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नकली सीबीआई वाले बन अचार फैक्टरी मालिक से पैसे ऐंठे
ब्यूरो, अमर उजाला/लुधियाना
Updated Tue, 12 Jan 2016 09:47 PM IST
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अचार फैक्टरी के मालिक को ठगने के लिए उसी के 11 साल पुराने ड्राइवर ने ग्राहक के साथ मिल कर साजिश रची। ग्राहक ने ड्राइवर को अकाली दल के एक प्रधान और डीआईजी से मिलवाया। इसके बाद उन्होंने सीबीआई वाले बनकर फैक्टरी मालिक को धमकाकर 40 हजार रुपये ऐंठ लिए। जब फैक्टरी मालिक ने आसानी से उन्हें पैसे दे दिए तो उनका लालच बढ़ गया। उन्होंने फैक्टरी मालिक को धमकाकर 10 लाख रुपये मांगे। लालच ने आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
पकड़े गए आरोपियों में ड्राइवर कुलदीप सिंह, ग्राहक सेवा सिंह, अकाली दल प्रधान परविंदर सिंह और डीआईजी होमगार्ड के गनमैन मंजीत सिंह शामिल है। आरोपियों को मंगलवार को अदालत में पेश किया गया। जहां से उन्हें एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
राकेश कुमार ने बताया कि उसकी सलेम टाबरी इलाके में मारुति फूड नाम की अचार फैक्टरी है। कुलदीप सिंह उसके पास पिछले 11 साल से ड्राइवर है। वह अलग-अलग जगहों पर अचार पहुंचाकर आता था। समराला का रहने वाला सेवा सिंह उसका ग्राहक है, जो काफी समय से उससे अचार खरीदता आ रहा है। कुलदीप और सेवा सिंह ने मिलकर उससे धोखाधड़ी का प्लान बनाया। इस प्लान में सेवा सिंह ने अपने जानकार अकाली दल के वार्ड का प्रधान परविंदर सिंह को और डीआईजी घुम्मन होमगार्ड के गनमैन मंजीत सिंह को भी मिला लिया।
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राकेश ने बताया कि चार जनवरी को कुलदीप सिंह छोटे हाथी पर अचार की सप्लाई देने गया था। कुछ देर बाद उसका फोन आया कि उसे सीबीआई ने पकड़ लिया है और उसे व गाड़ी को थाने ले आए हैं। वह सेवा सिंह को फोन करें और उसे छुड़वाने को कहें। इसके बाद उसने सेवा सिंह को कॉल किया। सेवा सिंह ने आगे मामला संभालने का आश्वासन दिया। कुछ देर बाद सेवा सिंह ने फोन कर कहा कि सीबीआई वालों से बात हो गई है, वह उसके ऑफिस आ रहे हैं। उन्होंने गाड़ी और ड्राइवर को छोड़ने के लिए 50 हजार की मांग की है। उसके पास 40 हजार रुपये थे। सीबीआई वाले बनकर आए परविंदर और मंजीत सिंह को उसने 40 हजार रुपये दे दिए, जिसके बाद उन्होंने कुलदीप को छोड़ दिया, लेकिन गाड़ी नहीं छोड़ी। उन्होंने कहा कि गाड़ी अगले दिन छोड़ेंगे।
राकेश के मुताबिक 40 हजार रुपये देने पर आरोपियों का लालच बढ़ गया। उन्होंने ज्यादा पैसे ऐंठने चाहे। अगले दिन सेवा सिंह का फोन आया कि अब सीबीआई वाले 10 लाख रुपये मांग रहे हे। उसने कहा कि सीबीआई वालों का कहना है कि उनका अचार घटिया क्वालिटी का है। अगर पैसे न दिए तो केस बना देंगे। इसके बाद उसने पुलिस को शिकायत दी। थाना जोधेवाल की पुलिस ने ट्रैप लगा कर चारों आरोपियों को सोमवार देर शाम गिरफ्तार कर लिया।
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पकड़े गए आरोपियों में ड्राइवर कुलदीप सिंह, ग्राहक सेवा सिंह, अकाली दल प्रधान परविंदर सिंह और डीआईजी होमगार्ड के गनमैन मंजीत सिंह शामिल है। आरोपियों को मंगलवार को अदालत में पेश किया गया। जहां से उन्हें एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
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राकेश कुमार ने बताया कि उसकी सलेम टाबरी इलाके में मारुति फूड नाम की अचार फैक्टरी है। कुलदीप सिंह उसके पास पिछले 11 साल से ड्राइवर है। वह अलग-अलग जगहों पर अचार पहुंचाकर आता था। समराला का रहने वाला सेवा सिंह उसका ग्राहक है, जो काफी समय से उससे अचार खरीदता आ रहा है। कुलदीप और सेवा सिंह ने मिलकर उससे धोखाधड़ी का प्लान बनाया। इस प्लान में सेवा सिंह ने अपने जानकार अकाली दल के वार्ड का प्रधान परविंदर सिंह को और डीआईजी घुम्मन होमगार्ड के गनमैन मंजीत सिंह को भी मिला लिया।
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राकेश ने बताया कि चार जनवरी को कुलदीप सिंह छोटे हाथी पर अचार की सप्लाई देने गया था। कुछ देर बाद उसका फोन आया कि उसे सीबीआई ने पकड़ लिया है और उसे व गाड़ी को थाने ले आए हैं। वह सेवा सिंह को फोन करें और उसे छुड़वाने को कहें। इसके बाद उसने सेवा सिंह को कॉल किया। सेवा सिंह ने आगे मामला संभालने का आश्वासन दिया। कुछ देर बाद सेवा सिंह ने फोन कर कहा कि सीबीआई वालों से बात हो गई है, वह उसके ऑफिस आ रहे हैं। उन्होंने गाड़ी और ड्राइवर को छोड़ने के लिए 50 हजार की मांग की है। उसके पास 40 हजार रुपये थे। सीबीआई वाले बनकर आए परविंदर और मंजीत सिंह को उसने 40 हजार रुपये दे दिए, जिसके बाद उन्होंने कुलदीप को छोड़ दिया, लेकिन गाड़ी नहीं छोड़ी। उन्होंने कहा कि गाड़ी अगले दिन छोड़ेंगे।
राकेश के मुताबिक 40 हजार रुपये देने पर आरोपियों का लालच बढ़ गया। उन्होंने ज्यादा पैसे ऐंठने चाहे। अगले दिन सेवा सिंह का फोन आया कि अब सीबीआई वाले 10 लाख रुपये मांग रहे हे। उसने कहा कि सीबीआई वालों का कहना है कि उनका अचार घटिया क्वालिटी का है। अगर पैसे न दिए तो केस बना देंगे। इसके बाद उसने पुलिस को शिकायत दी। थाना जोधेवाल की पुलिस ने ट्रैप लगा कर चारों आरोपियों को सोमवार देर शाम गिरफ्तार कर लिया।