट के अधीन है। हालांकि, बोर्ड इस मामले में लंबे समय से टालमटोल कर रहा है। एसोसिएशन के अध्यक्ष स्वर्ण सिंह ने कहा कि इस नीति से एससी/बीसी वर्ग में भारी रोष है। उन्होंने बताया कि विभिन्न संगठन विश्वविद्यालय परिसर में अनिश्चितकालीन धरना देने का फैसला कर चुके हैं। मांगपत्र लुधियाना के उप आयुक्त को भी भेजा गया है।
हरनेक सिंह के अनुसार, विश्वविद्यालय 1962 से आरक्षण नहीं दे रहा है। इस मुद्दे को लेकर एसोसिएशन लंबे समय से संघर्ष कर रही है। पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग को भी अवगत कराया गया है। एसोसिएशन का आरोप है कि बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट जानबूझकर देरी कर रहा है। इसकी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन और पंजाब सरकार की होगी।
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लुधियाना। पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) में शिक्षण पदों पर एससी/बीसी वर्ग के लिए आरक्षण की मांग को लेकर बुधवार को एक मांगपत्र सौंपा गया। पीएयू एससी/बीसी कर्मचारी कल्याण एसोसिएशन ने विश्वविद्यालय प्रशासन को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। चेतावनी दी गई है कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।
एसोसिएशन के संरक्षक हरनेक सिंह ने आरोप लगाया कि पीएयू वर्ष 1962 से एससी/बीसी वर्ग को आरक्षण का लाभ नहीं दे रहा है। इससे उनके सांविधानिक अधिकारों की अनदेखी हो रही है। उन्होंने बताया कि यह मामला पीएयू बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट के अधीन है। हालांकि, बोर्ड इस मामले में लंबे समय से टालमटोल कर रहा है। एसोसिएशन के अध्यक्ष स्वर्ण सिंह ने कहा कि इस नीति से एससी/बीसी वर्ग में भारी रोष है। उन्होंने बताया कि विभिन्न संगठन विश्वविद्यालय परिसर में अनिश्चितकालीन धरना देने का फैसला कर चुके हैं। मांगपत्र लुधियाना के उप आयुक्त को भी भेजा गया है।
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हरनेक सिंह के अनुसार, विश्वविद्यालय 1962 से आरक्षण नहीं दे रहा है। इस मुद्दे को लेकर एसोसिएशन लंबे समय से संघर्ष कर रही है। पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग को भी अवगत कराया गया है। एसोसिएशन का आरोप है कि बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट जानबूझकर देरी कर रहा है। इसकी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन और पंजाब सरकार की होगी।
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