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होजरी फैक्टरी में भीषण आग, 14 घंटे में पाया काबू

Sun, 14 Feb 2016 09:39 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/लुधियाना
ब्यूरो, अमर उजाला/लुधियाना Updated Sun, 14 Feb 2016 09:39 PM IST
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hosiery factory, fire
समराला चौक के पास स्थित मोहल्ला बेअंत पुरा की गली नंबर एक के अंदर बनी पुनीत होजरी मिल में रविवार तड़के आग लग गई। देखते ही देखते आग ने भयंकर रुप धारण कर लिया। इस दौरान फैक्टरी के अंदर तीन मुलाजिम काम कर रहे थे, जिन्होंने आग पर काबू पाने की कोशिश की।
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जब वह कामयाब नहीं हो सके तो उन्होंने पहली मंजिल पर लगी ग्रिल तोड़ी और बाहर कूद गए। इससे मुलाजिम गौतम पंडित घायल हो गया। जिसे सीएमसी अस्पताल में भरती करवाया गया। दो अन्य मजदूर अशोक कुमार और सोनी शर्मा को मामूली चोटें आईं। सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड की आठ गाड़ियों ने करीब सौ चक्कर लगा पानी आग पर डाला। शाम साढ़े सात बजे आग पर काबू पाया गया। आग से फैक्टरी में तैयार पड़ा करोड़ों रुपये का माल और मशीनें जलकर राख हो गईं। आग बुझाने के काम में दमकल विभाग के करीब पचास कर्मचारी जुटे हुए थे।
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बेअंत पुरा मोहल्ला स्थित पुनीत फैक्टरी के मालिक संजीव धीर ने कहा कि उनकी फैक्टरी में स्वेटर, जैकेट और गर्म कपड़े सामान बनाया जाता है। करीब ढाई सौ मुलाजिम फैक्टरी में काम करते हैं। शनिवार को छुट्टी कर सब अपने घर चले गए थे। गौतम पंडित, अशोक कुमार और सोनी शर्मा नाइट ड्यूटी कर रहे थे। रविवार सुबह करीब साढ़े चार बजे फैक्टरी में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने भयंकर रुप धारण कर लिया।
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तीनों मुलाजिमों ने आग पर काबू पाने की कोशिश की, जब वह कामयाब नहीं हुए तो उन्होंने मेन गेट से बाहर निकलने की कोशिश की। वहां आग की लपटें तेज होने के कारण वह ऊपर चले गए, मगर आग तेजी से फैलती जा रही थी। तीनों मुलाजिमों ने पिछली गली में निकलने वाली खिड़की को तोड़ा और कूद गए। इसी दौरान किसी ने इसकी जानकारी फैक्टरी मालिक और फायर ब्रिगेड को दी। 

घ्ारों में आई दरार
पुनीत होजरी में लगी आग की वजह से पीछे वाली गली में स्थित तीन घरों में भी दरारें आ गई। मकान मालिकों ने कमरों में से सामान निकलवाकर अन्य दोस्तों के घर रखवाया। आग की लपटें देख सारा मोहल्ला सुबह छह बजे ही अपने घरों से बाहर निकल आया। उन्होंने भी पानी डाल आग पर काबू पाने की कोशिश की।

फिर सामने आई तंग गलियों की दिक्कत
जिस जगह पर पुनीत होजरी मिल बनी हुई है, उसकी गलियां काफी तंग है। मेन गली में तो फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंच गई, लेकिन फैक्टरी तक गाड़ियों को पहुंचने में काफी मुश्किल आई। जिस वजह से गाड़ियां बाहर ही खड़ी कर कर्मचारियों ने पाइप लंबी कर आग पर पानी डाला। तंग गलियों की वजह से फायर ब्रिगेड की छोटी गाड़ियां भी मौके पर पहुंच गई थी।

धुआं बाहर निकलने के लिए दीवार तोड़ी
फैक्टरी में आग काफी बढ़ चुकी थी। जिस वजह से धुएं को बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिल पा रहा था। इसी कारण फायर कर्मचारियों को भी कुछ नजर नहीं आ रहा था। फायर कर्मचारियों ने जेसीबी मशीन की मदद से मेन गेट के ऊपर बनी खिड़कियों को तोड़ कर अंदर पानी डाला, जबकि साथ वाली फैक्टरी के साथ लगी दीवार को भी तीन जगह से तोड़ा गया। पीछे मोहल्ले में से भी कई जगह से खिड़कियां और दीवार तोड़ी गई। आग लगने की सूचना फैक्टरी मालिकों को मिली तो उनका सारा परिवार यहां तक महिलाएं भी फैक्टरी के बाहर पहुंच गई। लोग फैक्टरी मालिकों को सांत्वना दे रहे थे।

फायर ब्रिगेड पर आरोप
इस दौरान फैक्टरी मालिकों ने आरोप लगाए कि फायर ब्रिगेड विभाग के पास मुलाजिमों की कमी थी, जिस कारण एक गाड़ी काफी देर तक बंद रही। वहीं जिला फायर अफसर भूपिंदर सिंह ने इन आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि फायर विभाग के करीब पचास से साठ मुलाजिम आग पर काबू पाने के लिए अपनी जान लड़ा रहे थे।

उन्होंने कहा कि गलियां तंग और फैक्टरी के अंदर कोई और रास्ता न होने की वजह से मुलाजिमों को कुछ दिक्कत जरूर आई, लेकिन उन्होंने अपनी जान जोखिम में डाल कर आग पर काबू पाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि फैक्टरी के अंदर फायर सिस्टम लगा है या नहीं, अभी जांच नहीं की गई है। आग पर काबू पाए जाने के बाद इसकी भी जांच की जा जाएगी। अगर फायर सिस्टम नहीं लगा तो फैक्टरी मालिकों पर बनती कार्रवाई की जाएगी।  


लुधियाना में होजरी फैक्टरी में आग, लाखों का माल जला
लुधियाना। बहादुर के रोड स्थित एक होजरी फैक्टरी में रविवार सुबह अचानक आग लग गई। आग की लपटें दूर-दूर तक दिखाई दे रही थी। फैक्टरी में काम करने वाले अयूब आलम ने इसकी जानकारी मालिक नरेश जैन को दी। नरेश ने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचित किया। सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंची, जिन्होंने दो घंटे बाद आग पर काबू पा लिया। आशंका जताई जा रही है कि आग शार्ट सर्किट की वजह से लगी है।


नरेश कुमार जैन के मुताबिक उनकी फैक्टरी में स्वैटर बनाए जाते है। शनिवार को वह फैक्टरी बंद कर अपने घर चले गए थे। अयूब आलम फैक्टरी की रखवाली कर रहा था। रविवार सुबह करीब आठ बजे फैक्टरी में आग लग गई। अयूब ने धुआं निकलता देख शोर मचा दिया। इसी दौरान आस-पास के लोगों ने आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन वह कामयाब नहीं हो सके। नरेश जैन के मुताबिक फैक्टरी में पड़ा सारा माल और मशीनें जलकर राख हो गई हैं। उनका करीब साठ लाख रुपये का नुकसान हुआ है। 
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